आज चैस की दुनिया में एक नया रिकार्ड प्रस्थापित करने वाली गुजरात की गौरवपूर्ण बेटी, ध्यानी, मंच पर बिराजमान सभी महानुभाव और गुजरात के कोने-कोने से आयी हुई, इस शतरंज के खेल में अपना सामर्थ्य दिखाने वाली सभी बहनें, मैं आप सबका हृदय से अभिनंदन करता हूँ! क्योंकि सामान्य छवि है कि ये काम महिला नहीं कर सकती, फलाना काम महिला नहीं कर सकती, ढिकना काम महिला नहीं कर सकती...! ये शतरंज के विषय में भी यही सोच थी, आज उस सोच को बदलने का काम आप सब बहनों ने किया है इसलिए मैं आपका अभिनंदन करता हूँ। एक साथ एक छत के नीचे 4000 बहनें इस शतरंज के खेल में शरीक हों, यह अपने आप में विश्व की सबसे बड़ी घटना है और वह आज गांधीनगर के अंदर विश्वनाथ आंनद की उपस्थिति में संपन्न होने जा रही है। आज ये भी खुशी की बात है, करीब 148 प्रज्ञाचक्षु उन बहनों ने शतरंज के खेल में अपना नाम दर्ज करवाया है और उन्होंने भी आज वर्ल्ड रिकार्ड प्रस्थापित कर दिया। तो अपने आप में आज का अवसर गुजरात के लिए, गुजरात सरकार के लिए और नारी शक्ति के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर के रूप में जाना जाएगा।

हमारे देश में यह स्पष्ट माना गया है कि जब-जब मानव जाति ने ज्ञान युग में प्रवेश किया है भारत ने मानव जाति का नेतृत्व किया है। 21वीं सदी ज्ञान की सदी है और शतरंज, ज्ञान की दुनिया का एक बहुत ही धैर्यपूर्ण खेल है, ये ‘वॉर ऑफ नर्व्स’ है। योगिक दुनिया में जितना ध्यान केन्द्रित करना पड़ता है, उससे ज्यादा चैस के खेल में करना पड़ता है। और एक प्रकार से इस ज्ञान तंतुओं की लड़ाई में विजयी होना सबसे बड़ी ताकत होती है और जो ज्ञान तंतुओं की लड़ाई जीत जाते हैं, वो शरीर से लडऩे वाली किसी लड़ाई को कभी भी हारते नहीं हैं। ये अपने आप में उनको ताकत प्राप्त होती है। शतरंज उस प्रकार का सामर्थ्य देती है। पूरे विश्व में नई पीढ़ी में फ्रस्ट्रेशन का दौर आने की चर्चा हो रही है। मनोवैज्ञानिक रूप से ये बातें होती हैं कि नई पीढ़ी के लोगों को अपने मन के एंगर को निकालने के लिए कोई जगह नहीं होती, अपने ग्रिवेन्सिस बताने के लिए कोई जगह नहीं होती, कोई रास्ता नहीं सुझता है और तब जाकर के कभी-कभी नई पीढ़ी के नौजवान आत्महत्या की ओर चले जाते हैं। पेपर ठीक नहीं गया, एक्ज़ाम में कुछ गड़बड़ हो गई तो आत्महत्या करने का मन करता है, कभी मां-बाप ने कुछ कह दिया तो आत्महत्या करने का मन करता है, कभी स्कूल में टीचर ने कुछ कह दिया, आत्महत्या करने का मन करता है। लेकिन जो शतरंज खेलता है उसमें, ऐसे कितने घाव क्यों ना आए, बड़े आराम से झेलने का सामर्थ्य होता है, वो कभी भी अपना संतुलन खोता नहीं है, अपने धैर्य को खोता नहीं है और वो कभी भी इस प्रकार के पाप का हिस्सेदार नहीं बनता है, यह ताकत है इस खेल की..!

