प्रधानमंत्री ने निस्वार्थ सेवा की भावना को उजागर करते हुए संस्कृत सुभाषितम साझा किया
July 10th, 08:22 am
पीएम नरेन्द्र मोदी ने कहा कि निस्वार्थ भाव से किया गया कर्म ही मानवता की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने एक संस्कृत सुभाषितम साझा करते हुए कहा कि देश सेवा और समर्पण की भावना के साथ आगे बढ़ रहा है, ताकि हर नागरिक का जीवन बेहतर बनाया जा सके।प्रधानमंत्री ने दृढ़ विश्वास और सकारात्मक सोच की शक्ति पर आधारित संस्कृत सुभाषित साझा किया
July 09th, 07:39 am
पीएम मोदी ने कहा कि दृढ़ विश्वास, निरंतर प्रयास और सकारात्मक सोच ही सफलता की असली कुंजी हैं। एक संस्कृत सुभाषित साझा करते हुए, उन्होंने युवाओं को विकसित भारत के संकल्प के प्रति अटूट विश्वास और समर्पण के साथ काम करने के लिए प्रोत्साहित किया।प्रधानमंत्री ने धैर्य और दृढ़ता की शक्ति को उजागर करने वाला संस्कृत सुभाषितम् साझा किया
July 08th, 07:48 am
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा करते हुए कहा कि धैर्य ही किसी राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति होता है। उन्होंने कहा कि दृढ़ संकल्प के बल पर देश हर चुनौती का डटकर सामना करता है, एकजुट रहता है और प्रगति, समृद्धि तथा आत्मनिर्भरता की दिशा में निरंतर आगे बढ़ता है।भारत और इंडोनेशिया जितने इतिहास से जुड़े हैं, उतना ही हमारा साझा भविष्य भी है: पीएम मोदी
July 07th, 11:47 pm
जकार्ता में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उनका गर्मजोशी से स्वागत करने के लिए प्रवासी भारतीयों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने इंडोनेशिया के विकास में भारतीय समुदाय के योगदान की सराहना की और उन्हें भारत तथा इंडोनेशिया के बीच जीवंत सेतु बताया। प्रधानमंत्री ने भारत में तेजी से हो रहे बदलावों का उल्लेख करते हुए भारतीय समुदाय से विकसित भारत 2047 और इंडोनेशिया एमास 2045 के साझा लक्ष्यों को पूरा करने में अपना योगदान देने का आह्वान किया।प्रधानमंत्री ने जकार्ता में भारतीय प्रवासी समुदाय को संबोधित किया
July 07th, 05:30 pm
जकार्ता में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उनका गर्मजोशी से स्वागत करने के लिए प्रवासी भारतीयों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने इंडोनेशिया के विकास में भारतीय समुदाय के योगदान की सराहना की और उन्हें भारत तथा इंडोनेशिया के बीच जीवंत सेतु बताया। प्रधानमंत्री ने भारत में तेजी से हो रहे बदलावों का उल्लेख करते हुए भारतीय समुदाय से विकसित भारत 2047 और इंडोनेशिया एमास 2045 के साझा लक्ष्यों को पूरा करने में अपना योगदान देने का आह्वान किया।प्रधानमंत्री ने विनम्रता और निस्वार्थ सेवा के गुणों पर आधारित संस्कृत सुभाषितम् साझा किया
July 07th, 10:01 am
पीएम मोदी ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा करते हुए कहा कि समृद्धि की वास्तविक सुंदरता विनम्रता और निस्वार्थ सेवा में निहित है। उन्होंने कहा कि सच्ची सफलता तब मिलती है जब उसे जन-कल्याण और समाज की भलाई के लिए समर्पित किया जाता है।प्रधानमंत्री ने निस्वार्थ त्याग की अमर विरासत पर संस्कृत सुभाषितम साझा किया
July 06th, 12:41 pm
पीएम मोदी ने एक संस्कृत सुभाषितम साझा करते हुए कहा कि जो लोग दूसरों के कल्याण के लिए अपना सर्वस्व समर्पित कर देते हैं, वे अमर हो जाते हैं। उन्होंने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को याद करते हुए कहा कि भारत की एकता, अखंडता और स्वाभिमान के लिए दिया गया उनका बलिदान आने वाली हर पीढ़ी को प्रेरित करता रहेगा।पवित्र श्री अमरनाथ यात्रा के शुभारंभ पर पीएम मोदी ने साझा किया संस्कृत सुभाषितम
