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प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज नई दिल्ली में वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए पूर्वोत्तर के पांच स्मार्ट शहरों में एकीकृत कमान और नियंत्रण केंद्रों की आधारशिला रखी।

प्रधानमंत्री ने डिजिटल तरीके से सिक्किम के नामची और गंगटोक, अरुणाचल प्रदेश के ईटानगर और पासीघाट तथा त्रिपुरा के अगरतला में कमान और नियंत्रण केंद्रों की पट्टिका का अनावरण किया।

Following is the full text of PM’s address:

उत्तर पूर्व में स्मार्ट गवर्नेंस के लिए इस नई शुरुआत का हिस्सा बनकर मैं बहुत खुश हूं। गंगटोक, नामची, पासीघाट, ईटानगर और अगरतला में इंटिग्रेटेड कमांड एवं कंट्रोल केंद्रोंका शुभारंभ एक स्वागत योग्य कदम है।

अपने कुशल मानव संसाधन के संग्रह के साथउत्तर पूर्व के शहरी केंद्र, पूरे क्षेत्र के लिए विकास केंद्र के रूप में उभरकर आने की क्षमता रखते हैं।

स्मार्ट सिटी मिशन शहरों को अपनी क्षमता और चुनौतियों की पहचान करने में सक्षम बनाता है। यह सार्वजनिक परामर्श के माध्यम से चुनौतियों के स्मार्ट समाधान प्रदान करता है।

स्मार्ट सिटी कमांड और कंट्रोल सेंटर विभिन्न सेवा नेटवर्कों को एकीकृत करने के लिए डिजिटल तकनीक का उपयोग करते हैं। वे पुलिस, परिवहन, बिजली, जल, स्वच्छता और सार्वजनिक सुरक्षा बुनियादी सुविधाओं की आपूर्ति करने वाले विभागों के बीच तात्‍कालिक सहयोग में सहायता करते हैं।

मेरा मानना ​​है कि इस व्यवस्था को स्‍थापित किए जाने के बाद, प्रशासक शहर के संचालन को बेहतर ढंग से मॉनिटर करने और अपनी प्रतिक्रिया तात्‍कालिक देने में सक्षम होंगे।

इंटिग्रेटेड कमांड एवं कंट्रोल केंद्रोंका कार्यान्वयन पूरे भारत में तेजी से किया जा रहा है। मार्च 2019 की पहली तारीख तक, ये केंद्र पहले से ही पंद्रह स्मार्ट शहरों में कार्यात्मक बन गए हैं। पचास अन्य केंद्रों पर काम चल रहा है।

मुझे बताया गया है कि नॉर्थ-ईस्ट में अक्टूबर 2019 की शुरुआत तक पहला इंटिग्रेटेड कमांड एवं कंट्रोल केंद्र स्‍थापित हो जाएगा।

इस सिस्‍टम के प्रमुख घटकों में एक घटक है नागरिक सुरक्षा के लिए सीसीटीवी निगरानी तंत्र। इसतंत्र को अपराध से निपटने में सहायता देने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम से ट्रैफिक के आवागमन को आसान बनाने में मदद मिलेगी।

इंटिग्रेटेड कमांड एवं कंट्रोल केंद्र में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट घटक शामिल किए जानेसे इन शहरों में स्वच्छता को बढ़ावा मिलेगा। स्मार्ट स्ट्रीट लाइटिंग हमारी सड़कों को सुरक्षित और नागरिक अनुकूल बनाएगी। एलईडी सिस्‍टम में परिवर्तित होकरयह ऊर्जा दक्षता में भी सुधार करेगा।

स्मार्ट शहर महत्वपूर्ण नागरिक सूचनाओं को संप्रेषित करने के लिए सार्वजनिक-समाधान तंत्रों को भी स्थापित कर रहे हैं।

डिजिटल एक्सेस, डिजिटल इंडिया मिशन का एक महत्वपूर्ण घटक है। सार्वजनिक वाई-फाई तंत्र नागरिकों को मुफ्त इंटरनेट प्रदान करेगा।

पर्यावरण की दृष्टि सेपूर्वोत्तरएक संवेदनशील क्षेत्र है। पर्यावरण निगरानी तंत्र और आपदा प्रबंधन मॉड्यूल, नागरिकों और सरकार को तात्‍कालिक जानकारी देंगे। इनसे नागरिकों के जीवन की समग्र गुणवत्ता में सुधार करने में सहायता मिलेगी।

