प्रधानमंत्री ने संस्कृत सुभाषितम साझा किया, कहा— निरंतर प्रयास ही सफलता की असली कुंजी

July 02nd, 04:24 pm

पीएम मोदी ने एक संस्कृत सुभाषितम साझा करते हुए कहा कि निरंतर प्रयास ही सफलता की असली कुंजी है। उन्होंने कहा कि जो लोग धैर्य, दृढ़ संकल्प और आत्मविश्वास के साथ लगातार आगे बढ़ते रहते हैं, वही अपने लक्ष्य को हासिल करते हैं।

पीएम मोदी ने सर्वोच्च लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए अनुशासन और मन पर नियंत्रण का महत्व बताने वाला संस्कृत सुभाषितम साझा किया

July 01st, 12:13 pm

पीएम मोदी ने एक संस्कृत सुभाषितम साझा करते हुए कहा कि अनुशासन, विवेक और मन पर नियंत्रण जीवन के सर्वोच्च लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटल इंडिया के 11 वर्षों की सफलता ने भारत को दुनिया में एक नई पहचान दिलाई है और जो इनोवेशन और टेक्नोलॉजी को अपनाने के देश के संकल्प को दर्शाती है।

पीएम मोदी ने हर लक्ष्य की प्राप्ति में एकता का महत्व बताने वाला संस्कृत सुभाषितम साझा किया

June 30th, 11:00 am

पीएम मोदी ने एक संस्कृत सुभाषितम साझा करते हुए कहा कि विचारों, संकल्प और उद्देश्य की एकता ही हर सफलता की सबसे मजबूत नींव होती है। उन्होंने सभी देशवासियों से एक साझा विजन के साथ मिलकर आगे बढ़ने और विकसित भारत के लक्ष्यों को हासिल करने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री ने दुनिया की विविध संस्कृतियों के सम्मान पर जोर देते हुए एक संस्कृत सुभाषितम साझा किया

June 29th, 10:43 am

पीएम मोदी ने दुनिया की विविध संस्कृतियों का सम्मान करने के महत्व पर जोर देते हुए एक संस्कृत सुभाषितम साझा किया। इस सुभाषितम का संदेश है कि जो व्यक्ति उचित आचरण को समझता है और अलग-अलग देशों, समाजों तथा समुदायों की परंपराओं, रीति-रिवाजों और संस्कृति का सम्मान करता है, उसे हर जगह सम्मान मिलता है और लोग उसे अपना मार्गदर्शक मानते हैं।

प्रधानमंत्री ने एकता और आपसी सद्भाव पर जोर देते हुए संस्कृत सुभाषितम साझा किया

June 26th, 12:33 pm

पीएम मोदी ने संस्कृत सुभाषितम साझा किया और कहा कि सभी को हमेशा एकता और आपसी सद्भाव के साथ मिलकर काम करना चाहिए, ठीक वैसे ही जैसे प्राचीन काल में देवता किया करते थे। उन्होंने सभी से अपील की कि हम साथ-साथ चलें, साथ-साथ बोलें और अपने विचारों में भी आपसी सामंजस्य बनाए रखें।

प्रधानमंत्री ने इमरजेंसी के दौरान लोकतंत्र की रक्षा करने वालों को श्रद्धांजलि अर्पित की

June 25th, 10:53 am

'संविधान हत्या दिवस' पर प्रधानमंत्री मोदी ने इमरजेंसी के दौरान लोकतांत्रिक मूल्यों की दृढ़ता से रक्षा करने वाले सभी लोगों को आज श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने संस्कृत का एक सुभाषितम् भी साझा किया और भारत के संविधान, लोकतंत्र तथा हर नागरिक के अधिकारों की रक्षा के प्रति देश की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने कहा कि संविधान ही देश को सही दिशा दिखाने वाला मार्गदर्शक है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एकजुट प्रयासों से राष्ट्र की समृद्धि के महत्व पर संस्कृत सुभाषितम् साझा किया

June 24th, 03:34 pm

पीएम मोदी ने उत्साह, समर्पण और दृढ़ उद्देश्य के साथ काम करने पर राष्ट्र की प्रगति को रेखांकित करते हुए एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयास और कड़ी मेहनत समाज को नई ऊर्जा देते हैं और विकास लक्ष्यों को वास्तविकता में बदलने में मदद करते हैं।

प्रधानमंत्री ने संस्कृत सुभाषितम् साझा करते हुए डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को उनके बलिदान दिवस पर श्रद्धांजलि अर्पित की

