NewsX के साथ अपने एक इंटरव्यू में प्रधानमंत्री मोदी ने सरकार की कल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों के कारण देश में पैदा हुए रोजगार के अवसरों को रेखांकित किया। राम मंदिर पर उन्होंने कहा कि देश आजाद होने के तुरंत बाद राम मंदिर बनना चाहिए था लेकिन अपने वोट बैंक की चिंता में कांग्रेस ने ऐसा नहीं होने दिया और वर्षों तक मंदिर निर्माण में रोड़े अटकाए।

नमस्कार न्यूज एक्स और इंडिया न्यूज़ के दर्शकों को, मैं ऋषभ गुलाटी और मेरे साथ आज द संडे गार्डियन की ऐश्वर्या शर्मा और राणा यशवंत। आज इस विशेष और विशिष्ट कार्यक्रम में हम गर्व से स्वागत करना चाहते हैं, एक दिग्गज राष्ट्र सेवक और वर्तमान अमृतकाल के भारत के प्रधानमंत्री आदरणीय श्री नरेंद्र मोदी जी को, प्रधानमंत्री जी आपने चुनाव प्रचार में से इतना समय निकाला हमारे लिए..

पीएम मोदी: नमस्कार..आपके सभी दर्शकों को मेरी तरफ से प्रणाम।

 

ऋषभ गुलाटी: प्रधानमंत्री जी पहला सवाल मन में आता है कि लगता है कि विपक्ष के नेताओं का सबसे बड़ा मुद्दा ही नरेंद्र मोदी है आपकी सोच में वो नरेंद्र मोदी की चर्चा इतनी क्यों करते हैं?

पीएम मोदी: नरेंद्र मोदी की चर्चा क्यों करते हैं, उसके लिए उनको समझना पड़ेगा और उनको समझते हैं तो 2004 से 2014 का कार्यकाल देख लीजिए एक विपक्ष के नाते भी जो पूरी तरह विफल रहे हैं, कोई कंस्ट्रक्टिव रोल अदा नहीं कर पाए, उन्होंने गहन चर्चा करके देश के सामने गंभीर मुद्दे उठा नहीं पाए, उनको लगा कि हुड़दंग करो अखबारों में जगह ले लो तो गाड़ी चल जाएगी। इस चुनाव में भी मैं देख रहा हूं कि वो सिर्फ मीडिया स्पेस एक्वायर करने के लिए रोज नए- नए प्रयास कर रहे हैं चाहे वीडियो निकालते हो या कुछ उटपटांग बयान करते हो या किसी के साथ कुछ नॉर्मली नहीं करते ऐसा व्यवहार करते हैं तो ये सारी चीजें वो मीडिया में स्पेस एक्वायर करने लिए करते हैं। अब मोदी को गाली एक ऐसी चीज है कि उसमें बाकी कुछ हो या ना हो पब्लिसिटी की गारंटी है, कोई छोटा- सा भी नेता अगर मोदी को गाली देगा तो आधे घंटे, एक घंटे के लिए तो टीवी में उसको जगह मिल जाएगी तो हो सकता है कि मोदी उनके लिए सीढ़ी का काम करता हो।

 

ऐश्वर्या शर्मा: प्रधानमंत्री जी इंडी अलायंस संपत्ति रिडिस्ट्रीब्यूशन की बात कर रही है आपको क्या लगता है ये मुमकिन है और जो ये देश के जो मतदाता हैं ऐसे प्लान से प्रभावित होंगे?

पीएम मोदी: इसको टुकड़ों में नहीं देखना चाहिए उनकी पूरी थॉट प्रोसेस के साथ जोड़ करके देखना चाहिए, जब उनका मेनिफेस्टो आया तब मैंने कहा था कि मेनिफेस्टो पूरी तरह मुस्लिम लीग की छाप है उस पर, डॉक्टर मनमोहन सिंह जी का बयान था और जिस मीटिंग में मैं मौजूद था उसमें उन्होंने कहा था कि भारत की संपत्ति पर पहला अधिकार मुसलमानों का है अब जब मैंने ये कहा तो मीडिया वाले उनका जो इकोसिस्टम है उसने तूफान खड़ा कर दिया कि मोदी जी तो गलत बोल रहे हैं तो मैंने दो दिन के बाद मनमोहन सिंह जी की प्रेस कॉन्फ्रेंस लाकर के रख दी तो फिर वो बोलते बंद हो गए तो ये एक घटना।