जैसे-जैसे शहर इस तंत्र के विभिन्न संघटकों को स्‍थापित करेंगे और उसका विस्तार करेंगे, उन्‍हें अपने नागरिकों के जीवन यापन में सुधार लाने में सहायता मिलेगी।

मुझे बताया गया है कि उत्तर पूर्व के दस स्मार्ट सिटीज में कुल 15,000 करोड़ रुपये की लागत वाली 500 से अधिक परियोजनाएं चालू की गई हैं। इनमें से 59 परियोजनाओं के लिए पहले ही कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं।

मैं सिक्किम में नामची को देखकर बहुत खुश हूं, जिसने एकीकृत जल आपूर्ति परियोजनाओं, एलईडी स्ट्रीट लाइट और फुटपाथ निर्माण पर कार्य शुरू कर दिया है। हमारे पहाड़ी शहरों में पानी एक बहुत बड़ी चुनौती बन रही है। गंगटोक ने वर्षा जल संचयन पर काम शुरू कर दिया है। उसने यातायात की भीड़ को कम करने के लिए स्मार्ट पार्किंग सुविधाओं के साथ बहु-स्तरीय कार पार्क बनाने के लिए भी परियोजनाएं शुरू की हैं।

सॉसरके आकार की अपनी भौगोलिकता के कारण,अगरतला की अपनी ही अनूठी चुनौतियां हैं जिसके चलते अगरतला बाढ़ की चपेट में आता है। शहर प्रशासन ने स्मार्ट सिटीज मिशन के तहत इस समस्‍या के प्रबंधन के लिए परियोजनाएं शुरू की हैं।

ईटानगर ने अपनी स्मार्ट सड़कों और इंटेलिजेंट ट्रैफिक एवं ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम के माध्यम से अपने शहर के सड़क नेटवर्क को बेहतर बनाने की योजना बनाई है। पासीघाट प्रमुख स्मार्ट सिटी परियोजनाओं के माध्यम से आवास, ऊर्जा प्रबंधन और व्यवसाय विकास की चुनौतियों का समाधान कर रहा है।

इसलिए, प्रत्येक शहर ने अपनी प्रमुख समस्याओं की पहचान की है और उन समस्याओं का समाधान खोजने की दिशा में वह आगे बढ़ रहा है।

मुझे यह जानकर प्रसन्नता है कि अन्य पाँच उत्तर पूर्वी शहर यानी गुवाहाटी, आइज़ोल कोहिमा, इम्फाल और शिलांग भी इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

स्मार्ट सिटीज मिशन के तहत परियोजनाओं का कार्यान्वयन अब गति पकड़ रहा है।

मुझे विश्वास है कि हम अपने उत्तर पूर्वी शहरों में शहरी कायाकल्‍प की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। इससे लोगों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार होगा और क्षेत्र के आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।

दान
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"यह जनभागीदारी का ही परिणाम है, जिसके कारण पिछले 60 महीने में देशभर में 11 करोड़ से अधिक शौचालय बने। झारखंड में भी 36 लाख शौचालय तैयार हुए। पांच साल पहले झारखंड की आधी से ज्यादा आबादी खुले में शौच करने को मजबूर थी। चिंता थी कि सफलता कैसे मिलेगी? लेकिन झारखंड के आदिवासी भाइयों-बहनों ने इसे सरकारी कार्यक्रम नहीं रहने दिया और इस अभियान को अपना बनाकर आगे बढ़ाया। सरकार ने सिर्फ प्रोत्साहन दिया, बाकी काम जनता जनार्दन ने कर दिखाया। यही तो स्वराज है, यही तो सुशासन का आधार है। "

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ये बातें झारखंड के दुमका में रविवार को एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कहीं। श्री मोदी ने कहा कि झारखंड में उज्ज्वला योजना के तहत बड़ा काम हुआ है। यहां 33 लाख लोगों को मुफ्त गैस कनेक्शन मिले हैं। इनमें आदिवासी और दलित बहनों को 12 लाख गैस के कनेक्शन मिले हैं। उन्होंने कहा, "जिसे पहले कोई सोच नहीं सकता था,उसे हमने करके दिखाया है। भाजपा की सरकार का काम करने का तरीका यही है।"