July 03rd, 03:56 pm
पवित्र श्री अमरनाथ यात्रा के शुभारंभ पर प्रधानमंत्री मोदी ने भगवान शिव के सभी भक्तों को शुभकामनाएं देते हुए एक संस्कृत सुभाषितम साझा किया। इस सुभाषितम का भाव है कि भगवान अमरनाथ के वास्तविक स्वरूप को वाणी, बुद्धि, मन, इंद्रियों या कठोर तपस्या से नहीं जाना जा सकता, बल्कि उन्हें सच्ची भक्ति के माध्यम से ही प्राप्त किया जा सकता है।प्रधानमंत्री ने संस्कृत सुभाषितम साझा किया, कहा— निरंतर प्रयास ही सफलता की असली कुंजी
July 02nd, 04:24 pm
पीएम मोदी ने एक संस्कृत सुभाषितम साझा करते हुए कहा कि निरंतर प्रयास ही सफलता की असली कुंजी है। उन्होंने कहा कि जो लोग धैर्य, दृढ़ संकल्प और आत्मविश्वास के साथ लगातार आगे बढ़ते रहते हैं, वही अपने लक्ष्य को हासिल करते हैं।पीएम मोदी ने सर्वोच्च लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए अनुशासन और मन पर नियंत्रण का महत्व बताने वाला संस्कृत सुभाषितम साझा किया
July 01st, 12:13 pm
पीएम मोदी ने एक संस्कृत सुभाषितम साझा करते हुए कहा कि अनुशासन, विवेक और मन पर नियंत्रण जीवन के सर्वोच्च लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटल इंडिया के 11 वर्षों की सफलता ने भारत को दुनिया में एक नई पहचान दिलाई है और जो इनोवेशन और टेक्नोलॉजी को अपनाने के देश के संकल्प को दर्शाती है।पीएम मोदी ने हर लक्ष्य की प्राप्ति में एकता का महत्व बताने वाला संस्कृत सुभाषितम साझा किया
June 30th, 11:00 am
पीएम मोदी ने एक संस्कृत सुभाषितम साझा करते हुए कहा कि विचारों, संकल्प और उद्देश्य की एकता ही हर सफलता की सबसे मजबूत नींव होती है। उन्होंने सभी देशवासियों से एक साझा विजन के साथ मिलकर आगे बढ़ने और विकसित भारत के लक्ष्यों को हासिल करने का आह्वान किया।प्रधानमंत्री ने दुनिया की विविध संस्कृतियों के सम्मान पर जोर देते हुए एक संस्कृत सुभाषितम साझा किया
June 29th, 10:43 am
पीएम मोदी ने दुनिया की विविध संस्कृतियों का सम्मान करने के महत्व पर जोर देते हुए एक संस्कृत सुभाषितम साझा किया। इस सुभाषितम का संदेश है कि जो व्यक्ति उचित आचरण को समझता है और अलग-अलग देशों, समाजों तथा समुदायों की परंपराओं, रीति-रिवाजों और संस्कृति का सम्मान करता है, उसे हर जगह सम्मान मिलता है और लोग उसे अपना मार्गदर्शक मानते हैं।प्रधानमंत्री ने एकता और आपसी सद्भाव पर जोर देते हुए संस्कृत सुभाषितम साझा किया
June 26th, 12:33 pm
पीएम मोदी ने संस्कृत सुभाषितम साझा किया और कहा कि सभी को हमेशा एकता और आपसी सद्भाव के साथ मिलकर काम करना चाहिए, ठीक वैसे ही जैसे प्राचीन काल में देवता किया करते थे। उन्होंने सभी से अपील की कि हम साथ-साथ चलें, साथ-साथ बोलें और अपने विचारों में भी आपसी सामंजस्य बनाए रखें।प्रधानमंत्री ने इमरजेंसी के दौरान लोकतंत्र की रक्षा करने वालों को श्रद्धांजलि अर्पित की
June 25th, 10:53 am
'संविधान हत्या दिवस' पर प्रधानमंत्री मोदी ने इमरजेंसी के दौरान लोकतांत्रिक मूल्यों की दृढ़ता से रक्षा करने वाले सभी लोगों को आज श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने संस्कृत का एक सुभाषितम् भी साझा किया और भारत के संविधान, लोकतंत्र तथा हर नागरिक के अधिकारों की रक्षा के प्रति देश की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने कहा कि संविधान ही देश को सही दिशा दिखाने वाला मार्गदर्शक है।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एकजुट प्रयासों से राष्ट्र की समृद्धि के महत्व पर संस्कृत सुभाषितम् साझा किया
June 24th, 03:34 pm
