विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर प्रधानमंत्री ने विभाजन पीड़ितों के साहस को किया याद

August 14th, 08:58 am

पीएम नरेन्द्र मोदी ने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर विभाजन से प्रभावित लोगों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने उनके साहस और सामर्थ्य को याद किया, जिसके बल पर उन्होंने अपने जीवन को फिर से संभाला और भारत की प्रगति में अमूल्य योगदान दिया। उन्होंने एक संस्कृत सुभाषितम् भी साझा किया, जिसमें बताया गया है कि कड़ी मेहनत, साहस और मानवीय प्रयास मुश्किल परिस्थितियों को पार करने और अपने भाग्य को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं।

पीएम मोदी ने जीवन की चुनौतियों से पार पाने में दृढ़ संकल्प, अथक परिश्रम और पुरुषार्थ के महत्व को रेखांकित करते हुए संस्कृत सुभाषितम् साझा किया

August 13th, 07:37 am

पीएम नरेन्द्र मोदी ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया, जिसमें जीवन की चुनौतियों का सामना करने और विपरीत परिस्थितियों को अनुकूल बनाने में दृढ़ संकल्प, अथक परिश्रम और पुरुषार्थ की शक्ति को रेखांकित किया गया है। सुभाषितम् में बताया गया है कि निरंतर प्रयास और अटूट संकल्प के माध्यम से व्यक्ति आगे बढ़ता है और अंततः सफलता प्राप्त करता है।

पीएम मोदी ने दूरदर्शिता, विचारों, शब्दों और कार्यों के माध्यम से लोगों का दिल जीतने वाला संस्कृत सुभाषितम् साझा किया

August 12th, 08:10 am

पीएम नरेन्द्र मोदी ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया, जिसमें बताया गया है कि कैसे सही सोच, विचार, शब्द और काम लोगों का दिल जीत सकते हैं और उनका भरोसा, सम्मान और सद्भावना भी हासिल कर सकते हैं। उन्होंने भारत के युवाओं की संवेदनशीलता, सेवा की भावना और क्षमताओं पर भी जोर दिया और उन्हें देश की सबसे बड़ी ताकत बताया।

पीएम मोदी ने व्यक्ति के जीवन और चरित्र को निखारने वाले आठ आवश्यक गुणों पर आधारित संस्कृत सुभाषितम् साझा किया

August 11th, 08:11 am

पीएम मोदी ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया, जिसमें बताया गया है कि जीवन को बेहतर बनाने और चरित्र को मजबूत करने के लिए आठ गुण बेहद जरूरी हैं। इनमें बुद्धिमत्ता, अच्छा आचरण, आत्मसंयम, ज्ञान, साहस, कुशल वाणी, उदारता और कृतज्ञता शामिल हैं।

प्रधानमंत्री ने सत्य और प्रामाणिक सूचनाओं के महत्व पर आधारित संस्कृत सुभाषितम् साझा किया

August 10th, 10:00 am

पीएम मोदी ने आज एक संस्कृत श्लोक साझा करते हुए सत्य, प्रामाणिक और जनहितकारी सूचनाओं का प्रसार करने के महत्व पर प्रकाश डाला। यह श्लोक लोगों से ऐसा विश्वसनीय ज्ञान साझा करने का आग्रह करता है जो राष्ट्र और समाज को जागरूक, सशक्त तथा समरस बनाए।

प्रधानमंत्री ने निःस्वार्थ सेवा भावना के महत्व को दर्शाने वाला संस्कृत सुभाषितम् साझा किया

August 07th, 11:17 am

पीएम नरेन्द्र मोदी ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया, जिसमें बताया गया है कि सच्ची महानता निस्वार्थ सेवा और बिना किसी फल की इच्छा के दूसरों की सहायता करने में होती है। उन्होंने कहा कि समाज की सेवा करना महान और श्रेष्ठ व्यक्तियों के जीवन का स्वाभाविक मार्ग होता है।

पीएम नरेन्द्र मोदी ने संस्कृत सुभाषितम साझा किया, पृथ्वी को बताया सभी जीवों की माँ

August 06th, 11:07 am

पीएम नरेन्द्र मोदी ने एक संस्कृत सुभाषितम साझा किया, जिसमें पृथ्वी को सभी जीवों का पालन-पोषण करने वाली माँ बताया है। इस सुभाषितम के माध्यम से उन्होंने पृथ्वी के प्रति सम्मान, धर्म और सद्भाव के साथ जीवन जीने का संदेश दिया। उन्होंने प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर रहने और हमारे ग्रह की रक्षा करने वाले मूल्यों को बनाए रखने के महत्व पर भी बात की।

