प्रधानमंत्री ने निरंतर प्रयासों के महत्व पर जोर देते हुए संस्कृत सुभाषितम् साझा किया
May 18th, 02:04 pm
पीएम मोदी ने संस्कृत का एक सुभाषितम् साझा करते हुए कहा कि निरंतर प्रयासों के माध्यम से व्यक्ति धीरे-धीरे ज्ञान, धन और धर्म की प्राप्ति कर सकता है, ठीक उसी प्रकार जैसे जल की एक-एक बूँद लगातार गिरने से घड़ा भर जाता है।प्रधानमंत्री ने संस्कृत सुभाषित साझा करते हुए कहा कि भारत की बढ़ती शक्ति देशवासियों के संकल्प और समर्पण से प्रेरित
May 15th, 02:25 pm
पीएम मोदी ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा करते हुए कहा कि वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती शक्ति उसके लोगों के दृढ़ संकल्प, कठिन परिश्रम और सामूहिक भावना से प्रेरित है। इस सुभाषितम् के माध्यम से उन्होंने ईमानदार प्रयास, समर्पण और अपनी पूरी क्षमता से योगदान देने के मूल्यों को देश की निरंतर प्रगति की आधारशिला बताया।प्रधानमंत्री ने संस्कृत सुभाषितम साझा करते हुए कहा ज्ञान के माध्यम से ही सर्वोच्च लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सकता है
May 14th, 03:11 pm
पीएम मोदी ने संस्कृत में एक सुभाषितम साझा करते हुए इस बात पर जोर दिया कि ज्ञान जीवन की ऐसी पूंजी है, जिससे बड़े से बड़े लक्ष्य भी प्राप्त किए जा सकते हैं। श्री मोदी ने कहा कि ज्ञान हमें अज्ञानता के अंधकार से निकालकर सफलता और आत्मविश्वास की ओर ले जाता है।प्रधानमंत्री ने शक्ति और क्षमता के सामंजस्य पर बल देने वाला संस्कृत सुभाषितम् साझा किया
May 13th, 10:44 am
पीएम मोदी ने 1998 के पोखरण परमाणु परीक्षणों को एक निर्णायक क्षण बताया, जिसने वैश्विक दबाव के सामने भारत के अटूट संकल्प और दृढ़ता को प्रदर्शित किया। संस्कृत का एक सुभाषितम् साझा करते हुए, उन्होंने शक्ति और क्षमता के सामंजस्य पर प्रकाश डाला और इस बात पर जोर दिया कि शक्ति और उद्देश्य अलग नहीं हो सकते, जैसे शिव और शक्ति एक-दूसरे के पूरक हैं।प्रधानमंत्री ने साझा किया संस्कृत सुभाषितम्, गुरु सेवा को बताया ज्ञान प्राप्ति का मार्ग
May 12th, 02:21 pm
पीएम मोदी ने संस्कृत का एक सुभाषितम् साझा करते हुए कहा कि सच्चा ज्ञान गुरु के प्रति सेवा, अनुशासन और समर्पण की भावना से प्राप्त होता है। उन्होंने विद्या प्राप्ति में श्रद्धा, धैर्य और समर्पण के महत्व पर जोर दिया। इस सुभाषितम् में ज्ञान प्राप्ति की तुलना उस व्यक्ति से की गई है जो धैर्य और निरंतर प्रयास के साथ धरती को गहराई तक खोदकर जल प्राप्त करता है।प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय टेक्नोलॉजी दिवस पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं
May 11th, 09:18 am
राष्ट्रीय टेक्नोलॉजी दिवस के अवसर पर पीएम मोदी ने 1998 के सफल पोखरण परीक्षणों से जुड़े वैज्ञानिकों को नमन किया और उन्हें भारत के गौरव व आत्मसम्मान का सच्चा शिल्पकार बताया। उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी आत्मनिर्भर भारत की बड़ी ताकत बनकर उभरी है, जो इनोवेशन को गति देने, अवसर बढ़ाने और विभिन्न क्षेत्रों में ग्रोथ को मजबूत करने का काम कर रही है।प्रधानमंत्री ने भारतीय सशस्त्र बलों की वीरता और कर्तव्यनिष्ठा को उजागर करते हुए संस्कृत सुभाषितम् साझा किया
May 08th, 11:33 am
पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्र की गरिमा और सम्मान की रक्षा में भारतीय सशस्त्र बलों के साहस और शौर्य से प्रत्येक नागरिक गौरवान्वित है। संस्कृत में एक सुभाषितम साझा करते हुए उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत माता के प्रति सशस्त्र बलों द्वारा प्रदर्शित बलिदान की भावना और अटूट प्रतिबद्धता सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।प्रधानमंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सशस्त्र बलों के शौर्य पर संस्कृत सुभाषितम् साझा किया
May 07th, 10:20 am
पीएम मोदी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में भारत की असाधारण जीत; देश के वीर जवानों के अद्भुत शौर्य और देशभक्ति का प्रेरक उदाहरण है। संस्कृत सुभाषितम् साझा करते हुए उन्होंने कहा कि सशस्त्र बलों के अटूट साहस, दृढ़ संकल्प और कर्तव्यनिष्ठा पर हर देशवासी को गर्व है।प्रधानमंत्री ने निस्वार्थ सेवा और करुणा की भावना को उजागर करते हुए संस्कृत सुभाषितम् साझा किया
May 06th, 09:12 am
पीएम मोदी ने संस्कृत का एक सुभाषितम् साझा किया, जिसमें कहा गया है कि किसी भी जीव के प्रति द्वेष न रखना सर्वोच्च आचरण माना जाता है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि निस्वार्थ भाव से किया गया कार्य ही सच्ची मानवता की पहचान है। ऐसे कार्य व्यक्ति को आंतरिक खुशी देते हैं और समाज के कल्याण में भी योगदान करते हैं।प्रधानमंत्री ने सत्य और दृढ़ता के महत्व को उजागर करते हुए संस्कृत सुभाषितम् साझा किया
May 05th, 09:47 am
पीएम मोदी ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया, जिसमें बताया गया कि स्थायी सफलता केवल बल से नहीं बल्कि सत्य, दृढ़ता और न्यायपूर्ण प्रयासों से प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि ऐसी सफलता आत्मविश्वास बढ़ाती है और गहन संतोष प्रदान करती है।प्रधानमंत्री ने कौशल, परिश्रम, शिक्षा और मधुर वाणी के गुणों को उजागर करने वाला एक संस्कृत सुभाषितम साझा किया
May 04th, 08:19 am
पीएम मोदी ने संस्कृत में एक सुभाषितम् साझा किया, जिसमें सफलता पाने और जीवन की चुनौतियों को पार करने में कौशल, परिश्रम और करुणा के महत्व पर जोर दिया गया है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति सक्षम होता है, उसके लिए कोई काम कठिन नहीं होता, मेहनती व्यक्ति के लिए कोई लक्ष्य दूर नहीं होता, और जिनके पास ज्ञान व दया होती है, उनके लिए पूरी दुनिया जुड़ी हुई और अपनापन भरी लगती है।प्रधानमंत्री ने बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर सभी को शुभकामनाएं दीं
May 01st, 09:11 am
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज बुद्ध पूर्णिमा के शुभ अवसर पर सभी नागरिकों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भगवान बुद्ध के आदर्शों को साकार करने के लिए दृढ़ प्रतिबद्धता प्रकट की। प्रधानमंत्री ने आशा व्यक्त की कि भगवान बुद्ध के विचार समाज में आनंद और एकजुटता की भावना को और प्रगाढ़ करेंगे। उन्होंने इस पवित्र अवसर पर सभी से भगवान बुद्ध के जीवन मूल्यों को अपनाने के संकल्प को दोहराने का भी आग्रह किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह अवसर हमें शांति, करुणा और सद्भावना के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करता है।प्रधानमंत्री ने उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा से सफलता पर आधारित संस्कृत सुभाषितम् साझा किया
April 30th, 09:53 am