अब उनके मेनिफेस्टो में कहा गया है कि अब ठेके में भी आरक्षण होगा, कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम में मतलब कहीं ब्रिज बन रहा है तो ब्रिज किस आधार पर आज दिया जाता है जो कंपनी लेना चाहती है उसमें रिसोर्सफुल है कि नहीं, एक्सपीरियंस है कि नहीं, कैपेबिलिटी है कि नहीं है, वे इस काम को समय पर करने की उनकी क्षमता है कि नहीं है इन सबको देख कर के उसको टेंडर मिलता है तब जा अब कहते हैं उसमें भी हम माइनॉरिटी को आरक्षण देंगे, मुसलमान को आरक्षण देंगे ये सारी घटनाओं को एक साथ जोड़ कर के देखें तो जब ये कहते कि हम इनहेरिटेंस टैक्स लगाएंगे मतलब जो भी संपत्ति ले ली तो संपत्ति पर अधिकार किसका होगा, जो मनमोहन सिंह जी ने कहा था उनका होगा अगर ये सीधा-सीधा पूरा कैनवास को रखो तो इसका लॉजिक यही निकलता है। ये देश कैसे स्वीकार करेगा? दूसरा क्या दुनिया के किसी डेवलपिंग कंट्री ने इस प्रकार का पागलपन किया है क्या? आज तो भारत को मेहनत करके अपनी समस्याओं से बाहर निकलने की जरूरत है, हमने कोशिश करके 25 करोड़ नागरिकों को गरीबी से बाहर लाए, हमें ये कोशिश करनी चाहिए। पहले जहां सैकड़ों स्टार्टअप्स थे आज सवा लाख से ज्यादा स्टार्टअप्स हैं, यूनिकॉर्न हैं आपको समाज में ताकत बढ़े उस दिशा में जाना चाहिए और वही सही परिणाम है।

 

राणा यशवंत: प्रधानमंत्री जी अयोध्या में राम मंदिर बना, रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई, देश में शांति और सौहार्द का माहौल रहा इसी दौरान इकबाल अंसारी आते हैं और चूंकि वो अदालती लड़ाई लड़ते रहे हैं, महत्वपूर्ण व्यक्ति भी हैं और उनके हाथ में प्ले कार्ड होता है- ‘मोदी का परिवार’, ये जो तस्वीरें होती हैं, घटनाएं होती हैं इस बात का संकेत देती हैं कि आपकी जो इंक्लूसिव पॉलिसी है उसके साथ माइनॉरिटी अपने आपको जोड़ रही है या तुष्टीकरण की उधर की जो नीति है उससे अपने आपको दूर कर रही है।

पीएम मोदी: राम मंदिर इकबाल अंसारी का उल्लेख किया तो मैं एक एपिसोड आपके सामने रखता हूं। देश आजाद होने के बाद तुरंत राम मंदिर बनना चाहिए था, इतने सालों तक नहीं बना क्योंकि उनको लगता था कि अगर राम मंदिर बनेगा तो उनकी वोट बैंक पर तकलीफ हो जाएगी, अदालत में आखिरी तक उसको रोकने के लिए भरपूर प्रयास हुआ और ये फैक्ट है कि कांग्रेस ने ही इसमें रुकावटें डालीं, उसके बावजूद भी राम मंदिर का जब कोर्ट का जजमेंट आ गया सुप्रीम कोर्ट ने एक ट्रस्ट बनाया, वो ट्रस्ट के लोग बाकी पुरानी सारी बातें भूल करके कांग्रेस के लोगों को इनविटेशन देने गए उन्होंने इस इनविटेशन को ठुकरा दिया, वे लोग इकबाल अंसारी के पास भी गए इनविटेशन देने के लिए और मजा ये है जो जीवन भर बाबरी मस्जिद का केस लड़ा था वो इकबाल अंसारी सुप्रीम कोर्ट के वर्डिक्ट का सम्मान करते हुए शिलान्यास में भी आए और उद्घाटन में भी आए तो इकबाल अंसारी की जहां तक बात करते हैं इस संदर्भ में.. अगर आप इसमें से सेकुलरिज्म की चर्चा करना चाहते हैं तो मेरा गंभीर आरोप है कि बहुत ही सोची- समझी चाल के तहत गत 75 साल से देश में एक झूठा नैरेटिव गढ़ा गया है, हमारे जन्म से भी पहले गढ़ा गया है। कभी सरदार पटेल को उसका शिकार बनाया गया था और अब शायद चलते- चलते जो भी आएगा आज मेरी बारी है, कल किसी दूसरे की होगी। ये जोर- जोर से सेकुलरिज्म क्यों चिल्लाते हैं इसलिए चिल्लाते हैं कि उनको जो उनकी कम्युनल एक्टिविटी है उससे दुनिया का वो ध्यान हटाना चाहते हैं और वो चोर.. वो चोर.. वो चोर इसलिए कह रहे हैं कि चोरी खुद ने की है लेकिन चोर उधर तो लोग उधर भागेंगे ये उनका खेल चल रहा है। मैंने उनको सामने से ही पकड़ा है कि आप ही कम्युनल हो, भारत का संविधान आपको सांप्रदायिक तौर- तरीके के लिए अनुमति नहीं देता है और मैंने ऐसे सैकड़ों उदाहरण निकाले और जैसा मैंने अभी थोड़ी देर पहले कहा उन्होंने मुसलमानों को संपत्ति का कहा था तो मैं उनको पूरी तरह एक्सपोज कर रहा हूं लेकिन उनके जो नैरेटिव बनाने वाले है वे उनकी बात को छुपा देते हैं और मेरे मुंह से मुसलमान शब्द निकला तो बोले कम्युनल है। मैं उन कम्युनल पॉलिटिकल पार्टीज के लिए बोल रहा हूं जिन्होंने सेकुलरिज्म का नकाब पहनकर के घोर सांप्रदायिकता की है और इन लोगों में तीन चीजें कॉमन नजर आती मुझे एक ये घोर सांप्रदायिक हैं, ये लोग घोर जातिवादी हैं, ये लोग घोर परिवारवादी हैं.. ये तीन चीजें इतनी भरी पड़ी है इनके अंदर वो इसमें से बाहर नहीं निकल सकते।

