"Shri Narendra Modi strongly criticizes Union Budget 2013"
"Union Budget shows disconnect between the Congress-led UPA Government and the people of this country: Shri Modi"
"Absolutely no linkage with the Budget and the 12th 5 Year Plan: Shri Modi"
"Budget lacks growth strategy for India’s economic development: Shri Modi"

आम बजट पर मुख्यमंत्री की कड़ी प्रतिक्रिया

बजट बताता है कि कांग्रेस शासित यूपीए सरकार और देश की जनता के बीच कोई संबंध नहीं है - मुख्यमंत्री

अर्थव्यवस्था के विकास के लिए जरूरी ग्रोथ स्ट्रेटेजी और विजन का अभाव है बजट में बारहवीं पंचवर्षीय योजना एवं बजट के बीच कोई समन्वय नहीं

वर्तमान चुनौतियों एवं समस्याओं के निराकरण के लिए विश्वसनीय कदम नजर नहीं आया

मुख्यमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने केन्द्र सरकार के वर्ष २०१३-१४ के आम बजट पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि कांग्रेस शासित यूपीए सरकार और भारत की जनता के बीच कोई संबंध नहीं रहा, यह बजट इस बात का दस्तावेज है। भारत की सर्वांगीण अर्थव्यवस्था और विकास के लिए जरूरी ग्रोथ स्ट्रेटेजी एवं विजन के अभाव वाले इस आम बजट और बारहवीं पंचवर्षीय योजना के बीच किसी प्रकार का समन्वय ही नहीं है।

श्री मोदी ने कहा कि कांग्रेस शासित यूपीए सरकार के कार्यकाल के इस अंतिम बजट में देश के विकास के लिए जनता के सपनों की कोई झलक नजर नहीं आती। ऐसा लग रहा है मानों यूपीए सरकार एक साल का समय बीताने के अलावा जनता के साथ कोई संवेदना नहीं रखती।

भारत की अर्थव्यवस्था के सामने खड़ी चुनौतियों का सामना करते हुए और वर्तमान समस्याओं के निराकरण के लिए विश्वसनीय कदम उठाने तथा राजनैतिक इच्छा शक्ति के जरिए दीर्घकालिक विकास का आखिरी मौका भी घोटालों, प्रशासनिक अक्षमता और लकवाग्रस्त नीतियों से घिरी यूपीए सरकार ने खो दिया है। उन्होंने कहा कि वैश्विक मंदी का रोना रोने से भारत की अर्थव्यवस्था सुधरने वाली नहीं है। महंगाई में पिस रही देश की जनता के सामने मुंह बाएं खड़ी विकराल समस्याओं के निराकरण के लिए निर्णायक और साहसिक कदम उठाने के बदले केन्द्र सरकार के इस बजट ने देश की जनता को निराशा और हताशा के गर्त में धकेल दिया है। भारतीय अर्थतंत्र की जीडीपी विकास वृद्धि के लिए आवश्यक वित्तीय अनुशासन का व्यवस्थापन, गैरविकासलक्ष्यी खर्चों पर नियंत्रण और किफायत की कार्ययोजना, राजकोषीय घाटा कम करने की वित्तीय व्यूहरचना की कोई प्रतीति इस बजट में नहीं होती।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व का सबसे युवा देश होने के बावजूद, देश के करोड़ों युवाओं को विकास में प्रेरित करने की बात तो दूर रही, उनके कौशल विकास एवं रोजगार निर्माण के अवसरों के लिए हास्यास्पद प्रावधान कर युवा शक्ति की घोर उपेक्षा की गई है। सामाजिक सेवाओं और ढांचागत सुविधाओं के लिए पूंजीनिवेश हासिल करने की किसी प्रकार की गंभीरता बजट में नजर नहीं आती। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार का अर्थव्यवस्थापन दिवालिया है और देश के राज्यों की कुल देनदारी से भी ज्यादा देनदारी का बोझ केन्द्र का है। लेकिन केन्द्र सरकार राज्यों को विकास के लिए प्रोत्साहित करने के बजाय भेदभाव और वोटबैंक की राजनीति करते हुए जानबूझकर निरुत्साहित करती है।

राज्यों के केन्द्र की अर्थव्यवस्था में योगदान को प्रेरित करने के लिए कोई नीतिदर्शन इसमें दिखाई नहीं पड़ता। कृषि विकास, ग्राम विकास, गरीब एवं वंचितों के विकास और जीवन सुधार के लिए कोई ठोस प्रतिबद्धता भी बजट में दृष्टिगोचर नहीं होती।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुल मिलाकर, यूपीए-२ सरकार की पांच वर्षों की प्रशासनिक अकर्मण्यता (नॉन परफॉर्मेंस ऑफ गवर्नेंस) का यह जीता-जागता दस्तावेज है जिसने आम आदमी को सिवाय घोर निराशा के और कुछ नहीं दिया है।

