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गिर के सिंहों की भूमि जूनागढ़ में शानदार तरीके से मनाया गया 66वां आजादी पर्व

तिरंगा फहराकर मुख्यमंत्री ने दी सलामी

सुराज की स्थापना के लिए गुजरात ने की अनेक पहल : मुख्यमंत्री

च्प्रधानमंत्री ने किया देश की जनता को निराशज्

च्गुजरात ने दिया प्रोएक्टिव प्रो-पीपुल गुड गवर्नेंस का मॉडलज्

च्स्वराज मिला लेकिन सुराज स्थापना की चुनौती बरकरारज्

गुटखा पर पूर्ण प्रतिबंध सहित मुख्यमंत्री ने की अनेक घोषणाएं

 

मुख्यमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश को सुराज की दिशा में आगे ले जाने में प्रधानमंत्री की राजनैतिक असफलता की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि समग्र देश में गुजरात ने सुराज स्थापना की चुनौती को स्वीकार करते हुए उस दिशा में अनेक पहलें की हैं। उन्होंने कहा कि गुजरात प्रो-पीपुल प्रोएक्टिव गुड गवर्नेंस का मॉडल बना है।

गिर के सिंहों की भूमि जूनागढ़ में 66वें स्वतंत्रता दिवस के मंगल प्रभात पर ध्वज फहराते हुए मुख्यमंत्री ने आजादी की जंग में अपना जीवन कुर्बान करने वालों को अंजली अर्पित करते हुए सुराज के स्वप्न को पूर्ण करने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वराज तो मिला लेकिन दुर्भाग्य से सुराज की स्थापना अब तक नहीं हो पाई और आज सुराज की स्थापना ही सबसे बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा कि जब प्रत्येक हिन्दुस्तानी की तमन्ना थी, यदि उस वक्त सुराज की दिशा में कदम उठाया होता तो भारत आज दुनिया के समृद्घ देशों में शुमार होता।

उन्होंने कहा कि गत पूरे दशक के दौरान राजनैतिक स्थिरता की वजह से गुजरात ने सुराज की दिशा में एक के बाद एक कई कदम उठाए, नतीजा यह कि आज सुशासन गुजरात की पहचान बन गया है।

Hon'ble CM's speech on Independence Day, 15-08-2012 at Junagadh in Gujarati

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रो-पीपुल प्रोएक्टिव गुड गवर्नेंस (पी2जी2) की सुराज की दिशा गुजरात ने बतलाई है। आज गुजरात की एक अनोखी पहचान स्थापित हुई है। उन्होंने कहा कि पंचशक्ति के आधार पर समग्र राज्य के विकास की भव्य इमारत का निर्माण किया है, जिसके परिणामस्वरूप गुजरात विशेषकर सौराष्ट्र-कच्छ के विकास की तासीर बदल दी है। सुराज द्वारा शिक्षा, टेक्निकल-आईटीआई प्रशिक्षण की बदौलत नई युवा पीढ़ी की तकदीर बदल रही है। दस वर्ष पूर्व कच्छ-सौराष्ट्र का विकास ऋणात्मक था। क्षारीय भूमि के कारण खेती भी निर्जीव थी। गांव के गांव खाली हो गए थे। नौकरी और रोजी-रोटी के लिए सौराष्ट्र-कच्छ की आबादी गांव से पलायन करती थी।

श्री मोदी ने कहा कि आने वाले दिनों में कच्छ-काठियावाड़ के सुनहरे दिन आने वाले हैं। समुद्रीतट में विकास की एक नई गाथा लिखनी है। धोलेरा एक नई कोस्टल सिटी बनेगी। समुद्री किनारों को सुरक्षित रखने के लिए मरीन कोस्टल सिक्योरिटी और कोस्टल डेवलपमेंट अथॉरिटी का गठन करना है।

एक जमाना वह भी था जब गुजरात का समुद्रतट तस्करी, शस्त्र-माफिया और राष्ट्रद्रोहियों का स्वर्ग था, मजबूर था, लेकिन आज यह विश्व-व्यापार के लिए मजबूत बना है, समृद्घि का प्रवेशद्वार बना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गुजरात में हो रहे विदेशी निवेश और उद्योगों का विरोध करने वालों को स्वतंत्रता पर्व के मौके पर प्रधानमंत्री द्वारा आज विदेशी निवेश के लिए उच्चारित सर्वसम्मति के सुर को समझने की जरूरत है।

भारत के संविधान की मर्यादा में रहते हुए प्रधानमंत्री से सवाल करते हुए श्री मोदी ने कहा कि गरीब-मध्यमवर्ग के लिए कम ब्याज दरों वाले आवासीय बैंक ऋण और युवाओं को शिक्षा के लिए बिना ब्याज के बैंक ऋण प्रदान करने में आठ वर्षों की असफलता के बाद प्रधानमंत्री के वचनों पर कौन ऐतबार करेगा?