हमारे यहाँ ये शब्द प्रयोग हुआ है, ‘शत-रंज’। ये ‘शतरंज’ शब्द बहुत समझदारी के साथ विकसित हुआ है। ‘रंज’ यानि मन के भीतर के सारे फ्रस्ट्रेशन्स, जो 100 टाइप ऑफ फ्रस्टेशन को रिमूव करता है, जब ‘शत’ ‘रंज’ को दूर करता है, वो शतरंज होता है। ये शतरंज का सामर्थ्य होता है, और इसलिए शतरंज का खेल सामने वाले को पराजित करने के लिए जितनी ताकत रखता है, उससे ज्यादा अपने आपको जीतने की ताकत देने वाला ये खेल है। ये अकेला खेल ऐसा है, जो मनुष्य खुद पर विजय प्राप्त करता रहता है। स्वयं पर विजय दिलाने वाला अगर कोई खेल है तो उस खेल का नाम शतरंज है। और इसलिए गुजरात सरकार की कोशिश है कि इस खेल को और बढ़ावा मिले, ये खेल परिवार का हिस्सा बने, जीवन का हिस्सा बने, स्कूल के सिलेबस का हिस्सा बने और शतरंज हमारी उल्झनों से मुक्ति पाने के लिए रास्ता दिखाने वाला एक खेल बन जाए, इस प्रकार का हमारा ये प्रयास है।

रशिया के अंदर ये कास्परोव जिस राज्य से आते हैं और वो भी ‘ग्रैंड मास्टर’ में हमारे आनंद के खिलाफ हर बार मुकाबले में आते भी हैं और पराजित होकर जाने का उनको सौभाग्य भी मिलता है। वो जिस राज्य से आते हैं, वो राज्य बुद्ध परंपरा का राज्य रहा है और पिछले सात सौ वर्षों से वहाँ की राज्य व्यवस्था ने शतरंज को स्कूलों में कम्पलसरी किया हुआ है। हर परिवार में, उस स्टेट में, बुद्धिस्ट परंपरा के कारण शतरंज खेला जाता है, और आज भी रशिया में जितने भी इस खेल के अंदर लोग आए हैं उसी एक इलाके से आए हैं। और पूरे रशिया में सब राज्यों में जो क्राइम रेट है, उसमें सबसे कम क्राइम रेट अगर कहीं पर है तो उस राज्य में है जहाँ शतरंज कम्पलसरी है, यह शतरंज की ताकत है। भाईयों और बहनों, हम गुजरात में जीवन बदलने के लिए शतरंज को एक माध्यम बना करके जन जीवन में जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। और उस दिशा में आप लोगों का इस प्रकार का हिस्सेदार होना, इसमें जुडऩा, यह अपने आप में एक नया उमंग और उत्साह दिखा रहा है।

भाईयों और बहनों, यहाँ आए हुए बालक कोई पांचवी कक्षा के हैं, कोई सिक्स्थ स्टैन्डर्ड के हैं, कोई सेवन्थ के हैं, कोई एइट्थ के हैं, कोई नाइन्थ के हैं। स्कूल के छोटे-छोटे बालक हैं। ये वो बालक हैं जिनको आज वोट देने का अधिकार नहीं है, चुनाव में हिस्सेदारी का उनको अधिकार नहीं है, ऐसे बालक हैं। लोग मुझे सवाल पूछते हैं कि मोदीजी, ये चुनाव का वर्ष है, दो-तीन महीने के बाद चुनाव आने वाले हैं, आप अपना ध्यान मतदाताओं पर केन्द्रित कीजिए..! भाईयों-बहनों, मेरे लिए गुजरात महत्वपूर्ण है, ये छोटे-छोटे बालक भले ही वो मतदाता ना हों, लेकिन वो गुजरात का भविष्य है और इसलिए सरकार के लिए इनके साथ जुड़ना प्राथमिकता है।