 

ऋषभ गुलाटी: प्रधानमंत्री जी आपने भी आंकड़ा बताया कि अब 25 करोड़ देशवासी गरीबी की रेखा से ऊपर उठ चुके हैं, इसके दौरान जो 80 करोड़ लोगों को अन्न जा रहा है इसकी जरूरत अभी भी पड़ रही है, आगे भी पड़ेगी आपका क्या ऐलान है आगे जाने का?

पीएम मोदी: मनमोहन सिंह जी जब प्रधानमंत्री थे और टीवी के खबरों में आता रहता था कि कहीं अनाज भीग रहा है, कहीं अनाज सड़ रहा है तो सुप्रीम कोर्ट ने भारत सरकार को कहा आपकी अनाज गरीबों को बांटते क्यों नहीं हो तो मनमोहन सिंह जी ने उस समय के प्रधानमंत्री ने ऑन रिकॉर्ड कहा है कि हम ये बांट नहीं सकते, हमारे लिए ये असंभव है इतना सारा करना खैर वो उनकी सोच का परिणाम है।

मेरे सामने था मैंने कोरोना के समय देखा मेरा पहला काम है गरीब के घर का चूल्हा जलते रहना चाहिए तो मैंने इस बात को शुरू किया। मैंने नेक्स्ट फाइव ईयर के लिए भी कहा इसलिए कि जो गरीबी से बाहर निकलता है उसके जीवन में जैसे आप अस्पताल से घर आए इन अ वे आपको ट्रीटमेंट हो चुकी है आपकी लेकिन प्रिकॉशन जरूरी है आपको बताता है डॉक्टर कि घर जाने के बाद इतना रेस्ट करना, ये मत खाना वो मत खाना, ये संभालना क्यों बीमारी को तो एड्रेस किया है क्योंकि कुछ भी अगर थोड़ा सा भी करोगे तो फिर से उस हालत में चले जाओगे इसलिए गरीब जब गरीबी से बाहर निकलता है तब उसको सबसे ज्यादा हैंड होल्डिंग की जरूरत होती है। किसी भी हालत में वो वापस नहीं जाना चाहिए एक बार बाहर आ जाए मजबूती के साथ खड़ा रहे तो मेरा मत है कि आने वाले पांच साल में ये जो गरीबी से बाहर आए हैं वो अपने पैरों पर इतने मजबूती से खड़े रह जाएंगे कि उनको ऐसे अपने परिवार की कोई घटनाएं गरीबी की ओर धकेलेगी नहीं और तब जाकर के देश गरीबी से बाहर निकलेगा।

 

ऐश्वर्या शर्मा: प्रधानमंत्री जी हमारा देश सबसे युवा देश है, आपके कार्यकाल में हाल ही में आपने 10 लाख सरकारी नौकरियां दी हैं, विपक्ष कहता है हम 30 लाख देंगे तो आपके तीसरे टर्म में रोजगार को युवाओं के लिए और कैसे हम बढ़ावा देंगे?

