पीएम मोदी ने धैर्य और दृढ़ संकल्प की शक्ति को दर्शाने वाला एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया

May 27th, 08:36 am

पीएम मोदी ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा करते हुए कहा कि निरंतर प्रयास, धैर्य और दृढ़ संकल्प के माध्यम से बड़े-से-बड़े लक्ष्यों को भी प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने उल्लेख किया कि आज देश के लोग इसी भावना से प्रेरित हैं और भारत को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहे हैं। पीएम मोदी ने निरंतर मेहनत और दृढ़ संकल्प के महत्व पर भी जोर दिया।

प्रधानमंत्री ने सच्चे ज्ञान की परिवर्तनकारी शक्ति को बताने वाला संस्कृत सुभाषितम् साझा किया

May 26th, 09:20 am

पीएम मोदी ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा करते हुए कहा कि सच्चा ज्ञान राष्ट्र, समाज और मानवता के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ज्ञान और कर्मों से विश्व को प्रेरणा मिलनी चाहिए। पीएम मोदी ने कहा कि अज्ञानता मनुष्य के शुद्ध स्वरूप को ढक देती है, जबकि सच्चा ज्ञान उसके शाश्वत और प्रकाशमय स्वरूप को उजागर करता है।

प्रधानमंत्री ने सभी की सुख, समृद्धि और शाश्वत खुशहाली की कामना करते हुए एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया

May 25th, 09:18 am

पीएम मोदी ने सभी के लिए सुख, समृद्धि और शाश्वत खुशहाली की कामना करते हुए एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया। उन्होंने प्रकृति की कृपा, सूर्य देव की ऊर्जा और वर्षा के आशीर्वाद का उल्लेख करते हुए हरियाली, खुशहाली और समृद्धि से भरपूर धरती की प्रार्थना की, जहां सभी के जीवन में सुख-शांति और कल्याण बना रहे।

प्रधानमंत्री ने सामूहिक समृद्धि और विश्व कल्याण की कामना करते हुए संस्कृत सुभाषितम् साझा किया

May 22nd, 12:08 pm

पीएम मोदी ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया, जिसमें विकास, समृद्धि और सामूहिक कल्याण की कामना की गई। इस सुभाषितम् के माध्यम से, पीएम मोदी ने वनस्पतियों और प्रकृति की समृद्धि के लिए प्रार्थना की तथा मानवता की प्रगति को प्रकृति के साथ संतुलन में आगे बढ़ाने की बात कही। साथ ही, सभी के सुख, कल्याण और समृद्धि की कामना भी व्यक्त की।

प्रधानमंत्री ने मातृभूमि की पवित्र विरासत और विश्व कल्याण की प्रार्थना पर आधारित संस्कृत सुभाषितम् साझा किया

May 21st, 09:04 am

पीएम मोदी ने भारत की आध्यात्मिकता, साहस और विश्व कल्याण की पवित्र विरासत को रेखांकित करते हुए एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया। अपने संदेश में, पीएम मोदी ने आशा व्यक्त की कि राष्ट्र की समृद्ध विरासत और प्राचीन संस्कृति सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और कल्याण लेकर आती रहे।

"डिजाइन एंड डेवलप इन इंडिया-इटली, डिलीवर फॉर द वर्ल्ड”: भारत-इटली ज्वाइंट प्रेस मीट में पीएम मोदी

May 20th, 05:00 pm

रोम में इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ ज्वाइंट प्रेस मीट को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने भारत-इटली संबंधों को स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप के स्तर तक बढ़ाने की घोषणा की। उन्होंने ट्रेड, टेक्नोलॉजी, इनोवेशन, डिफेंस, कनेक्टिविटी और कल्चर जैसे क्षेत्रों में बढ़ते सहयोग को रेखांकित किया। पीएम मोदी ने कहा कि भारत और इटली आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम टेक्नोलॉजी, स्पेस, स्टार्टअप, शिपिंग और ब्लू इकोनॉमी जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारत और इटली दोनों इस बात पर सहमत हैं कि आतंकवाद मानवता के लिए एक गंभीर चुनौती है।

प्रधानमंत्री ने सुव्यवस्थित मानकों से मानवीय आचरण के मार्गदर्शन को दर्शाने वाले एक संस्कृत सुभाषितम् को साझा किया

