पीएम ने इंडिया AI इम्पैक्ट समिट को युवा शक्ति और तकनीकी प्रगति का प्रतीक बताते हुए संस्कृत सुभाषित साझा किया

February 16th, 08:29 am

भारत द्वारा 'इंडिया AI इम्पैक्ट समिट' की मेजबानी किए जाने पर पीएम मोदी ने गहरा गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि यह समिट भारत की युवा शक्ति की असीम क्षमता और ग्लोबल टेक्नोलॉजी क्षेत्र में देश के बढ़ते कद का प्रतिबिंब है। एक संस्कृत श्लोक साझा करते हुए उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह पृथ्वी अनगिनत अनमोल रत्नों से भरी है, इसलिए यहाँ होने वाले नित-नए आविष्कारों पर आश्चर्य नहीं करना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने प्रगति के लिए सक्रिय रहने का संदेश देने वाला संस्कृत सुभाषित साझा किया

February 13th, 12:04 pm

पीएम मोदी ने प्रगति के लिए सक्रिय रहने का महत्व बताने वाला एक संस्कृत श्लोक साझा किया। इस श्लोक का भाव है कि जो लोग लगातार आगे बढ़ते रहते हैं, वही दुनिया में उत्तम फल पाते हैं, जैसे हमेशा गतिमान रहने वाले सूर्य को श्रेय की प्राप्ति होती है। उन्होंने यह भी कहा कि पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना भी भगवान सूर्य की ऊर्जा से प्रकाशित है, जो हम सभी के जीवन में ऊर्जा और उत्साह भरते हैं।

प्रधानमंत्री ने वेदों की कालातीत ज्ञान परंपरा को रेखांकित करते हुए एक संस्कृत सुभाषित साझा किया

February 12th, 08:45 am

पीएम मोदी ने एक संस्कृत श्लोक साझा किया, जिसमें वेदों के कालजयी ज्ञान को उजागर किया गया है। श्लोक में बताया गया है कि यह संसार एक अविनाशी पीपल के वृक्ष की तरह है, जिसकी जड़ें ऊपर और शाखाएं नीचे हैं। इसके पत्ते वेद हैं, और जो इस संसाररूपी वृक्ष को समझ लेता है, उसे वेदों का ज्ञाता माना जाता है। पीएम ने कहा कि महर्षि दयानंद सरस्वती जी इस ज्ञान के जीवंत उदाहरण हैं।

प्रधानमंत्री ने राष्ट्र और मानवता की सेवा में सर्वस्व समर्पण को दर्शाते हुए संस्कृत सुभाषित साझा किया

February 11th, 10:31 am

आज पीएम मोदी ने एक संस्कृत सुभाषितम साझा किया, जो पूरी निष्ठा के साथ राष्ट्र और मानवता की सेवा का संदेश देता है – और जिसे पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी ने भी जीवनभर अपनाया। इस सुभाषितम का अर्थ है कि जिस राष्ट्र की महिमा का गान हिमालय करता हैं, जिसकी कीर्ति नदियों के साथ समुद्र तक प्रवाहित होती है, और जिसकी भुजाओं के समान दिशाएँ उसे नमन करती हैं, उस राष्ट्र को हम अपना सर्वस्व समर्पित करते हैं।

प्रधानमंत्री ने पृथ्वी माता के आशीर्वाद पर आधारित संस्कृत सुभाषित साझा किया

February 10th, 10:40 am

आज पीएम मोदी ने पृथ्वी माता के आशीर्वाद पर आधारित एक संस्कृत श्लोक साझा किया। श्लोक में कहा गया है, ‘जिस पृथ्वी से हमें धन और जीवन के लिए उपयोगी साधन प्राप्त होते हैं, उस माता पृथ्वी को हम प्रणाम करते हैं। आप स्थिर, सबको संयम में रखने वाली और धारण करने वाली हैं। हम कृषि-कार्य, समृद्धि तथा पोषण के लिए आपकी शरण में आते हैं।’

प्रधानमंत्री ने छात्रों की असीम क्षमता और ‘परीक्षा पे चर्चा’ की भावना पर आधारित संस्कृत सुभाषित साझा किया

February 09th, 09:06 am

पीएम मोदी ने एक संस्कृत श्लोक साझा करते हुए कहा कि जिस व्यक्ति में ज्ञान, तर्क, विज्ञान, स्मरण शक्ति, तत्परता और कर्मशीलता होती है, वह हर चुनौती को पार कर सकता है और उसके लिए कुछ भी असंभव नहीं होता। उन्होंने कहा कि ‘परीक्षा पे चर्चा’ का उद्देश्य छात्रों को यह समझाना है कि वे अपनी क्षमताओं और कौशल का सही और सार्थक उपयोग कैसे करें, ताकि व्यक्तिगत विकास और सफलता हासिल की जा सके।