प्रधानमंत्री ने आत्मिक विकास के महत्व पर आधारित संस्कृत सुभाषितम् साझा किया

August 05th, 12:30 pm

पीएम मोदी ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा करते हुए इस बात पर प्रकाश डाला कि आत्मिक विकास व्यक्ति के भीतर सेवा, समर्पण और राष्ट्र निर्माण की भावना का संचार करता है। उन्होंने बताया कि भारत की युवा शक्ति आज इन्हीं आदर्शों से प्रेरित होकर देश को हर क्षेत्र में आगे ले जा रही है।

प्रधानमंत्री ने भारत के युवाओं के समर्पण और प्रयासों की सराहना करते हुए संस्कृत सुभाषितम् साझा किया

August 04th, 11:25 am

पीएम नरेन्द्र मोदी ने भारत के युवाओं के समर्पण और प्रयासों की सराहना करते हुए एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया। श्री मोदी ने कहा है कि निरंतर प्रयास और समर्पण से हमारी प्रतिभा निखरती है और उसमें सुधार होता है, और हमारे युवा इन्हीं गुणों को अपनाकर भारत का गौरव बढ़ा रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने साहस और दृढ़ता के महत्व को रेखांकित करते हुए संस्कृत सुभाषितम साझा किया

August 03rd, 09:51 am

पीएम नरेन्द्र मोदी ने एक संस्कृत सुभाषितम साझा किया, जिसमें बताया गया है कि साहस और दृढ़ता सबसे कठिन चुनौतियों से पार पाने में मदद करते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जिस तरह जहाज के डूबने के बाद भी नाविक हार नहीं मानता, उसी तरह दृढ़ संकल्प और निरंतर प्रयास सफलता का मार्ग प्रशस्त करते हैं।

प्रधानमंत्री ने प्रकृति के प्रति सम्मान और पर्यावरण संरक्षण पर प्रकाश डालते हुए संस्कृत सुभाषितम् साझा किया

July 30th, 10:26 am

पीएम नरेन्द्र मोदी ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया, जिसमें बताया गया है कि प्रकृति, पर्यावरण और समस्त सृष्टि के प्रति सम्मान हमारे जीवन का मूल आधार है। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि हम कृतज्ञ भाव से प्रकृति की सेवा करें और मिलकर एक स्वस्थ, समृद्ध और मजबूत राष्ट्र के निर्माण के लिए कार्य करें।

प्रधानमंत्री ने गुरु पूर्णिमा पर शिक्षकों की भूमिका को रेखांकित करते हुए संस्कृत सुभाषित साझा किया

July 29th, 08:20 am

पीएम नरेन्द्र मोदी ने गुरु पूर्णिमा के अवसर पर सभी देशवासियों को शुभकामनाएँ दीं और जीवन को आकार देने में शिक्षकों की अमूल्य भूमिका को रेखांकित करते हुए एक संस्कृत सुभाषितम साझा किया। उन्होंने बताया कि गुरु किस तरह प्रेरणा देते हैं, मार्गदर्शन करते हैं, शिक्षा प्रदान करते हैं और ज्ञान का संचार करते हैं। प्रधानमंत्री ने सभी से आग्रह किया कि वे गुरुओं के आदर्शों को अपने जीवन में मार्गदर्शक शक्ति बनाएं।

प्रधानमंत्री ने प्रकृति संरक्षण के महत्व को दर्शाने वाला संस्कृत सुभाषितम् साझा किया

July 28th, 07:48 am

पीएम नरेन्द्र मोदी ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया है, जिसमें बताया गया है कि मानवता का कल्याण प्रकृति की रक्षा और सम्मान करने में ही निहित है। भारत की प्राचीन परंपराओं का जिक्र करते हुए, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि धर्म और प्रकृति के साथ मिल-जुलकर रहना ही शांति, समृद्धि और भलाई का आधार है।

प्रधानमंत्री ने संस्कृत सुभाषितम् के माध्यम से श्रेष्ठ चरित्र को बताया सम्मान, विश्वास और प्रभावी नेतृत्व की आधारशिला