मैं इन दिनों दो प्रकार के टी.वी. समाचार देखता रहता हूँ। अखबार देखें, टी.वी. देखें, दिल्ली में जो भ्रष्टाचार चल रहा है उसकी कथाएं आती रहती हैं। रोज नया एक भ्रष्टाचार की कथा आती है। ये सभी नौजवानों के मन में ये सवाल उठता होगा कि ये क्या हो रहा है..? और दूसरी तरफ, कुछ लोग एडवर्टाइज़मेंट देते हैं, पैसों से खेल खेले जा रहे हैं। एडवर्टाइज़मेंट देते हैं ‘दिशा बदलो, दशा बदलेगी’..! मैं उन लोगों को कहना चाहता हूँ, मेरे मीडिया के मित्रों को कहना चाहता हूँ कि इस द्रश्य को देखो, चार हजार से अधिक कन्याएं पूरे विश्व में हिंदुस्तान का नाम रोशन कर रही हैं, पूरे विश्व में रिकार्ड बना रही हैं। प्रधानमंत्रीजी, अगर आप गुजरात की दिशा पकड़ लोगे तो देश की दशा भी बदल जाएगी। गुजरात की दिशा पकड़ो, मैं विश्वास दिलाता हूँ देश की दशा बदल जाएगी..! आप गलत दिशा में हो इसलिए देश की दुर्दशा हो रही है। मेरे नौजवान भाईयों और बहनों, आपको वोट देने का अधिकार हो या ना हो लेकिन मैं आपको भरोसा देता हूँ, आप जब बड़े होंगे तब हम आपके हाथ में एक ऐसा गुजरात देकर जाएंगे ताकि आप भी गौरव करें, आपके जीवन के सारे सपने पूरे हों, ऐसा गुजरात आपके हाथों में देने का प्रयास है, उस दिशा में हम प्रयास कर रहे हैं। एक चैतन्यवान, सामर्थ्यवान गुजरात का सपना लेकर हम काम कर रहे हैं। ये ‘महात्मा मंदिर’ जिस जगह पर आप बैठे हैं, यह हमारे ही देश के कारीगरों ने बनाया है। 182 दिवसों में बनाया है, 182 दिन, हंड्रेड एंड एइटी टू डेज़ में, हार्डली सिक्स मंथ्स। ये ताकत हमारे देश में है। उस ताकत को उजागर करने का काम ये गुजरात करता है।

मैं फिर एक बार आप सब को बधाई देता हूँ, आपका बहुत बहुत अभिनंदन करता हूँ। बहन ध्यानी को बहुत बधाई देता हूँ, जो उसने आज फिर एक नया रिकार्ड स्थापित कर दिया। वो हर बार अपना ही रिकार्ड तोड़ती चली जा रही है। पुराने अपने रिकार्ड को तोड़ करके आज उसने अपना एक नया रिकार्ड बना दिया। मैं विश्वनाथन आनंद का बहुत आभारी हूँ कि वे आज आएं और गुजरात की चेस की दुनिया में जो हमारी एक कशमकश चल रही है, कुछ करने की कोशिश चल रही है, उसमें लगातार वो हमारा साथ दे रहे हैं उसके लिए मैं उनका भी बहुत अभिनंदन करता हूँ। मैं आदरणीय आडवाणी जी का विशेष रूप से आभार व्यक्त करता हूँ कि पार्लियामेंट चालू होने के बावजूद भी, दिल्ली में इतना बड़ा घमासान चल रहा है तो भी पूरे विश्व में देश को गौरव दिलाने वाली इस घटना में वे यहाँ आए, शरीक हुए, हमें आशीर्वाद दिए, मैं उनका बहुत-बहुत आभारी हूँ..!

 

भारत माता की जय...!!

पूरी ताकत से बोलो दोस्तों, मुठ्ठी बंद करके हाथ ऊपर करके बोलो,

भारत माता की जय...!! भारत माता की जय...!! भारत माता की जय...!! भारत माता की जय...!!

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विकसित बिहार मेरा संकल्प और मिशन: पीएम मोदी
March 02, 2024
लगभग 1.48 लाख करोड़ रुपये की कई तेल और गैस परियोजनाएं राष्ट्र को समर्पित कीं और शिलान्यास किया
बिहार में 13,400 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया और आधारशिला रखी
बरौनी में हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड (एचयूआरएल) उर्वरक संयंत्र का उद्घाटन किया
लगभग 3917 करोड़ रुपये की कई रेलवे परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया
देश में पशुधन के लिए डिजिटल डेटाबेस - 'भारत पशुधन' राष्ट्र को समर्पित किया
'1962 किसान ऐप' लॉन्च किया
"डबल इंजन सरकार की ताकत से बिहार उत्साह और आत्मविश्वास से भरा है"
"अगर बिहार विकसित होगा तो भारत भी विकसित होगा"
"इतिहास गवाह है कि जब बिहार और पूर्वी भारत समृद्ध रहा, तब भारत भी सशक्त रहा है"
“सच्चा सामाजिक न्याय 'संतुष्टिकरण' से मिलता है, 'तुष्टिकरण' से नहीं
"डबल इंजन सरकार के दोहरे प्रयास से बिहार का विकास होना तय है"