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प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी को भारत का सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर दुनिया भर के नेताओं ने बधाई दी
June 09, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी को सबसे लंबे समय तक भारत का निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर दुनिया भर के नेताओं ने गर्मजोशी भरी बधाई दी है। विश्‍व भर के नेताओं ने प्रधानमंत्री के बदलाव लाने वाले शासन, 'ग्लोबल साउथ' की वकालत और एक समावेशी व आर्थिक रूप से गतिशील भारत की उनकी कल्‍पना की सराहना की।

श्रीलंका के राष्ट्रपति महामहिम अनुरा कुमारा दिसानायके ने 8 जून 2026 को प्रधानमंत्री को लिखे एक पत्र में श्रीलंका की सरकार और वहां के लोगों की ओर से उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा: "यह उपलब्धि न केवल आपके कार्यकाल की अवधि को दर्शाती है, बल्कि उस भरोसे और विश्वास का भी प्रमाण है जो दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की जनता ने बार-बार आपके नेतृत्व में जताया है।" राष्ट्रपति ने भारत के उल्लेखनीय आर्थिक और सामाजिक बदलाव का भी ज़िक्र किया और कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के विज़न ने भारत की सीमाओं से परे, श्रीलंका सहित कई देशों के लोगों को प्रेरित किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने 4-6 अप्रैल 2025 के दौरान श्रीलंका का दौरा किया था। यह इस द्वीप देश की उनकी चौथी यात्रा थी, जिसके दौरान उन्हें 'मित्र विभूषण' से सम्मानित किया गया - यह श्रीलंका का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है जो किसी विदेशी गणमान्य व्यक्ति को दिया जाता है। इस यात्रा ने भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' (पड़ोसी पहले) नीति को और मज़बूत किया; श्रीलंका भारत की अटूट साझेदारी से सबसे ज़्यादा लाभ उठाने वाले देशों में से एक है, जिसमें 2022 में श्रीलंका की आर्थिक मुश्किलों के दौरान भारत का अहम सहयोग भी शामिल है।

पापुआ न्यू गिनी के प्रधानमंत्री जेम्स मारापे ने एक व्‍यक्तिगत वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री मोदी को "एक रोल मॉडल और लीडरशिप की मिसाल" बताया। उन्होंने कहा - "आज 20 करोड़ से ज़्यादा लोगों को गरीबी से निकालकर बेहतर ज़िंदगी देना एक अद्भुत उपलब्धि है।" प्रधानमंत्री मारापे ने पापुआ न्यू गिनी की स्‍नेहपूर्ण दोस्ती और दोनों देशों के बीच संबंधों को और मज़बूत करने की इच्छा ज़ाहिर की। मई 2023 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पापुआ न्यू गिनी की ऐतिहासिक यात्रा भारत–प्रशांत द्वीपीय देशों के संबंधों में एक महत्वपूर्ण क्षण था। किसी भारतीय प्रधानमंत्री की इस देश की यह पहली यात्रा थी। यह यात्रा भारत–प्रशांत द्वीप सहयोग मंच (एफआईपीआईसी) के तीसरे शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए की गई थी। इस यात्रा ने 'ग्लोबल साउथ' के एक प्रतिबद्ध साथी के तौर पर भारत की भूमिका पर जोर दिया।

त्रिनिदाद और टोबैगो की प्रधानमंत्री कमला प्रसाद-बिसेसर ने इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी को बधाई दी और कहा कि "प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्‍व में भारत वैश्विक मामलों में एक प्रमुख आवाज़ बनकर उभरा है।" उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की साधारण शुरुआत से लेकर तीन कार्यकाल तक 1.4 अरब लोगों वाले देश का नेतृत्व करने तक के सफ़र पर प्रकाश डाला और विदेश नीति, आर्थिक विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर और सामाजिक-आर्थिक विकास में भारत की अहम उपलब्धियों पर बल दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने 3-4 जुलाई 2025 को त्रिनिदाद और टोबैगो की एक ऐतिहासिक यात्रा की - जो 26 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली द्विपक्षीय यात्रा थी - और यह यात्रा त्रिनिदाद और टोबैगो में भारतीय प्रवासियों के आगमन की 180वीं वर्षगांठ के मौके पर हुई।