July 27th, 07:43 am

पीएम नरेन्द्र मोदी ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया है, जिसमें बताया गया है कि अच्छे संस्कार और श्रेष्ठ चरित्र से ही व्यक्ति सम्मान, विश्वास और जिम्मेदारियाँ प्राप्त करता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ईमानदारी, विनम्रता और अनुशासित आचरण प्रभावी नेतृत्व, स्थायी सफलता और ऐसी प्रेरणादायक जीवनशैली की नींव हैं, जो दूसरों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है।

प्रधानमंत्री ने संस्कृत सुभाषितम् साझा करते हुए शुभ विचारों, वाणी और कर्मों को अपनाने के महत्व को रेखांकित किया

July 24th, 07:51 am

पीएम मोदी ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया, जिसमें शुभ विचारों, वाणी और कर्मों को अपनाने के महत्व पर प्रकाश डाला गया है। उन्होंने बताया कि हमारे लगातार किए गए चुनाव ही हमारे चरित्र का निर्माण करते हैं और हमें जीवन के हर पहलू में अच्छाई अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं।

प्रधानमंत्री ने संस्कृत सुभाषितम साझा कर जीवात्मा और सार्वभौमिक चेतना के गहरे संबंध को उजागर किया

July 23rd, 07:50 am

पीएम नरेन्द्र मोदी ने एक संस्कृत सुभाषितम साझा किया है, जिसमें जीवात्मा और सार्वभौमिक चेतना के बीच के गहरे संबंध को उजागर किया गया है। उन्होंने इस शाश्वत विचार पर प्रकाश डाला कि जो सनातन सत्य इस विशाल ब्रह्मांड में विद्यमान है, वही सत्य हमारी आत्मा में भी विराजमान है।

प्रधानमंत्री ने संस्कृत सुभाषितम साझा करते हुए आदर्श और श्रेष्ठ व्यक्ति के गुणों पर प्रकाश डाला

July 22nd, 07:42 am

पीएम नरेन्द्र मोदी ने एक संस्कृत सुभाषितम साझा किया है, जिसमें एक आदर्श और वास्तव में श्रेष्ठ व्यक्ति के गुणों का वर्णन किया गया है। उन्होंने कहा कि सच्चा श्रेष्ठ व्यक्ति वह होता है, जो पूरे मन से दूसरों की सेवा करे, अपनी जिम्मेदारियों को पूरी ईमानदारी और दक्षता के साथ निभाए, अपने मित्रों की निस्वार्थ भाव से सहायता करे और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का साहस के साथ पालन करे।

प्रधानमंत्री ने संस्कृत सुभाषितम साझा करते हुए निरंतर अभ्यास और इच्छाशक्ति का महत्व बताया

July 21st, 08:00 am

पीएम नरेन्द्र मोदी ने आज एक संस्कृत सुभाषितम साझा किया, जिसमें ध्यान और इच्छाशक्ति को मजबूत करने के लिए नियमित अभ्यास और समर्पित प्रयासों के महत्व पर जोर दिया गया। उन्होंने इन गुणों की तुलना नर्वस सिस्टम से करते हुए कहा कि जैसे निरंतर अभ्यास और सही प्रयासों से नर्वस सिस्टम अधिक मजबूत और प्रभावी बनता है, वैसे ही ध्यान और इच्छाशक्ति भी लगातार अभ्यास से सशक्त होती हैं।

प्रधानमंत्री ने भारत के युवाओं के साहस और दृढ़ संकल्प की सराहना करते हुए संस्कृत सुभाषितम साझा किया

July 20th, 11:27 am

पीएम नरेन्द्र मोदी ने एक संस्कृत सुभाषितम साझा करते हुए भारत के युवाओं के साहस, धैर्य और दृढ़ संकल्प की सराहना की। उन्होंने कहा कि युवाओं का आत्मविश्वास, मुश्किलों से उबरने की क्षमता और उनकी निरंतर मेहनत देश को ऐतिहासिक उपलब्धियों की ओर ले जा रही है। यही शक्ति तेजी से विकसित हो रहे भारत की सबसे बड़ी ताकत है।

प्रधानमंत्री ने संस्कृत सुभाषितम के जरिए समर्पण और दृढ़ संकल्प का दिया संदेश

July 17th, 02:33 pm

पीएम नरेन्द्र मोदी ने एक संस्कृत सुभाषितम साझा करते हुए कहा कि किसी भी लक्ष्य को हासिल करने के लिए समर्पण और दृढ़ संकल्प सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। उन्होंने कहा कि भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का सपना अब साकार हो गया है और इस शानदार उपलब्धि से जुड़े सभी लोगों को बधाई दी।