बिहार के राज्यपाल श्रीमान राजेंद्र अर्लेकर जी, मुख्यमंत्री श्रीमान नीतीश कुमार जी, मंत्रिमंडल के मेरे सहयोगी गिरिराज सिंह जी, हरदीप सिंह पुरी जी, उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा जी, सम्राट चौधरी जी, मंच पर विराजमान अन्य सभी महानुभाव और बेगुसराय से पधारे हुए उत्साही मेरे प्यारे भाइयों और बहनों।

जयमंगला गढ़ मंदिर और नौलखा मंदिर में विराजमान देवी-देवताओं को मैं प्रणाम करता हूं। मैं आज विकसित भारत के लिए विकसित बिहार के निर्माण के संकल्प के साथ बेगुसराय आया हूं। ये मेरा सौभाग्य है कि इतनी विशाल संख्या में आप जनता-जनार्दन, आपके दर्शन करने का मुझे सौभाग्य मिला है।

साथियों,

बेगूसराय की ये धरती प्रतिभावान युवाओं की धरती है। इस धरती ने हमेशा देश के किसान और देश के मज़दूर, दोनों को मजबूत किया है। आज इस धरती का पुराना गौरव फिर लौट रहा है। आज यहां से बिहार सहित, पूरे देश के लिए 1 लाख 60 हज़ार करोड़ रुपए उससे भी अधिक के प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है, डेढ़ लाख करोड़ से भी ज्यादा। पहले ऐसे कार्यक्रम दिल्ली के विज्ञान भवन में होते थे, लेकिन आज मोदी दिल्ली को बेगुसराय ले आया है। और इन योजनाओं में करीब-करीब 30 हज़ार करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स सिर्फ और सिर्फ ये मेरे बिहार के हैं। एक ही कार्यक्रम में सरकार का इतना बड़ा निवेश ये दिखाता है कि भारत का सामर्थ्य कितना बढ़ रहा है। इससे बिहार के नौजवानों को यहीं पर नौकरी के, रोजगार के अनेकों नए अवसर बनेंगे। आज के ये प्रोजेक्ट, भारत को दुनिया की तीसरी बड़ी आर्थिक महाशक्ति बनाने का माध्यम बनेंगे। आप रूकिए भैया बहुत हो गया आपका प्यार मुझे मंजूर है, आप रूकिए, आप बैठिए, आप चेयर पर से नीचे आ जाइए, प्लीज, मेरी आपसे प्रार्थना है, आप बैठिए...हां। आप बैठ जाइए, वो कुर्सी पर बैठ जाइए आराम से, थक जाएंगे। आज की ये परियोजनाएं, बिहार में सुविधा और समृद्धि का रास्ता बनाएंगी। आज बिहार को नई ट्रेन सेवाएं मिली हैं। ऐसे ही काम है, जिसके कारण आज देश पूरे विश्वास से कह रहा है, बच्चा-बच्चा कह रहा है, गांव भी कह रहा है, शहर भी कह रहा है- अबकी बार...400 पार!, अबकी बार...400 पार!, अबकी बार...400 पार! NDA सरकार...400 पार!

