कठिनतम परिस्थितियों में भी भारत और रूस कंधे से कंधा मिलाकर चले हैं: तियानजिन में पीएम मोदी
September 01st, 01:24 pm
पीएम मोदी ने SCO समिट के दौरान रूसी राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात की। इस मुलाकात में उन्होंने लगातार मजबूत होते द्विपक्षीय संबंधों पर संतोष जताया। दोनों नेताओं ने यूक्रेन के हालिया घटनाक्रमों सहित क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि वे इस वर्ष के अंत में होने वाले 23वें वार्षिक समिट के लिए भारत में राष्ट्रपति पुतिन की मेजबानी करने के लिए उत्सुक हैं।प्रधानमंत्री ने रूसी संघ के राष्ट्रपति से मुलाकात की
September 01st, 01:08 pm
पीएम मोदी ने SCO समिट के दौरान रूसी राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात की। इस मुलाकात में उन्होंने लगातार मजबूत होते द्विपक्षीय संबंधों पर संतोष जताया। दोनों नेताओं ने यूक्रेन के हालिया घटनाक्रमों सहित क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि वे इस वर्ष के अंत में होने वाले 23वें वार्षिक समिट के लिए भारत में राष्ट्रपति पुतिन की मेजबानी करने के लिए उत्सुक हैं।रूस-यूक्रेन संघर्ष समाप्त करने पर पीएम मोदी का बड़ा बयान
September 01st, 12:48 pm
चीन के तियानजिन में SCO समिट से इतर, पीएम मोदी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बैठक की, जहाँ यूक्रेन संघर्ष चर्चा का मुख्य विषय रहा। पीएम मोदी ने शांति की दिशा में हाल के प्रयासों का स्वागत किया और आशा व्यक्त की कि सभी पक्ष रचनात्मक रूप से आगे बढ़ेंगे। उन्होंने संघर्ष को जल्द से जल्द समाप्त करने की तत्काल आवश्यकता पर बल दिया और रेखांकित किया कि स्थायी शांति का मार्ग खोजना आवश्यक है। व्यापक मानवीय पहलू पर जोर देते हुए, पीएम मोदी ने कहा कि यह केवल एक क्षेत्रीय चिंता नहीं, बल्कि मानवता का आह्वान है।भारत का SCO विजन Security, Connectivity, Opportunity है: तियानजिन में पीएम मोदी
September 01st, 10:14 am
पीएम मोदी ने चीन के तियानजिन में आयोजित 25वें SCO समिट में भाग लिया। अपने संबोधन में, प्रधानमंत्री ने SCO फ्रेमवर्क के तहत सहयोग को मजबूत करने के भारत के अप्रोच पर प्रकाश डाला। शांति, सुरक्षा और स्थिरता को प्रगति व समृद्धि की कुंजी बताते हुए, उन्होंने सदस्य देशों से आतंकवाद के विरुद्ध दृढ़ और निर्णायक कार्रवाई करने का आह्वान किया। उन्होंने ग्रुप के रिफॉर्म-ओरिएंटेड एजेंडे के प्रति अपना समर्थन भी व्यक्त किया।प्रधानमंत्री ने चीन के तियानजिन में 25वें SCO समिट में भाग लिया
September 01st, 10:00 am
पीएम मोदी ने चीन के तियानजिन में आयोजित 25वें SCO समिट में भाग लिया। अपने संबोधन में, प्रधानमंत्री ने SCO फ्रेमवर्क के तहत सहयोग को मजबूत करने के भारत के अप्रोच पर प्रकाश डाला। शांति, सुरक्षा और स्थिरता को प्रगति व समृद्धि की कुंजी बताते हुए, उन्होंने सदस्य देशों से आतंकवाद के विरुद्ध दृढ़ और निर्णायक कार्रवाई करने का आह्वान किया। उन्होंने ग्रुप के रिफॉर्म-ओरिएंटेड एजेंडे के प्रति अपना समर्थन भी व्यक्त किया।पीएम मोदी ने SCO समिट के दौरान म्यांमार के Sr. Gen. Min Aung Hlaing से मुलाकात की
August 31st, 04:50 pm
पीएम मोदी ने तियानजिन में SCO समिट के दौरान म्यांमार के Sr. Gen. Min Aung Hlaing से मुलाकात की। उन्होंने डिफेंस, सिक्योरिटी, ट्रेड और कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स में सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की, जिससे लोगों को करीब लाया जा सके तथा क्षेत्रीय संबंधों को मजबूत किया जा सके। पीएम मोदी ने भारत की Neighborhood First और Act East पॉलिसीज में म्यांमार के महत्व को रेखांकित किया।भारत-चीन सहयोग 2.8 अरब लोगों के हितों से जुड़ा है: तियानजिन में पीएम मोदी
August 31st, 11:06 am
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को उनके गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए धन्यवाद दिया। कजान में हुई सार्थक बातचीत को याद करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि बॉर्डर पर डिसएंगेजमेंट के बाद शांति और स्थिरता का माहौल स्थापित हुआ है। उन्होंने कैलाश मानसरोवर यात्रा के फिर से शुरू होने पर भी बात की और चीन द्वारा SCO की सफल अध्यक्षता के लिए राष्ट्रपति को बधाई दी।प्रधानमंत्री की चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय बैठक