पीएम मोदी ने संस्कृत में एक सुभाषितम साझा किया, जिसमें बताया गया कि उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा से किए गए प्रयास सफलता दिलाते हैं। उन्होंने कहा कि मेहनती नागरिक ही देश की सबसे बड़ी ताकत होते हैं और वही राष्ट्र की प्रगति, समृद्धि और आत्मनिर्भरता में योगदान देते हैं।प्रधानमंत्री ने एक जनप्रतिनिधि के वास्तविक संकल्प को उजागर करते हुए संस्कृत सुभाषितम् साझा किया
April 29th, 08:41 am
पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण में भारी मतदान की तैयारी के बीच, पीएम मोदी ने आज एक संस्कृत श्लोक साझा किया, जिसमें एक जनप्रतिनिधि के वास्तविक संकल्प को रेखांकित किया गया है। उन्होंने कहा कि देश के एक सजग नागरिक के रूप में हमारा कर्तव्य है कि हम लोकतंत्र को और अधिक सशक्त बनाने के लिए रिकॉर्ड मतदान सुनिश्चित करें।प्रधानमंत्री ने उन्नति के मूल कारणों को दर्शाने वाला एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया
April 28th, 08:11 am
पीएम मोदी ने उन्नति के मूल कारणों को दर्शाने वाला एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया। उन्होंने कहा कि संयम और समर्पण के साथ किया गया कठिन परिश्रम असाधारण सफलता दिला सकता है और इससे राष्ट्र की समृद्धि और सामर्थ्य में एक नई ऊर्जा का संचार होता है।प्रधानमंत्री ने निस्वार्थ सेवा भावना को दर्शाते करते हुए संस्कृत सुभाषितम् साझा किया
April 27th, 12:29 pm
पीएम मोदी ने नागरिकों की निस्वार्थ सेवा भावना को दर्शाते हुए एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया। इस सुभाषितम् में पेड़ों के निःस्वार्थ स्वभाव की प्रशंसा करते हुए बताया गया कि वे महान लोगों की तरह होते हैं, जो हमेशा दूसरों को सहारा और सहायता प्रदान करते हैं।प्रधानमंत्री ने पंचायती राज दिवस के अवसर पर देशभर के जन प्रतिनिधियों को बधाई दी
April 24th, 10:20 am
पंचायती राज दिवस के अवसर पर पीएम मोदी ने देशभर के जन प्रतिनिधियों को बधाई दी। जनसेवा और राष्ट्रसेवा के प्रति उनके समर्पण को प्रेरणादायक बताया। उन्होंने एक संस्कृत सुभाषितम् भी साझा किया जिसमें कहा गया है कि जन प्रतिनिधि की खुशी जनता की खुशी में निहित है।प्रधानमंत्री ने निःस्वार्थ दान के गुण को उजागर करने वाला संस्कृत सुभाषितम् साझा किया
April 23rd, 10:02 am
पीएम मोदी ने निःस्वार्थ दान के गुण को उजागर करने वाला एक संस्कृत श्लोक साझा किया। इस श्लोक का संदेश है कि सज्जन लोग बिना किसी अपेक्षा के दूसरों का भला करते हैं, जैसे सूर्य कमल को खिलने में मदद करता है और चंद्रमा कुमुद पुष्पों को खिलाता है।प्रधानमंत्री ने संस्कृत सुभाषितम् साझा कर धरती माता की शाश्वत भावना को उजागर किया
April 22nd, 11:12 am
विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर, पीएम मोदी ने धरती माता की शाश्वत भावना को उजागर करते हुए एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पृथ्वी का संरक्षण न केवल हमारा सामूहिक कर्तव्य है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति एक पवित्र प्रतिज्ञा भी है।प्रधानमंत्री ने संस्कृत सुभाषितम् साझा किया, कहा—राष्ट्र सेवा ही विकसित भारत का आधार
April 21st, 11:54 am
सिविल सेवा दिवस के अवसर पर, पीएम मोदी ने लोगों से एक सशक्त, समृद्ध और संवेदनशील भारत के निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराने का आह्वान किया। उन्होंने एक संस्कृत सुभाषितम् भी साझा किया, जिसमें इस बात पर जोर दिया गया कि राष्ट्र की सेवा ही 'विकसित भारत' का आधार है।