June 23rd, 03:39 pm

पीएम मोदी ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को उनके बलिदान दिवस पर श्रद्धांजलि दी और राष्ट्र-निर्माण में उनके अमूल्य योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी के महान विचार और आदर्श देश की हर पीढ़ी को प्रेरित करते रहेंगे। प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा करते हुए कहा कि जो महान आत्माएँ राष्ट्र, समाज और सत्य के लिए अपने निजी हितों का त्याग करती हैं, वे अमर हो जाती हैं।

प्रधानमंत्री ने योग के परिवर्तनकारी प्रभाव को दर्शाने वाला एक संस्कृत सुभाषितम साझा किया

June 22nd, 08:13 am

पीएम मोदी ने योग के परिवर्तनकारी प्रभाव को दर्शाने वाला एक संस्कृत सुभाषितम साझा किया और कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की अभूतपूर्व सफलता इसके वैश्विक प्रभाव को दर्शाती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि योग न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है, बल्कि मन को शांत करके और श्वास को नियंत्रित करके लोगों को सकारात्मक, आत्मविश्वासी और संतुलित जीवन जीने की प्रेरणा भी देता है।

प्रधानमंत्री ने ज्ञान, बुद्धिमत्ता और दूरदर्शिता के महत्व को रेखांकित करते हुए एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया

June 19th, 08:15 am

पीएम मोदी ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा करते हुए सफलता प्राप्त करने में ज्ञान, बुद्धिमत्ता और दूरदर्शिता के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि गहरी समझ, सही निर्णय लेने की क्षमता, आत्मविश्वास, प्रभावी बातचीत और समय की मांग को पहचानने की दूरदर्शिता जैसे गुण लोगों को चुनौतियों से निपटने और अपने लक्ष्य हासिल करने में मदद करते हैं।

प्रधानमंत्री ने सत्य, सेवा, ज्ञान और कर्म के महत्व को बताने वाला संस्कृत सुभाषितम् साझा किया

June 18th, 09:23 am

पीएम मोदी ने सत्य, निस्वार्थ सेवा, लगातार सीखते रहने और कर्म के महत्व को बताने वाला एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया। उन्होंने कहा कि सत्यनिष्ठा से समृद्धि प्राप्त होती है, निस्वार्थ सेवा से यश मिलता है, निरंतर अभ्यास से ज्ञान बढ़ता है और कर्म से बुद्धिमत्ता विकसित होती है। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि ये मूल्य व्यक्ति के चरित्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और समाज की सामूहिक प्रगति में भी अहम योगदान देते हैं।

प्रधानमंत्री ने सम्मान और सराहना के महत्व को रेखांकित करते हुए एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया

June 17th, 09:05 am

पीएम मोदी ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा करते हुए सम्मान, सराहना और स्वीकार्यता के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि सच्चे मन से की गई प्रशंसा आत्मविश्वास को मजबूत करती है, उसके अंदर गर्व और संतुष्टि की भावना जगाती है, और नई ऊर्जा व उत्साह का संचार करती है। इस सुभाषित का संदेश है कि दूसरों से मिलने वाला सम्मान व्यक्ति को अपनी खूबियों, क्षमताओं और सामर्थ्य को पहचानने तथा उन पर विश्वास करने की प्रेरणा देता है।

प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा करते हुए विवेक और सोच-समझकर निर्णय लेने के महत्व पर प्रकाश डाला

June 16th, 08:53 am

पीएम मोदी ने धैर्य, विवेक और सोच-समझकर निर्णय लेने के महत्व को बताते हुए एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया। उन्होंने कहा कि हर निर्णय लेने से पहले उसके सभी पहलुओं को अच्छी तरह समझना आवश्यक है, क्योंकि स्थायी सफलता उन्हीं कार्यों से प्राप्त होती है जो दूरदृष्टि और विचार-विमर्श के साथ किए जाते हैं। इस सुभाषितम् का संदेश है कि जो लोग विवेक और सही निर्णय क्षमता के साथ कार्य करते हैं, उनके पास समृद्धि और सफलता स्वयं चलकर आती है।

प्रधानमंत्री ने इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप में विविधता की भूमिका को रेखांकित करते हुए संस्कृत सुभाषितम् साझा किया

June 15th, 08:55 am

पीएम मोदी ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति अपने साथ एक अलग दृष्टिकोण, रचनात्मक सोच और समाज के लिए विशेष योगदान की क्षमता लेकर आता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जिस प्रकार हर जल स्रोत का स्वाद अलग होता है, उसी प्रकार हर व्यक्ति की प्रतिभा और सोच भी विशिष्ट होती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि जब अलग-अलग विचार, प्रतिभाएं और क्षमताएं एक साथ आती हैं, तो नई संभावनाओं का जन्म होता है, जो इनोवेशन, एंटरप्रेन्योरशिप और प्रगति को गति देती हैं।