प्रधानमंत्री ने स्वास्थ्य, दीर्घायु और राष्ट्र सेवा के आशीर्वाद की प्रार्थना करते हुए एक संस्कृत सुभाषित साझा किया

February 06th, 11:53 am

पीएम मोदी ने भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा का उल्लेख करते हुए एक प्रार्थना का संदर्भ दिया, जो राष्ट्र की स्वास्थ्य, दीर्घायु और सेवा के प्रति समर्पण की सामूहिक आकांक्षा को दर्शाती है। एक प्राचीन संस्कृत श्लोक का उद्धरण देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह भाव भारत की सांस्कृतिक विरासत की भावना को प्रकट करता है, जहां धरती के प्रति सम्मान, जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता और सेवाभाव को राष्ट्रीय प्रगति की नींव माना गया है।

प्रधानमंत्री ने संस्कृत सुभाषितम के माध्यम से विचार और कर्म के अनुशासन के महत्व पर जोर दिया

February 05th, 09:49 am

पीएम मोदी ने आज संस्कृत का एक सुभाषितम साझा किया, जिसमें जीवन में स्पष्ट सोच और दृढ़ कार्रवाई के महत्व पर जोर दिया गया है। उन्होंने बताया कि अनिर्णय मन को कमजोर करता है और उद्देश्य में विकृति उत्पन्न करता है। उन्होंने कहा कि एक बार मूलभूत कार्य शुरू हो जाने के बाद, चुनौतियां और भी गहरी तथा जटिल हो जाती हैं और ऐसे में अनुशासन, एकता तथा अटूट संकल्प की आवश्यकता होती है।

प्रधानमंत्री ने संस्कृत सुभाषितम साझा करते हुए स्वास्थ्य और प्रसन्‍नता के लिए हंसी की शक्ति पर प्रकाश डाला

February 04th, 09:47 am

पीएम मोदी ने आज प्राचीन ज्ञान पर आधारित एक प्रेरणादायक सुभाषितम साझा किया, जिसमें उन्होंने सर्वोत्तम औषधि के रूप में हंसी के शाश्वत मूल्य पर बल दिया। संस्कृत के एक सुभाषितम का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सभी औषधियों में हँसी को सर्वोत्तम माना जाता है, क्योंकि यह नि:शुल्क उपलब्ध है, आसानी से सुलभ है और स्वास्थ्य एवं सुख को बढ़ाती है।

प्रधानमंत्री ने विकसित भारत के निर्माण में आत्मविश्वास की शक्ति पर बल देते हुए संस्कृत सुभाषितम साझा किया

February 03rd, 09:20 am

पीएम मोदी ने आज एक संस्कृत सुभाषितम साझा किया, जिसमें विकसित भारत के सपने को साकार करने में आत्मविश्वास की शक्ति पर बल दिया गया है। सुभाषितम में कहा गया है कि आत्मविश्वास वह शक्ति है, जिसके बल पर सब कुछ संभव है। विकसित भारत के सपने को साकार करने में देशवासियों की यही शक्ति बहुत काम आने वाली है।

प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भरता पर बल देते हुए संस्कृत सुभाषितम साझा किया

February 02nd, 12:56 pm

पीएम मोदी ने आत्मनिर्भरता पर बल देते हुए एक संस्कृत सुभाषितम साझा किया और कहा कि आत्मनिर्भरता वह दीपक है जो आत्मसम्मान और सामर्थ्‍य का मार्ग दिखाती है। सुभाषितम में कहा गया है कि सागर कभी पानी नहीं मांगता, फिर भी वह हमेशा भरा रहता है। ठीक उसी प्रकार, जब कोई व्यक्ति योग्य हो जाता है, तो धन उसे स्वाभाविक रूप से प्राप्त होता है। प्रधानमंत्री ने इस सुभाषितम को बजट की उस दिशा से जोड़ा जिसमें हमारे युवा साथी आत्मनिर्भर और सशक्त बनें।

प्रधानमंत्री ने बापू के अहिंसा के संदेश को दर्शाने वाले संस्कृत सुभाषितम को साझा किया

January 30th, 10:30 am

पीएम मोदी ने नियमित रूप से संस्कृत सुभाषितम् को साझा करने की अपनी परंपरा के तहत, एक सुभाषितम् साझा किया जिसमें पूज्य बापू द्वारा मानवता की रक्षा के लिए अहिंसा पर दिए गए बल को उजागर किया गया है। यह सुभाषितम् बताता है कि अहिंसा सर्वोच्च कर्तव्य, सर्वोच्च तपस्या और परम सत्य है, जिससे समस्त धर्मों की रचना हुई है।