August 31st, 11:00 am
पीएम मोदी ने 31 अगस्त 2025 को तियानजिन में SCO समिट के दौरान राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की। उन्होंने Kazan 2024 के बाद से लगातार प्रगति का स्वागत किया तथा भारत और चीन को प्रतिद्वंद्वी नहीं, बल्कि साझेदार बताया। दोनों ने सीमा पर शांति, फेयर ट्रेड और एशिया की ग्रोथ के लिए सहयोग पर जोर दिया। पीएम ने राष्ट्रपति शी को 2026 में भारत में होने वाले BRICS समिट के लिए आमंत्रित किया।पीएम मोदी चीन के तियानजिन पहुंचे
August 30th, 04:00 pm
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी थोड़ी देर पहले चीन पहुँचे। इस यात्रा के दौरान पीएम, राष्ट्रपति शी जिनपिंग के निमंत्रण पर तियानजिन में Shanghai Cooperation Organisation समिट में भाग लेंगे। समिट के दौरान वे राष्ट्रपति शी जिनपिंग, राष्ट्रपति पुतिन और अन्य नेताओं से मुलाकात करेंगे।2022 एससीओ शिखर सम्मेलन में वाराणसी पहली एससीओ पर्यटन एवं सांस्कृतिक राजधानी नामित
September 16th, 11:50 pm
उज्बेकिस्तान के समरकंद में 16 सितंबर, 2022 को एससीओ काउंसिल ऑफ स्टेट्स ऑफ स्टेट्स ऑफ स्टेट्स की 22 वीं बैठक में 2022-2023 की अवधि के दौरान वाराणसी को पहली बार एससीओ पर्यटन और सांस्कृतिक राजधानी के रूप में नामित किया गया है। यह कदम भारत और SCO सदस्य देशों के बीच पर्यटन, सांस्कृतिक और मानवीय आदान-प्रदान को बढ़ावा देगा।प्रधानमंत्री की एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान तुर्की गणराज्य के राष्ट्रपति एच.ई. श्री रेसिप तैय्यप अर्दोगन के साथ बैठक
September 16th, 11:41 pm
उज्बेकिस्तान के समरकंद में एससीओ शिखर सम्मेलन से इतर पीएम मोदी ने तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोआन से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रम पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। दोनों नेता न केवल द्विपक्षीय मुद्दों पर बल्कि क्षेत्र के लाभ के लिए भी नियमित संपर्क बनाए रखने पर सहमत हुए।पीएम मोदी उज्बेकिस्तान के समरकंद पहुंचे
September 15th, 10:01 pm
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उज्बेकिस्तान के समरकंद पहुंचे। वह शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे और साथ ही विश्व के कई नेताओं के साथ बातचीत करेंगे।प्रधानमंत्री का अपनी उज्बेकिस्तान यात्रा से पहले प्रस्थान वक्तव्य
September 15th, 02:15 pm
मैं उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति महामहिम श्री शावकत मिर्जियोयेव के आमंत्रण पर शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के राष्ट्राध्यक्षों की परिषद की बैठक में भाग लेने के लिए समरकंद का दौरा करूंगा।प्रधानमंत्री ने शंघाई सहयोग संगठन के सदस्य देशों के प्रमुखों की परिषद की 21वीं बैठक में वर्चुअल माध्यम से भाग लिया
September 17th, 05:21 pm
एससीओ शिखर सम्मेलन के पूर्ण सत्र में प्रधानमंत्री मोदी ने टिप्पणी की, एससीओ की 20वीं वर्षगांठ, इस संस्था के भविष्य के बारे में सोचने के लिए भी उपयुक्त अवसर है। मेरा मानना है कि इस क्षेत्र में सबसे बड़ी चुनौतियां शांति, सुरक्षा और भरोसे की कमी से संबंधित है और इन समस्याओं का मूल कारण बढ़ता हुआ कट्टरपंथ है। अफगानिस्तान में हाल के घटनाक्रम ने इस चुनौती को और स्पष्ट कर दिया है।अफगानिस्तान पर आयोजित SCO-CSTO आउटरीच शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री का वक्तव्य
September 17th, 05:01 pm
एससीओ शिखर सम्मेलन के पूर्ण सत्र में प्रधानमंत्री मोदी ने टिप्पणी की, एससीओ की 20वीं वर्षगांठ, इस संस्था के भविष्य के बारे में सोचने के लिए भी उपयुक्त अवसर है। मेरा मानना है कि इस क्षेत्र में सबसे बड़ी चुनौतियां शांति, सुरक्षा और भरोसे की कमी से संबंधित है और इन समस्याओं का मूल कारण बढ़ता हुआ कट्टरपंथ है। अफगानिस्तान में हाल के घटनाक्रम ने इस चुनौती को और स्पष्ट कर दिया है।ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे में होगी एससीओ के राष्ट्राध्यक्षों की परिषद की 21वीं बैठक
September 15th, 01:00 pm
शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) परिषद के देशों की 21वीं शिखर बैठक 17 सितंबर 2021 को ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे में हाइब्रिड फॉर्मेट में होगी। इस बैठक की अध्यक्षता ताजिकिस्तान के राष्ट्रपति इमोमाली रहमान करेंगे।