May 20th, 10:24 am

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया। इसका अभिप्राय है कि श्रेष्ठ आचरण एक दीपक की तरह है जो न केवल एक व्यक्ति को बल्कि पूरे समाज को आलोकित करता है। श्री मोदी ने कहा कि इसी आदर्श को अपनाकर हमारे देश के लोग आज पूरे संयम, क्षमता और कर्तव्य परायणता के साथ राष्ट्र निर्माण में जुटे हुए हैं।

पीएम मोदी ने संस्कृत सुभाषितम् के जरिए ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ का संदेश दिया

May 19th, 09:05 am

‘वसुधैव कुटुंबकम्’ की भावना को मजबूत करते हुए, पीएम मोदी ने आज एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया। उन्होंने कहा कि धरती माता समस्त मानवता को एक परिवार मानती हैं। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि उनके लिए संपूर्ण विश्व एक घर के समान है, जहाँ प्रत्येक संस्कृति का अपना महत्व और सम्मान है।

प्रधानमंत्री ने निरंतर प्रयासों के महत्व पर जोर देते हुए संस्कृत सुभाषितम् साझा किया

May 18th, 02:04 pm

पीएम मोदी ने संस्कृत का एक सुभाषितम् साझा करते हुए कहा कि निरंतर प्रयासों के माध्यम से व्यक्ति धीरे-धीरे ज्ञान, धन और धर्म की प्राप्ति कर सकता है, ठीक उसी प्रकार जैसे जल की एक-एक बूँद लगातार गिरने से घड़ा भर जाता है।

चोल कालीन ताम्रपत्रों की वापसी

May 16th, 10:00 pm

हर भारतीय के लिए एक खुशी का क्षण था जब पीएम मोदी और नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रॉब जेटेन ने 11वीं शताब्दी के चोल कालीन ताम्रपत्रों को भारत को वापस सौंपने के समारोह में भाग लिया। ये ताम्रपत्र चोल राजाओं द्वारा जारी किए गए शाही दस्तावेज हैं, जिनमें तमिलनाडु के नागपट्टिनम में स्थित अनाइमंगलम गांव को चुलमणिवर्मा विहार नामक बुद्ध विहार को उपहार स्वरूप देने की औपचारिक घोषणा की गई है।

प्रधानमंत्री ने संस्कृत सुभाषित साझा करते हुए कहा कि भारत की बढ़ती शक्ति देशवासियों के संकल्प और समर्पण से प्रेरित

May 15th, 02:25 pm

पीएम मोदी ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा करते हुए कहा कि वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती शक्ति उसके लोगों के दृढ़ संकल्प, कठिन परिश्रम और सामूहिक भावना से प्रेरित है। इस सुभाषितम् के माध्यम से उन्होंने ईमानदार प्रयास, समर्पण और अपनी पूरी क्षमता से योगदान देने के मूल्यों को देश की निरंतर प्रगति की आधारशिला बताया।

प्रधानमंत्री ने संस्कृत सुभाषितम साझा करते हुए कहा ज्ञान के माध्यम से ही सर्वोच्च लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सकता है

May 14th, 03:11 pm

पीएम मोदी ने संस्कृत में एक सुभाषितम साझा करते हुए इस बात पर जोर दिया कि ज्ञान जीवन की ऐसी पूंजी है, जिससे बड़े से बड़े लक्ष्य भी प्राप्त किए जा सकते हैं। श्री मोदी ने कहा कि ज्ञान हमें अज्ञानता के अंधकार से निकालकर सफलता और आत्मविश्वास की ओर ले जाता है।

प्रधानमंत्री ने शक्ति और क्षमता के सामंजस्य पर बल देने वाला संस्कृत सुभाषितम् साझा किया

May 13th, 10:44 am

पीएम मोदी ने 1998 के पोखरण परमाणु परीक्षणों को एक निर्णायक क्षण बताया, जिसने वैश्विक दबाव के सामने भारत के अटूट संकल्प और दृढ़ता को प्रदर्शित किया। संस्कृत का एक सुभाषितम् साझा करते हुए, उन्होंने शक्ति और क्षमता के सामंजस्य पर प्रकाश डाला और इस बात पर जोर दिया कि शक्ति और उद्देश्य अलग नहीं हो सकते, जैसे शिव और शक्ति एक-दूसरे के पूरक हैं।

प्रधानमंत्री ने साझा किया संस्कृत सुभाषितम्, गुरु सेवा को बताया ज्ञान प्राप्ति का मार्ग