पीएम मोदी: अभी आपने स्कॉच का रिपोर्ट पढ़ा होगा और मैं चाहता हूं कि आपका टीवी चैनल ने स्कॉच के रिपोर्ट पर डिटेल में स्टडी करना चाहिए और टीवी डिबेट करना चाहिए, उन्होंने सरकार की कोई 20- 22 स्कीम का डिटेल एनालिसिस किया है और कितने पर्सन ईयर आवर इस देश में उपलब्ध हुए इसका पूरा आंकड़ा है। उन्होंने कहा कि चार करोड़ घर बनाने के लिए कितने आवर लगते हैं मतलब इतने लोगों को रोजगार मिलता है, वैसा उन्होंने 22 जगह ऐसे अलग- अलग पैरामीटर पर किया और उन्होंने कहा 50 करोड़ लोगों को इसका बेनिफिट हुआ है। दूसरा हमने मुद्रा योजना निकाली बिना गारंटी हम बैंक लोन देते हैं यानी शायद 23 हजार करोड़ या समथिंग अबाउट है 23 लाख करोड़ उसमें फर्स्ट टाइमर 80 परसेंट हैं। उसमें किसी ने अपना कारोबार शुरू किया एक या दो को तो उसने काम दिया ही होगा तब जा करके चलता है, स्टार्टअप कभी हजारों थे आज लाखों हैं। किसी को रोजगार मिला होगा अगर मानो हजार किलोमीटर रोड बनता है तो जितने लोगों को काम मिलता है तो 2000 किलोमीटर रोड बनता है तो ज्यादा लोगों को मिलेगा कि नहीं मिलेगा तो आज रोड डबल बन रहे हैं, रेल डबल हो रही है, इलेक्ट्रिफिकेशन डबल हो रहा है, टावर मोबाइल के आज हिंदुस्तान के हर कोने में पहुंच रहे हैं तो लोगों को काम मिलता होगा तब होता होगा ना और इसलिए एक भ्रम फैलाया जा रहा है, झूठ फैलाया जा रहा है और हमें स्वरोजगार की तरफ जाना होगा और देश में आज एक मूड बना हुआ है, देश का युवा कुछ ना कुछ करने के मूड में है और हमें उसको पूरी मदद करनी चाहिए। हमें इनकरेज करना चाहिए। हमारी मुद्रा योजना वही करती है। अब हम स्वनिधि योजना चलाते हैं रेहड़ी- पटरी वाले हैं गरीब लोग हैं लेकिन आज वो बैंक से पैसा ले रहे हैं, बैंक से कारोबार कर रहे हैं और उसके कारण उनके पास बचत हो रही है तो अब वो एक्सपेंशन करने जा रहे हैं कभी वो फुटपाथ पर बैठता था अब लॉरी खरीदना चाहता है अब लॉरी खरीदता है तो वो होम डिलीवरी करना चाहता है यानी उसका एस्पिरेशन भी बढ़ता चला जा है और इसलिए मैं मानता हूं कि सरकार में जितनी स्कीम है तो उसका मिलेगा लाभ लेकिन इसके अलावा भी बहुत क्षेत्रों में बल देना चाहिए।

राणा यशवंत: प्रधानमंत्री जी आपकी सरकार ‘सबका साथ- सबका विकास’ के सिद्धांत पर चलती है, सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का फायदा हर लाभार्थी को बिना किसी भेदभाव के मिलता है चाहे वो किसी भी जाति, धर्म, पंथ संप्रदाय का हो लेकिन आपका विपक्ष कहता है कि मुसलमानों को सरकार की कल्याणकारी योजना का उतना फायदा नहीं मिलता है, जितना मिलना चाहिए?

पीएम मोदी: आप पहले व्यक्ति हो जिससे मैं ये सुन रहा हूं, मेरी सरकार की विशेषता है उसको आज तक किसी ने ये आरोप नहीं लगाया है कि किसी स्कीम में भेदभाव हो रहा है..

 

राणा यशवंत: विपक्ष कहता है..

पीएम मोदी: विपक्ष ने भी नहीं लगाया मैं बताता हूं। .