प्रधानमंत्री ने साझा किया संस्कृत सुभाषितम्, कहा—नारी शक्ति राष्ट्र निर्माण की आधारशिला और शक्ति का सच्चा स्वरूप

June 12th, 12:39 pm

पीएम मोदी ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया, जिसमें नारी शक्ति को राष्ट्र-निर्माण की आधारशिला और शक्ति का सच्चा स्वरूप बताया गया है। महिलाओं के नेतृत्व में हुए विकास के 12 वर्षों पर बात करते हुए, उन्होंने वित्तीय समावेशन, उद्यमिता, शिक्षा, हेल्थकेयर, स्वच्छता, हाउसिंग, विज्ञान, इनोवेशन और गवर्नेंस जैसे क्षेत्रों में महिलाओं की बढ़ती भूमिका का जिक्र किया।

प्रधानमंत्री ने कृषि और फसलों को मानव जीवन का आधार बताने वाला संस्कृत सुभाषितम् साझा किया

June 11th, 11:34 am

पीएम मोदी ने ने कृषि के महत्व को रेखांकित करते हुए एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया। उन्होंने कहा कि खेती केवल आजीविका का साधन नहीं है, बल्कि समाज और राष्ट्र के पोषण का मूलभूत आधार भी है। प्रधानमंत्री ने किसानों की मेहनत और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि उनके अथक परिश्रम से करोड़ों लोगों का जीवन पोषित होता है और यही देश की समृद्धि तथा कल्याण की मजबूत नींव है।

प्रधानमंत्री ने लोकसेवा को सुशासन की सबसे बड़ी कसौटी और जनता का विश्वास अर्जित करने के माध्यम को दर्शाने वाले संस्कृत सुभाषितम को साझा किया

June 10th, 11:00 am

पीएम मोदी ने एक संस्कृत सुभाषितम साझा करते हुए इस बात पर जोर दिया कि लोकसेवा ही सुशासन की सबसे बड़ी कसौटी है। उन्होंने लोगों का भरोसा जीतने के लिए विनम्रता, समर्पण और कर्तव्य के प्रति अटूट निष्ठा को जरूरी बताया, साथ ही लोगों की सेवा करने, उनकी भलाई सुनिश्चित करने और समाज की प्रगति के लिए लगातार काम करने के महत्व पर भी जोर दिया।

प्रधानमंत्री ने लोककल्याण के लिए समर्पित वास्तविक बुद्धिमान व्यक्ति के गुणों पर आधारित संस्कृत सुभाषित साझा किया

June 09th, 10:27 am

पीएम मोदी ने 12 वर्षों के शासनकाल पर विचार साझा करते हुए भरोसे, विकास, जनकल्याण और राष्ट्र के प्रति निस्वार्थ सेवा के मूल्यों पर जोर दिया। एक संस्कृत सुभाषित साझा करते हुए उन्होंने कहा कि ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना ही भारत की एक मजबूत और अधिक आत्मनिर्भर राष्ट्र बनने की यात्रा की मार्गदर्शक शक्ति रही है।

प्रधानमंत्री ने प्रकृति के प्रति आभार और सभी के कल्याण की कामना करते हुए एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया

June 08th, 08:01 am

जैसे-जैसे भारत प्रगति और समृद्धि के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है, पीएम मोदी ने प्रकृति के साथ संतुलन बनाए रखते हुए सभी जीवों के कल्याण को सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह भावना हमारी संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। एक संस्कृत सुभाषितम् साझा करते हुए प्रधानमंत्री ने पर्यावरण की रक्षा के साथ-साथ समृद्धि प्राप्त करने के महत्व को रेखांकित किया।

विश्व पर्यावरण दिवस पर पीएम मोदी ने प्रकृति संरक्षण का संदेश देने वाला संस्कृत सुभाषितम् साझा किया

June 05th, 09:53 am

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पीएम मोदी ने सस्टेनेबल ग्रोथ, जैव विविधता संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। उन्होंने हरित क्षेत्र के विस्तार, वन्यजीव संरक्षण के प्रयासों और ‘एक पेड़ माँ के नाम’ जैसे अभियानों की महत्वपूर्ण उपलब्धियों का उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने ‘मिशन लाइफ’ के माध्यम से स्वच्छ और हरित भविष्य के निर्माण के लिए भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया। इस अवसर पर उन्होंने प्रकृति संरक्षण और पर्यावरण के साथ सामंजस्य का संदेश देने वाला एक संस्कृत सुभाषितम् भी साझा किया।