बीटिंग रिट्रीट समारोह भारत की समृद्ध सैन्य विरासत की शक्ति प्रदर्शित करती है: प्रधानमंत्री

January 29th, 09:51 am

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि बीटिंग रिट्रीट समारोह गणतंत्र दिवस समारोह के समापन का प्रतीक है और यह भारत की समृद्ध सैन्य विरासत की शक्ति को प्रदर्शित करता है। श्री मोदी ने कहा, हमें अपने सशस्त्र बलों पर बेहद गर्व है जो देश की रक्षा के लिए समर्पित हैं।

पीएम मोदी ने अनुशासन, सेवा और ज्ञान पर जोर देने वाला एक संस्कृत सुभाषितम साझा किया

January 28th, 09:41 am

पीएम मोदी ने अनुशासन, सेवा और ज्ञान के सार्वभौमिक सिद्धांतों पर बल देने वाले एक संस्कृत सुभाषितम को साझा किया, जो पृथ्वी के भविष्य का आधार हैं। सुभाषितम में कहा गया है कि पृथ्वी सार्वभौमिक सत्य, कठोर अनुशासन, सभी की सेवा के संकल्प, तपस्यापूर्ण जीवन और गहन ज्ञान द्वारा निर्देशित निरंतर कर्म से ही पोषित है।

प्रधानमंत्री ने शांति और संतोष पर जोर देते हुए संस्कृत सुभाषितम साझा किया

January 27th, 08:57 am

पीएम मोदी ने शांति और संतोष पर जोर देने वाला एक संस्कृत सुभाषितम साझा किया। सुभाषितम में कहा गया है कि शांति से बढ़कर कोई प्रयास नहीं, संतोष से बढ़कर कोई सुख नहीं, लोभ से बढ़कर कोई रोग नहीं और करुणा से बढ़कर कोई कर्तव्य नहीं।

प्रधानमंत्री ने गणतंत्र दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए एक संस्कृत सुभाषितम साझा किया

January 26th, 08:22 am

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि गणतंत्र दिवस भारत की स्वतंत्रता, संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों का एक शक्तिशाली प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह अवसर राष्ट्र को नई ऊर्जा और प्रेरणा से भर देता है, ताकि हम एक साथ मिलकर राष्ट्र-निर्माण की दिशा में दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ें।

प्रधानमंत्री ने पराक्रम दिवस पर संस्कृत सुभाषित साझा किया, नेताजी सुभाष चंद्र बोस की वीरता और शौर्य के आदर्शों को स्मरण किया

January 23rd, 09:00 am

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जीवन हमें वीरता और शौर्य का सच्चा मायने सिखलाता है। उन्होंने कहा कि पराक्रम दिवस राष्ट्र को नेताजी के अदम्य साहस, बलिदान और मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण की याद दिलाता है।

प्रधानमंत्री ने पुत्रियों के महत्व और शक्ति को रेखांकित करते हुए संस्कृत सुभाषितम साझा किया

January 22nd, 09:26 am

पीएम मोदी ने कहा कि कन्या को लक्ष्मी मानने वाले हमारे देश में आज ही के दिन 11 वर्ष पहले ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान की शुरुआत हुई थी। यह हम सभी के लिए बड़े गर्व की बात है कि आज भारत की बेटियां हर क्षेत्र में निरंतर नए-नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। उन्होंने बेटियों के महत्व पर भारतीय सोच को दर्शाने वाला एक संस्कृत सुभाषित भी साझा किया।

मणिपुर, मेघालय और त्रिपुरा के स्थापना दिवस पर, पीएम मोदी ने निरंतर प्रयास और प्रगति का संदेश देने वाला संस्कृत श्लोक साझा किया

January 21st, 09:28 am

मणिपुर, मेघालय और त्रिपुरा के राज्य स्थापना दिवस पर पीएम मोदी ने क्षेत्र के लोगों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं और आशा व्यक्त कि वे जीवन के हर क्षेत्र में सफलता हासिल करेंगे। उन्होंने निरंतर प्रयास और प्रगति की भावना को दर्शाने वाला एक संस्कृत श्लोक भी साझा किया।

प्रधानमंत्री ने ज्ञान के सार को आत्मसात करने पर केंद्रित संस्कृत सुभाषित साझा किया

January 20th, 10:36 am

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज एक प्रेरणादायक संस्कृत सुभाषित साझा किया, जो ज्ञान की विशालता के बीच केवल उसके सार पर ध्यान केंद्रित करने की शाश्वत बुद्धिमत्ता पर जोर देता है।