May 12th, 02:21 pm

पीएम मोदी ने संस्कृत का एक सुभाषितम् साझा करते हुए कहा कि सच्चा ज्ञान गुरु के प्रति सेवा, अनुशासन और समर्पण की भावना से प्राप्त होता है। उन्होंने विद्या प्राप्ति में श्रद्धा, धैर्य और समर्पण के महत्व पर जोर दिया। इस सुभाषितम् में ज्ञान प्राप्ति की तुलना उस व्यक्ति से की गई है जो धैर्य और निरंतर प्रयास के साथ धरती को गहराई तक खोदकर जल प्राप्त करता है।

प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय टेक्नोलॉजी दिवस पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं

May 11th, 09:18 am

राष्ट्रीय टेक्नोलॉजी दिवस के अवसर पर पीएम मोदी ने 1998 के सफल पोखरण परीक्षणों से जुड़े वैज्ञानिकों को नमन किया और उन्हें भारत के गौरव व आत्मसम्मान का सच्चा शिल्पकार बताया। उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी आत्मनिर्भर भारत की बड़ी ताकत बनकर उभरी है, जो इनोवेशन को गति देने, अवसर बढ़ाने और विभिन्न क्षेत्रों में ग्रोथ को मजबूत करने का काम कर रही है।

प्रधानमंत्री ने भारतीय सशस्त्र बलों की वीरता और कर्तव्यनिष्ठा को उजागर करते हुए संस्कृत सुभाषितम् साझा किया

May 08th, 11:33 am

पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्र की गरिमा और सम्मान की रक्षा में भारतीय सशस्त्र बलों के साहस और शौर्य से प्रत्येक नागरिक गौरवान्वित है। संस्कृत में एक सुभाषितम साझा करते हुए उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत माता के प्रति सशस्त्र बलों द्वारा प्रदर्शित बलिदान की भावना और अटूट प्रतिबद्धता सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

प्रधानमंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सशस्त्र बलों के शौर्य पर संस्कृत सुभाषितम् साझा किया

May 07th, 10:20 am

पीएम मोदी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में भारत की असाधारण जीत; देश के वीर जवानों के अद्भुत शौर्य और देशभक्ति का प्रेरक उदाहरण है। संस्कृत सुभाषितम् साझा करते हुए उन्होंने कहा कि सशस्त्र बलों के अटूट साहस, दृढ़ संकल्प और कर्तव्यनिष्ठा पर हर देशवासी को गर्व है।

प्रधानमंत्री ने निस्वार्थ सेवा और करुणा की भावना को उजागर करते हुए संस्कृत सुभाषितम् साझा किया

May 06th, 09:12 am

पीएम मोदी ने संस्कृत का एक सुभाषितम् साझा किया, जिसमें कहा गया है कि किसी भी जीव के प्रति द्वेष न रखना सर्वोच्च आचरण माना जाता है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि निस्वार्थ भाव से किया गया कार्य ही सच्ची मानवता की पहचान है। ऐसे कार्य व्यक्ति को आंतरिक खुशी देते हैं और समाज के कल्याण में भी योगदान करते हैं।

प्रधानमंत्री ने सत्य और दृढ़ता के महत्व को उजागर करते हुए संस्कृत सुभाषितम् साझा किया

May 05th, 09:47 am

पीएम मोदी ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया, जिसमें बताया गया कि स्थायी सफलता केवल बल से नहीं बल्कि सत्य, दृढ़ता और न्यायपूर्ण प्रयासों से प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि ऐसी सफलता आत्मविश्वास बढ़ाती है और गहन संतोष प्रदान करती है।

प्रधानमंत्री ने कौशल, परिश्रम, शिक्षा और मधुर वाणी के गुणों को उजागर करने वाला एक संस्कृत सुभाषितम साझा किया

May 04th, 08:19 am

पीएम मोदी ने संस्कृत में एक सुभाषितम् साझा किया, जिसमें सफलता पाने और जीवन की चुनौतियों को पार करने में कौशल, परिश्रम और करुणा के महत्व पर जोर दिया गया है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति सक्षम होता है, उसके लिए कोई काम कठिन नहीं होता, मेहनती व्यक्ति के लिए कोई लक्ष्य दूर नहीं होता, और जिनके पास ज्ञान व दया होती है, उनके लिए पूरी दुनिया जुड़ी हुई और अपनापन भरी लगती है।