साथियों,

2014 में जब आपने NDA को सेवा का अवसर दिया, तब मैं कहता था कि पूर्वी भारत का तेज़ विकास ये हमारी प्राथमिकता है। इतिहास गवाह रहा है, जब-जब बिहार और ये पूर्वी भारत, समृद्ध रहा है, तब-तब भारत भी सशक्त रहा है। जब बिहार में स्थितियां खराब हुईं, तो देश पर भी इसका बहुत बुरा असर बड़ा। इसलिए मैं बेगुसराय से पूरे बिहार की जनता को कहता हूं- बिहार विकसित होगा, तो देश भी विकसित होगा। बिहार के मेरे भाई-बहन, आप मुझे बहुत अच्छी तरह जानते हैं, और जब आपके बीच आया हूं तो मैं दोहराना चाहता हूं- ये वादा नहीं है- ये संकल्प है, ये मिशन है। आज जो ये प्रोजेक्ट बिहार को मिले हैं, देश को मिले हैं, वो इसी दिशा में बहुत बड़ा कदम हैं। इनमें से अधिकतर पेट्रोलियम से जुड़े हैं, फर्टिलाइज़र से जुड़े हैं, रेलवे से जुड़े हैं। ऊर्जा, उर्वरक और कनेक्टिविटी, यही तो विकास का आधार हैं। खेती हो या फिर उद्योग, सब कुछ इन्हीं पर निर्भर करता है। और जब इन पर तेजी से काम चलता है, तब स्वाभाविक है रोजगार के अवसर भी बढ़ते हैं, रोजगार भी मिलता है। आप याद कीजिए, बरौनी का जो खाद कारखाना बंद पड़ चुका था, मैंने उसे फिर से चालू करने की गारंटी दी थी। आपके आशीर्वाद से मोदी ने वो गारंटी पूरी कर दी। ये बिहार सहित पूरे देश के किसानों के लिए बहुत बड़ा काम हुआ है। पुरानी सरकारों की बेरुखी के कारण, बरौनी, सिंदरी, गोरखपुर, रामागुंडम, वहां जो कारखाने थे, वो बंद पड़े थे, मशीन सड़ रहे थे। आज ये सारे कारखाने, यूरिया में भारत की आत्मनिर्भरता की शान बन रहे हैं। इसलिए तो देश कहता है- मोदी की गारंटी यानि गारंटी पूरा होने की गारंटी। मोदी की गारंटी यानि गारंटी जे पूरा होय छय !

साथियों,

आज बरौनी रिफाइनरी की क्षमता के विस्तार का काम शुरु हो रहा है। इसके निर्माण के दौरान ही, हजारों श्रमिकों को महीनों तक लगातार रोजगार मिला। ये रिफाइनरी, बिहार में औद्योगिक विकास को नई ऊर्जा देगी और भारत को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगी। मुझे आपको ये बताते हुए खुशी है कि बीते 10 साल में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस से जुड़े 65 हज़ार करोड़ रुपए से अधिक के प्रोजेक्ट्स बिहार को मिले हैं, जिनमें से अनेक पूरे भी हो चुके हैं। बिहार के कोने-कोने में जो गैस पाइपलाइन का नेटवर्क पहुंच रहा है, इससे बहनों को सस्ती गैस देने में मदद मिल रही है। इससे यहां उद्योग लगाना आसान हो रहा है।

साथियों,

आज हम यहां आत्मनिर्भर भारत से जुड़े एक और ऐतिहासिक पल के साक्षी बने हैं। कर्नाटक में केजी बेसिन के तेल कुओं से तेल का उत्पादन शुरु हो चुका है। इससे विदेशों से कच्चे तेल के आयात पर हमारी निर्भरता कम होगी।

साथियों,

राष्ट्रहित और जनहित के लिए समर्पित मजबूत सरकार ऐसे ही फैसले लेती है। जब परिवारहित और वोटबैंक से बंधी सरकारें होती हैं, तो वो क्या करती हैं, ये बिहार ने बहुत भुगता है। अगर 2005 से पहले के हालात होते तो बिहार में हज़ारों करोड़ की ऐसी परियोजनाओं के बारे में घोषणा करने से पहले सौ बार सोचना पड़ता। सड़क, बिजली, पानी, रेलवे की क्या स्थिति थी, ये मुझसे ज्यादा आप जानते हैं। 2014 से पहले के 10 वर्षों में रेलवे के नाम पर, रेल के संसाधनों को कैसे लूटा गया, ये पूरा बिहार जानता है। लेकिन आज देखिए, पूरी दुनिया में भारतीय रेल के आधुनिकीकरण की चर्चा हो रही है। भारतीय रेल का तेज़ी से बिजलीकरण हो रहा है। हमारे रेलवे स्टेशन भी एयरपोर्ट की तरह सुविधाओँ वाले बन रहे हैं।