पीएम मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान मालिकों के मन मुताबिक घर तैयार किये जा रहे हैं। इस योजना के तहत पिछले चार साल में झारखंड में 10 लाख घर बने हैं, जबकि 8 लाख घरों का निर्माण कार्य चल रहा है। उन्होंने कहा, "2022 तक देश में एक भी व्यक्ति नहीं बचेगा, जिसके पास अपना पक्का मकान नहीं होगा। 2014 से पहले झारखंड के मुख्यमंत्री 30-35 हजार घर बनाने का दावा करते थे लेकिन पिछले पांच सालों में झारखंड में 10 लाख घर बने हैं।"

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमने हर घर जल पहुंचाने का संकल्प लिया है। पानी और सिंचाई की समस्या से हम भलीभांति अवगत हैं। इसी के तहत जल जीवन मिशन की शुरुआत की गई है। इस काम में ग्राम समितियों और जल समितियों की बड़ी भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि आजादी के कई दशकों के बाद भी झारखंड के सिर्फ 12-15 फीसदी गांवों और कस्बों तक ही पाइपलाइन पहुंची थी। भाजपा की सरकार ने इस स्थिति को बदलने का काम किया है। पिछले 5 सालों में पाइपलाइन का दोगुना विस्तार हुआ है।

पीएम मोदी ने कहा कि भाजपा की सरकार आपको पूछे बगैर, आपकी अनुमति के बगैर, कोई भी कदम नहीं उठा सकती है। जनहित, जनभावना और आपकी इच्छा ही हमारे लिए सर्वोपरि है। उन्होंने कहा, "हम ऐसी सरकार चलाते हैं जिसका कोई रिमोट कंट्रोल नहीं होता है। हम ऐसी सरकार चलाते हैं, जिसका एक ही हाईकमान होता है और हाईकमान ये हमारी जनता जनार्दन होती है, मेरे देशवासी होते हैं। संवदेनशीलता, जन समस्याओं के प्रति सजगता और उनके निराकरण के लिए ईमानदार प्रयास ही भाजपा सरकार की पहचान रही है।"

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कांग्रेस और उसके साथी नागरिकता कानून के खिलाफ आगजनी फैला रहे हैं। ये लोग कौन हैं, यह उनके कपड़ों से ही पता चल जाता है। हिंसा फैलाने वालों को देश देख रहा है और देश को पक्का विश्वास हो चला है कि पार्लियामेंट ने नागरिकता का कानून बनाकर देश को बचा लिया है। उन्होंने कहा, "मैं असम के भाइयों-बहनों का सिर झुकाकर अभिनंदन करता हूं कि इन्होंने हिंसा करने वालों को अपने से अलग कर दिया है। शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात बता रहे हैं। देश का मान-सम्मान बढ़े, ऐसा व्यवहार असम, नार्थ ईस्ट कर रहा है।"

पीएम मोदी ने कहा कि पहले सरकारी योजनाएं सिर्फ कागजों तक सिमट कर रह जाती थीं क्योंकि सरकार और जनता के बीच बहुत बड़ी खाई थी। ये खाई राजनीति अफसरशाही, भ्रष्टाचार और असंवेदनशीलता की थी। आपका ये सेवक इस खाई को पाटने में निरंतर जुटा है और इसमें अभूतपूर्व सफलता भी मिली है। उन्होंने कहा, "झारखंड के 20 जिले ऐसे हैं, जहां कांग्रेस और उसके साथी दल, सालों तक शासन करने के बावजूद बुनियादी सुविधाएं तक नहीं पहुंचा पाए। ये भाजपा की ही सरकार है, जिसने झारखंड के इन 20 जिलों को पिछड़े के बजाय आकांक्षी घोषित किया और आज ये जिले विकास के रास्ते पर अग्रसर हैं।"

पीएम मोदी ने कहा कि झारखंड के आदिवासी बच्चों को पढ़ाई-लिखाई के लिए ज्यादा दूर तक ना जाना पड़े, इसके लिए हर ब्लॉक में एकलव्य मॉडल स्कूल बनाने का संकल्प भी भाजपा का ही है। झारखंड में IIT, AIIMS जैसे उच्च शिक्षा संस्थान खोलने का काम भाजपा ने किया है। उन्होंने कहा, "जिस झारखंड को JMM और कांग्रेस ने पिछड़ेपन का प्रतीक बनाया। उसी झारखंड को हम बदलते भारत की नई पहचान से जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। बीते 5 वर्षों में देश की सबसे बड़ी और करोड़ों लोगों का जीवन बदलने वाली आयुष्मान भारत जैसी कई योजनाओं की शुरुआत झारखंड से हुई है।"

 प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से भारी तादाद में मतदान कर झारखंड में भाजपा की दोबारा सरकार बनाने की अपील की।