प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा करते हुए ज्ञान के महत्व और उसकी परिवर्तनकारी शक्ति पर प्रकाश डाला
September 09th, 10:46 am
पीएम नरेन्द्र मोदी ने ज्ञान और बुद्धिमत्ता की परिवर्तनकारी शक्ति को उजागर करने वाला एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया। इस सुभाषितम् में बताया गया है कि ज्ञान हमें समाज के साथ सद्भाव में रहने की कला सिखाता है। यह जीवन में सुख-समृद्धि लाने के साथ-साथ व्यक्ति के सम्मान, गरिमा और जीवन को बेहतर बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।प्रधानमंत्री ने विवेकपूर्ण ज्ञान के महत्व को उजागर करने वाला संस्कृत सुभाषितम् साझा किया
September 08th, 07:51 am
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया, जिसमें हर स्रोत से सीखने की समझदारी पर जोर दिया गया है। इसमें बताया गया है कि जैसे मधुमक्खी हर फूल से थोड़ा-थोड़ा रस इकट्ठा करती है, वैसे ही एक समझदार व्यक्ति को भी ज्ञान की हर शाखा से जरूरी और उपयोगी बातें सीखते रहना चाहिए। सीखने के लिए किसी भी स्रोत को छोटा या बड़ा नहीं समझना चाहिए।प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार विजेताओं से बातचीत की
September 05th, 10:00 am
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के विजेताओं से बातचीत की। शिक्षकों ने पढ़ाई को अधिक रोचक और प्रभावी बनाने के लिए अपनाए जा रहे अपने नए और रचनात्मक तरीकों को साझा किया। प्रधानमंत्री ने शिक्षकों से कहा कि वे केवल पढ़ाई तक सीमित न रहें, बल्कि छात्रों में नशे की लत के संकेतों पर भी नजर रखें। उन्होंने बच्चों की जिज्ञासा को बढ़ावा देने और ज्यादा स्क्रीन टाइम की समस्या से निपटने के लिए खेलकूद और रचनात्मक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया।प्रधानमंत्री ने जल सुरक्षा पर नेशनल डिपार्टमेंटल समिट के समापन सत्र की अध्यक्षता की
September 02nd, 09:00 pm
टीम इंडिया की भावना को मजबूत करने और सहकारी संघवाद को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जल सुरक्षा पर नेशनल डिपार्टमेंटल समिट का आयोजन किया गया। समिट के समापन सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जल डेटा गवर्नेंस की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने डेटा इकट्ठा करने और उसके विश्लेषण के लिए AI के इस्तेमाल का सुझाव दिया। प्रधानमंत्री ने जनभागीदारी के महत्व पर जोर देते हुए लोगों में जल संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए ‘जल उत्सव’ को बढ़ावा देने का सुझाव दिया।प्रधानमंत्री ने विश्व संस्कृत दिवस की शुभकामनाएं दीं
August 28th, 12:06 pm
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज श्रावण पूर्णिमा के अवसर पर विश्व संस्कृत दिवस की शुभकामनाएं दी। श्री मोदी ने कहा कि संस्कृत की शाश्वत समृद्धि भारत के ज्ञान, विचार और रचनात्मकता का निरंतर माध्यम रही है। श्री मोदी ने कहा, इस विशेष दिन पर, हम भारत और विश्व भर में उन सभी लोगों की सराहना करते हैं जो संस्कृत का अध्ययन और अध्यापन करते हैं और इस भाषा में निहित अमूल्य ज्ञान को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं।पीएम मोदी ने व्यक्ति के जीवन और चरित्र को निखारने वाले आठ आवश्यक गुणों पर आधारित संस्कृत सुभाषितम् साझा किया
August 11th, 08:11 am
पीएम मोदी ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया, जिसमें बताया गया है कि जीवन को बेहतर बनाने और चरित्र को मजबूत करने के लिए आठ गुण बेहद जरूरी हैं। इनमें बुद्धिमत्ता, अच्छा आचरण, आत्मसंयम, ज्ञान, साहस, कुशल वाणी, उदारता और कृतज्ञता शामिल हैं।प्रधानमंत्री ने गुरु पूर्णिमा पर शिक्षकों की भूमिका को रेखांकित करते हुए संस्कृत सुभाषित साझा किया
July 29th, 08:20 am