पीएम मोदी ने उत्साह, समर्पण और दृढ़ उद्देश्य के साथ काम करने पर राष्ट्र की प्रगति को रेखांकित करते हुए एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयास और कड़ी मेहनत समाज को नई ऊर्जा देते हैं और विकास लक्ष्यों को वास्तविकता में बदलने में मदद करते हैं।प्रधानमंत्री ने संस्कृत सुभाषितम् साझा करते हुए डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को उनके बलिदान दिवस पर श्रद्धांजलि अर्पित की
June 23rd, 03:39 pm
पीएम मोदी ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को उनके बलिदान दिवस पर श्रद्धांजलि दी और राष्ट्र-निर्माण में उनके अमूल्य योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी के महान विचार और आदर्श देश की हर पीढ़ी को प्रेरित करते रहेंगे। प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा करते हुए कहा कि जो महान आत्माएँ राष्ट्र, समाज और सत्य के लिए अपने निजी हितों का त्याग करती हैं, वे अमर हो जाती हैं।प्रधानमंत्री ने योग के परिवर्तनकारी प्रभाव को दर्शाने वाला एक संस्कृत सुभाषितम साझा किया
June 22nd, 08:13 am
पीएम मोदी ने योग के परिवर्तनकारी प्रभाव को दर्शाने वाला एक संस्कृत सुभाषितम साझा किया और कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की अभूतपूर्व सफलता इसके वैश्विक प्रभाव को दर्शाती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि योग न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है, बल्कि मन को शांत करके और श्वास को नियंत्रित करके लोगों को सकारात्मक, आत्मविश्वासी और संतुलित जीवन जीने की प्रेरणा भी देता है।प्रधानमंत्री ने ज्ञान, बुद्धिमत्ता और दूरदर्शिता के महत्व को रेखांकित करते हुए एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया
June 19th, 08:15 am
पीएम मोदी ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा करते हुए सफलता प्राप्त करने में ज्ञान, बुद्धिमत्ता और दूरदर्शिता के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि गहरी समझ, सही निर्णय लेने की क्षमता, आत्मविश्वास, प्रभावी बातचीत और समय की मांग को पहचानने की दूरदर्शिता जैसे गुण लोगों को चुनौतियों से निपटने और अपने लक्ष्य हासिल करने में मदद करते हैं।प्रधानमंत्री ने सत्य, सेवा, ज्ञान और कर्म के महत्व को बताने वाला संस्कृत सुभाषितम् साझा किया
June 18th, 09:23 am
पीएम मोदी ने सत्य, निस्वार्थ सेवा, लगातार सीखते रहने और कर्म के महत्व को बताने वाला एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया। उन्होंने कहा कि सत्यनिष्ठा से समृद्धि प्राप्त होती है, निस्वार्थ सेवा से यश मिलता है, निरंतर अभ्यास से ज्ञान बढ़ता है और कर्म से बुद्धिमत्ता विकसित होती है। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि ये मूल्य व्यक्ति के चरित्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और समाज की सामूहिक प्रगति में भी अहम योगदान देते हैं।प्रधानमंत्री ने सम्मान और सराहना के महत्व को रेखांकित करते हुए एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया
June 17th, 09:05 am
पीएम मोदी ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा करते हुए सम्मान, सराहना और स्वीकार्यता के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि सच्चे मन से की गई प्रशंसा आत्मविश्वास को मजबूत करती है, उसके अंदर गर्व और संतुष्टि की भावना जगाती है, और नई ऊर्जा व उत्साह का संचार करती है। इस सुभाषित का संदेश है कि दूसरों से मिलने वाला सम्मान व्यक्ति को अपनी खूबियों, क्षमताओं और सामर्थ्य को पहचानने तथा उन पर विश्वास करने की प्रेरणा देता है।