साथियों,

बिहार ने दशकों तक परिवारवाद का नुकसान देखा है, परिवारवाद का दंश सहा है। परिवारवाद और सामाजिक न्याय, ये एक दूसरे के घोर विरोधी हैं। परिवारवाद, विशेष रूप से नौजवानों का, प्रतिभा का, सबसे बड़ा दुश्मन है। यही बिहार है, जिसके पास भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर जी की एक समृद्ध विरासत है। नीतीश जी के नेतृत्व में NDA सरकार, यहां इसी विरासत को आगे बढ़ा रही है। वहीं दूसरी तरफ RJD-कांग्रेस की घोर परिवारवादी कुरीति है। RJD-कांग्रेस के लोग, अपने परिवारवाद और भ्रष्टाचार को उचित ठहराने के लिए, दलित, वंचित, पिछड़ों को ढाल बनाते हैं। ये सामाजिक न्याय नहीं, बल्कि समाज के साथ विश्वासघात है। ये सामाजिक न्याय नय, समाज क साथ विश्वासघात छय। वरना क्या कारण है कि सिर्फ एक ही परिवार का सशक्तिकरण हुआ। और समाज के बाकी परिवार पीछे रह गए? किस तरह यहां एक परिवार के लिए, युवाओं को नौकरी के नाम पर उनकी जमीनों पर कब्जा किया गया, ये भी देश ने देखा है।

साथियों,

सच्चा सामाजिक न्याय सैचुरेशन से आता है। सच्चा सामाजिक न्याय, तुष्टिकरण से नहीं संतुष्टिकरण से आता है। मोदी ऐसे ही सामाजिक न्याय, ऐसे ही सेकुलरिज्म को मानता है। जब मुफ्त राशन हर लाभार्थी तक पहुंचता है, जब हर गरीब लाभार्थी को पक्का घर मिलता है, जब हर बहन को गैस, पानी का नल, घर में टॉयलेट मिलता है, जब गरीब से गरीब को भी अच्छा और मुफ्त इलाज मिलता है, जब हर किसान लाभार्थी के बैंक खाते में सम्मान निधि आती है, तब सैचुरेशन होता है। और यही सच्चा, सामाजिक न्याय है। बीते 10 वर्षों में मोदी की ये गारंटी, जिन-जिन परिवारों तक पहुंची हैं, उनमें से सबसे अधिक दलित, पिछड़े, अतिपिछड़े वही मेरे परिवार ही हैं।

साथियों,

हमारे लिए सामाजिक न्याय, नारीशक्ति को ताकत देने का है। बीते 10 सालों में 1 करोड़ बहनों को, मेरी माताएं-बहनें इतनी बड़ी तादाद में आशीर्वाद देने आई हैं, उसका कारण है। 1 करोड़ बहनों को हम लखपति दीदी बना चुके हैं। मुझे खुशी है इसमें बिहार की भी लाखों बहनें हैं, जो अब लखपति दीदी बन चुकी हैं। और अब मोदी ने 3 करोड़ बहनों को, आंकड़ा सुनिए जरा याद रखना 3 करोड़ बहनों को लखपति दीदी बनाने की गारंटी दी है। हाल में हमने बिजली का बिल जीरो करने और बिजली से कमाई करने की भी योजना शुरु की है। पीएम सूर्यघर- मुफ्त बिजली योजना। इससे बिहार के भी अनेक परिवारों को फायदा होने वाला है। बिहार की NDA सरकार भी बिहार के युवा, किसान, कामगार, महिला, सबके लिए निरंतर काम कर रही है। डबल इंजन के डबल प्रयासों से बिहार, विकसित होकर रहेगा। आज इतना बड़ा विकास का उत्सव हम मना रहे हैं, और आप इतनी बड़ी तादाद में विकास के रास्ते को मजबूत कर रहे हैं, मैं आपका आभारी हूं। एक बार फिर आप सभी को विकास की, हजारों करोड़ की इन परियोजनाओं के लिए मैं बहुत-बहुत बधाई देता हूं। इतनी बड़ी तादाद में माताएं-बहनें आई हैं, उनको विशेष रूप से प्रणाम करता हूं। मेरे साथ बोलिए-

भारत माता की जय !

दोनों हाथ ऊपर करके पूरी ताकत से बोलिए-

भारत माता की जय !

भारत माता की जय !

भारत माता की जय !

बहुत-बहुत धन्यवाद।