श्री मोदी ने कहा कि पांच वर्ष में प्रत्येक घर को बिजली देने का वचन तो प्रधानमंत्री की राजनैतिक मजबूरी है। लेकिन पॉवर फैल्योर से अंधकार में धकेलने वाली भारत सरकार की बिजली नीति के बाद उनके वचनों पर विश्वास आखिर कैसे हो? कुपोषण मुक्ति और कुपोषण के खिलाफ जंग की रणनीति क्या है?

 

The entire video of the celebrations held on Independence Day, 15-08-2012 at Junagadh.

राष्ट्रीय विकास परिषद की बैठक में गुजरात के मुख्यमंत्री ने चीन के मुकाबले स्पर्धा में जीत के लिए प्रधानमंत्री से युवाओं के स्किल डेवलपमेंट मिशन की वकालत की थी। लेकिन भारत सरकार ने कुछ भी नहीं किया। जबकि गुजरात सरकार ने स्किल डेवलपमेंट अभियान चलाते हुए हुनर-कौशल्य प्रशिक्षण देकर 66,000 नौजवानों को एक ही महीनें में रोजगार दिया है। प्रधानमंत्रीजी! वैश्विक स्पर्धा के इस बेहद मुश्किल माहौल में अजगर की सुस्त चाल से देश कैसे विकास कर सकता है? आसाम की हिंसा को लेकर आप चिंतातुर हैं लेकिन बांग्लादेशी घुसपैठ को रोकने, आसामी हिन्दुस्तानियों के दिलों में लगी आग को बुझाने जैसी गंभीर समस्या को लेकर आप चुप क्यों हैं?

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों और कृषि के लिए भारत सरकार के पास कोई योजना ही नहीं। अकाल की ऐसी विपरीत परिस्थिति में भी केन्द्र सरकार कुछ कर नहीं रही, ऐसे में गुजरात सरकार ने सूखे के संकट से जूझ रहे किसानों और मुक पशुओं के साथ खड़े रहने की संवेदनशीलता बताई है। अकालपीडि़त भाइयों और बहनों को साथ खड़े रहकर यह भरोसा दिलाता हूं कि उन्हें लेशमात्र भी तकलीफ का सामना नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने अंग्रेजों के समय से चले आ रहे घिसे-पिटे अकाल मैन्यूअल के ढांचे से गुजरात को बाहर निकालकर अकाल या अन्य किसी प्राकृतिक आपदा को संसाधनों के निर्माण के अवसर में बदलने की नई व्यूहरचना की रूपरेखा दी।

गुजरात के युवाओं के कौशल्य, बुद्घिमत्ता, हुनर, सामथ्र्य को विशाल अवसर प्रदान करने की भूमिका के साथ मुख्यमंत्री ने कहा कि एक नये समृद्घ गुजरात का सपना साकार होने जा रहा है, जिसके जरिए युवाओं की शक्ति का दर्शन दुनिया को कराना है।

मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता सेनानियों सर्वश्री कनकभाई उपाध्याय, लाभशंकर दवे, छेलभाई पाठक, नथुजीभाई राठोड़, मनुभाई जोषी, प्रतापभाई पाठक और चंदुभाई दवे का शाल ओढ़ाकर सम्मान किया। ध्वजवंदन कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने वृक्षारोपण किया।

इस अवसर पर मंत्री कनुभाई भालाळा, विधायक महेन्द्रभाई मशरु, भगवानभाई करगठिया, श्रीमती वंदनाबेन मकवाणा, राजशीभाई जोटवा, अग्रणी माधाभाई बोरिचा, जिला पंचायत अध्यक्ष दीवीबेन बारिया, पूर्व मंत्री रतिभाई सुरेजा, भावनाबेन चिखलिया, नीरुबेन कांबलिया, श्री भारती बापू, मुख्य सचिव ए.के. जोती, पुलिस महानिदेशक चितरंजन सिंह, सचिव एस.के. नंदा, भाग्येश झा, प्रभारी सचिव विपुल मित्रा, सूचना आयुक्त वी. थिरुपुगल सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, जिला कलक्टर मनीष भारद्वार, आयुक्त विप्रा भाल, कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ.एन.सी. पटेल, डीआईजी ई. राधाकृष्णन, एसपी दीपांकर त्रिवेदी, संस्थाओं के अग्रणी, स्कूल-कॉलेजों के संचालक, विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थी और बड़ी संख्या में नगरजन उपस्थित थे।

'Real salute to our Independence – Turning Swarajya to Surajya' read Shri Modi's blog on 66th Independence Day

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