राज्यपाल डॉ.श्रीमती कमला ने कहा कि युवाओं को आसमान में ऊंची उड़ान भरने वाली पतंग से सीख लेकर देश को बुलन्दी पर पहंुचाने की दिशा में काम करना चाहिए। मुख्यमंत्री नरेन्द्रमोदी ने कहा कि मकर संक्रान्ति प्रगति को गतिशील होनेे का पर्व है। श्रीमती कमला व मोदी मंगलवार को यहां अन्तरराष्ट्रीय पतग महोत्सव के प्रतिस्पर्धियों के पुरस्कार वितरण समारोह को सम्बोधित कर रहे थे।

श्रीमती कमला ने पंतग महोत्सव को अपने आप में एक अनोखा उत्सव बताते हुए कहा कि पंतग सिर्फ कागज का टुकड़ा या हवा में उड़ने वाली चीज नही है, बल्कि पतंग लोगों के आपसी जुड़ाव का भावनात्मक सन्देश भी देती है। आजादी मिलने के बाद कई लोगों ने देश को एक सूत्र में बांधे रखने का काम किया। युवाओं को चाहिए कि वे ज्यादा से ज्यादा आधुनिक तकनीक को अपना कर राष्ट्र व राज्य की प्रगति में योगदान दें। देश या राज्य को निरन्तर विकास की दिशा देना हम सबका दायित्व है। इसमें आपसी खींच तान आड़े नही आनी चाहिए।

श्री मोदी ने कहा अगले साल पतंग पर आधारित गीतों की प्रतियोगिता भी आयोजित होगी। जीवन की सच्ची उमंग नई-नई ऊंचाइंया हासिल करने में है। मकर संक्रान्ति के मौके पर आसमान पर उड़ाई जाने वाली पंतग नई ऊंचाई छूने की प्रेरणा देती है। मकर संक्रान्ति का पर्व सूर्य की प्रेरणा से प्रगति की तरफ गति करने का उत्सव है। नवरात्रि महोत्सव,रणोत्सव, गिर के सिंह दर्शन व द्वारिका, सोमनाथ जैसे पर्यटन स्थलो ने पर्यटन क्षेत्र में नई पहचान दिलाई है।

राज्य का पतंग उद्योग भी रोजगार के अवसर दिलाने में नई ऊंचाइयां हासिल कर रहा है। यही कारण है कि कुछ वर्षो तक 30-35 करोड़ रूपए तक सिमटा पतंग उद्योग पिछले वर्षो में 400 करोड़ तक पहंुच गया। इस उद्योग के करीब सात सौ करोड़ तक पहंुच जाने की संभावना है। इसकी प्रगति के लिए एनआईडी जैसी संस्थाओं के विद्यार्थी नई डिजाइन की पतंगे प्रस्तुत करके इस व्यवसाय को अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर पहंुचाने में सहायता कर सकते हैं। अगले साल पतंग पर आधारित गीतों की प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। पतंग गीत ऎसे होने चाहिए जो स्वास्थ्य, ग्लोबल वार्मिंग जैसे मुद्दों पर लोगों के लिए प्रेरणा दायक हों।

गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी भी खुद को पतंगबाजी से दूर नहीं रख सके। श्री मोदी ने अहमदाबाद के साबरमती रिवरफ्रंट में चल रहे 21वें अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव में हिस्सा लिया।

श्री मोदी ने न सिर्फ पतंग उड़ाई बल्कि फस्टिवल का भरपूर लुत्फ उठाया। श्री मोदी ने कहा कि राज्य का पतंग व्यापार अगले पांच सालों में 700 करोड़ रूपए पहुंचाए जाने की योजना है। मौजूदा समय में पतंग कारोबार 400 करोड़ रूपए का है। मोदी ने यह भी घोषणा की कि अगले साल महोत्सव में पतंगों पर बेस्ट स्लोगन, सॉन्ग और फिल्मों की प्रतिस्पर्घा कराई जाएगी।

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