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कृषि महोत्सव: किसानों से श्री मोदी का विडियो कांफ्रेंस के जरिये वार्तालाप नर्मदा युओजना के जल वितरण का पूरा कामकाज किसान पियत सहकारी मंडलियों को सौंपा गया : मुख्यमंत्री नर्मदा योजना के लिये केन्द्र सरकार का अन्याय: सरदार सरोवर डेम की १३८ मीटर उंचाई के लिए दरवाजे लगाने की अनुमति दी जाए

अहमदाबाद:मंगलवार । मुख्यमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज कृषि महोत्सव अभियान के तहत किसानों से विडियो कांफ्रेंस के जरिये वार्तालाप में कहा कि नर्मदा योजना के जल वितरण का पूरा कामकाज गांव-गांव में ५००० जितनी किसानों की पियत सहकारी मंडलियों को सौंपने का फैसला लिया गया है। श्री मोदी ने आह्वान किया कि जिस तरह गुजरात के किसानों ने जल संचय का अभियान जनभागीदारी से पूर्ण किया और नर्मदा योजना के लिए आगे आकर ४०,००० हैक्टेयर भूमि सौंप दी उसी तरह अब नर्मदा के पानी वितरण का पूरा कामकाज भी पियत सहकारी मंडलियों के किसान सम्भाल लें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बरसों से नर्मदा योजना के लिये ४०-४० साल तक सपने साकार करने में दो पीढ़ी निकल गई लेकिन अब भी केन्द्र सरकार से सरदार सरोवर डेम की १३८ मीटर उंचाई करने के लिए दरवाजे लगाने की अनुमति नहीं मिल रही। १२१.९२ मीटर की डेम की उंचाई हमने पूरी कर ली मगर अब भी २७ प्रतिशत नर्मदा जल की क्षमता ही है इसे १३८ मीटर तक पहुंचाने के लिए दरवाजे जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि नर्मदा योजना के आड़े आनेवाले गुजरात विरोधी, नर्मदा विरोधी गुजरात के विकास को रोकने के लिए ईर्ष्या के कारण विरोध कर रहे हैं। भारत सरकार की एआईबीपी में से अकालग्रस्त क्षेत्र की केन्द्रिय सहायता के तौर पर अन्य सींचाई योजनाओं में ९० प्रतिशत रकम दी जाती है मगर गुजरात की एकमात्र नर्मदा योजना को इस ९० प्रतिशत की योजना से बाहर रखा गया है। केन्द्र सरकार गुजरात विरोधी है।

श्री मोदी ने कहा कि नर्मदा योजना का मूल प्रोजेक्ट ६००० करोड़ का था जो आज ४०-५० हजार करोड़ का हो गया पर केन्द्र सरकार कोई मदद नहीं करना चाहती। गुजरात सरकार ने अपने बजट में से ९००० करोड़ की व्यवस्था करके उत्तर गुजरात, सौराष्ट्र, कच्छ में नहरों का काम शुरु कर दिया है। पिछले दो वर्ष में ही ८०,००० किसानों ने ४०,००० हैक्टेयर जमीन आगे आकर नर्मदा योजना के लिए देकर मिसाल कायम की है। उनको राज्य सरकार ने सम्पत्ति अवॉर्ड के तौर पर १२०० की रकम मुआवजे के रूप में दे दी है। पूर्व में किसी ने बड़ी सींचाई के डेमों की परवाह नहीं की थी, इसके कारण १५ लाख हैक्टेयर की वर्तमान सींचाई क्षमता १० लाख हैक्टेयर में उपलब्ध थी। इस सरकार ने केनाल सुधार का ४५० करोड़ का प्रोजेक्ट शुरु किया। सवा दो लाख हैक्टेयर में वर्तमान तालाबों-केनालों का सुधार कर सींचाई सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। दस और बड़ी सींचाई योजनाओं के डेमों को ठीक किया जाएगा। कच्छ-सौराष्ट्र की ढ़ाकीनी नर्मदा केनाल शाखा द्वारा विश्व का सबसे विशाल पम्पिंग स्टेशन का प्रोजेक्ट पूरा किया गया है। श्री मोदी ने किसानों से टपक सींचाई पद्धति अपनाने का अनुरोध किया।

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PM congratulates Asha Parekh ji on being conferred the Dadasaheb Phalke award
September 30, 2022
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The Prime Minister, Shri Narendra Modi has congratulated Asha Parekh ji on being conferred the Dadasaheb Phalke award.


In a reply to a tweet by the President of India, Smt Droupadi Murmu , the Prime Minister tweeted:

“Asha Parekh Ji is an outstanding film personality. In her long career, she has shown what versatility is. I congratulate her on being conferred the Dadasaheb Phalke award.”