आप पहले इंसान हैं जिसके मुंह से मैं सुन रहा हूं मैंने अब तक किसी से ये नहीं सुना है क्योंकि सबको पता है कि मेरे यहां और मुसलमान खुद कहते हैं कि भाई हमें तो सारे लाभ मिल रहे हैं, इसका कारण है मेरे दो सिद्धांत हैं एक 100 परसेंट सैचुरेशन अगर मान लीजिए गरीब को घर देना तो टुकड़ों में मत करो 100 परसेंट सैचुरेशन जब 100 परसेंट होता है तो फिर भेदभाव कहां आता है भाई, मुझे गैस कनेक्शन देना है तो मैं कहता हूं 100 परसेंट, शौचालय बनाना है 100 परसेंट, नल से जल देना है 100 परसेंट हां किसी को जनवरी में मिलेगा, किसी को अप्रैल में मिलेगा, किसी को नवंबर में मिलेगा, लेकिन योजना सबके लिए होगी 100 परसेंट और मैं मानता हूं सेकुलरिज्म सच्चा इसी में है कि आप 100 परसेंट करते हैं। सामाजिक न्याय सच्चा इसमें है कि आप 100 परसेंट करते हैं तो मेरे तो मिशन ही 100 परसेंट का है, सैचुरेशन का है तो ये आरोप वैसे किसी ने किया नहीं क्योंकि किसी में हिम्मत नहीं है। मैं गुजरात में भी रह कर के आया हूं इस विषय में मुझ पर कोई आरोप नहीं लगा सकता।

 

ऋषभ गुलाटी: प्रधानमंत्री जी आपने हमारे लिए समय निकाला और आपने मन की बात रखी उसके लिए बहुत-बहुत धन्यवाद और बेस्ट ऑफ लक..

पीएम मोदी: बहुत-बहुत धन्यवाद, भागदौड़ के बीच में भी..

 

राणा यशवंत: नहीं सर आप लगातार भागते रहते हैं ये तो आपके बस की बात है कि सुबह से लेकर रात देखते रहते हैं।

ऋषभ गुलाटी: आज आपकी रैली सुबह 8 बजे हुई है इतनी शानदार..

पीएम मोदी: सुबह आज मैं गया 6 बजे जगन्नाथ पुरी दर्शन करने के लिए, वहां मैं घूमता-घूमता आया हूं।

 

राणा यशवंत: सर ये जो रोड शो होते हैं, तिरुवनंतपुरम में हो, काशी में हो ये जो जन सैलाब होता है ये दीवानगी की हद से आगे जाकर के आपको पसंद करता आप देखते तो होंगे तस्वीरें तो अंदर अनुभव भी करते होंगे?

पीएम मोदी: ऐसा है कि मैं अनुभव ये करता हूं कि मेरी जिम्मेवारी बढ़ रही है और दूसरा मैं देख रहा हूं कि चुनाव की ओनरशिप जनता- जनार्दन ने ले ली है, हम पॉलिटिकल पार्टियां चुनाव नहीं लड़ रहे हैं जनता ने ओनरशिप ले ली है इस चुनाव की और नतीजे भी जनता की इच्छा से ही आने वाले हैं।

ऋषभ गुलाटी: बहुत-बहुत धन्यवाद।
पीएम मोदी: थैंक्यू, बहुत-बहुत धन्यवाद।

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Cabinet approves development of Lal Bahadur Shastri International Airport, Varanasi
June 19, 2024

The Union Cabinet chaired by Prime Minister Shri Narendra Modi today approved the proposal of Airports Authority of India (AAI) for development of Lal Bahadur Shastri International Airport, Varanasi including Construction of New Terminal Building, Apron Extension, Runway Extension, Parallel Taxi Track & Allied works.

The estimated financial outgo will be Rs. 2869.65 Crore for enhancing the passenger handling capacity of the airport to 9.9 million passengers per annum (MPPA) from the existing 3.9 MPPA. The New Terminal Building, which encompasses an area of 75,000 sqm is designed for a capacity of 6 MPPA and for handling 5000 Peak Hour Passengers (PHP). It is designed to offer a glimpse of the vast cultural heritage of the city.

The proposal includes extending the runway to dimensions 4075m x 45m and constructing a new Apron to park 20 aircraft. Varanasi airport will be developed as a green airport with the primary objective of ensuring environmental sustainability through energy optimization, waste recycling, carbon footprint reduction, solar energy utilization, and incorporation of natural daylighting, alongside other sustainable measures throughout the planning, development, and operational stages.