पीएम नरेन्द्र मोदी ने गुरु पूर्णिमा के अवसर पर सभी देशवासियों को शुभकामनाएँ दीं और जीवन को आकार देने में शिक्षकों की अमूल्य भूमिका को रेखांकित करते हुए एक संस्कृत सुभाषितम साझा किया। उन्होंने बताया कि गुरु किस तरह प्रेरणा देते हैं, मार्गदर्शन करते हैं, शिक्षा प्रदान करते हैं और ज्ञान का संचार करते हैं। प्रधानमंत्री ने सभी से आग्रह किया कि वे गुरुओं के आदर्शों को अपने जीवन में मार्गदर्शक शक्ति बनाएं।पीएम मोदी ने ज्ञान, कौशल और स्वास्थ्य के महत्व पर आधारित संस्कृत सुभाषितम् साझा किया
July 15th, 12:12 pm
पीएम नरेन्द्र मोदी ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा करते हुए कहा कि ज्ञान, कौशल और अच्छा स्वास्थ्य व्यक्ति के विकास के साथ-साथ राष्ट्र की प्रगति की भी मजबूत नींव हैं। उन्होंने कहा कि भारत के युवा इन मूल्यों को अपनाकर एक मजबूत और विकसित राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।भारत और इंडोनेशिया जितने इतिहास से जुड़े हैं, उतना ही हमारा साझा भविष्य भी है: पीएम मोदी
July 07th, 11:47 pm
जकार्ता में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उनका गर्मजोशी से स्वागत करने के लिए प्रवासी भारतीयों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने इंडोनेशिया के विकास में भारतीय समुदाय के योगदान की सराहना की और उन्हें भारत तथा इंडोनेशिया के बीच जीवंत सेतु बताया। प्रधानमंत्री ने भारत में तेजी से हो रहे बदलावों का उल्लेख करते हुए भारतीय समुदाय से विकसित भारत 2047 और इंडोनेशिया एमास 2045 के साझा लक्ष्यों को पूरा करने में अपना योगदान देने का आह्वान किया।प्रधानमंत्री ने जकार्ता में भारतीय प्रवासी समुदाय को संबोधित किया
July 07th, 05:30 pm
जकार्ता में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उनका गर्मजोशी से स्वागत करने के लिए प्रवासी भारतीयों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने इंडोनेशिया के विकास में भारतीय समुदाय के योगदान की सराहना की और उन्हें भारत तथा इंडोनेशिया के बीच जीवंत सेतु बताया। प्रधानमंत्री ने भारत में तेजी से हो रहे बदलावों का उल्लेख करते हुए भारतीय समुदाय से विकसित भारत 2047 और इंडोनेशिया एमास 2045 के साझा लक्ष्यों को पूरा करने में अपना योगदान देने का आह्वान किया।हमारे लोकतांत्रिक मूल्य और साझा आकांक्षाएँ भारत-इंडोनेशिया संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाएँगे: पीएम मोदी
July 07th, 03:15 pm
जकार्ता में इंडोनेशिया की संसद को संबोधित करते हुए, पीएम नरेन्द्र मोदी ने भारत और इंडोनेशिया के बीच गहरे सांस्कृतिक और लोकतांत्रिक संबंधों का उल्लेख किया। उन्होंने दोनों देशों की समुद्री साझेदारी को और मजबूत बनाने पर जोर देते हुए 'गंगा-महाकम विजन' का प्रस्ताव रखा। प्रधानमंत्री ने विकास, सुरक्षा तथा 'ग्लोबल साउथ' से जुड़े मुद्दों पर आपसी सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया। साथ ही, उन्होंने एक स्वतंत्र, खुले, समावेशी और नियम-आधारित इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।प्रधानमंत्री ने इंडोनेशिया की संसद को किया संबोधित
July 07th, 03:00 pm
जकार्ता में इंडोनेशिया की संसद को संबोधित करते हुए, पीएम नरेन्द्र मोदी ने भारत और इंडोनेशिया के बीच गहरे सांस्कृतिक और लोकतांत्रिक संबंधों का उल्लेख किया। उन्होंने दोनों देशों की समुद्री साझेदारी को और मजबूत बनाने पर जोर देते हुए 'गंगा-महाकम विजन' का प्रस्ताव रखा। प्रधानमंत्री ने विकास, सुरक्षा तथा 'ग्लोबल साउथ' से जुड़े मुद्दों पर आपसी सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया। साथ ही, उन्होंने एक स्वतंत्र, खुले, समावेशी और नियम-आधारित इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।प्रधानमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री श्री पी. वी. नरसिम्हा राव जी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की
June 28th, 10:38 am
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज पूर्व प्रधानमंत्री श्री पी. वी. नरसिम्हा राव जी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। श्री मोदी ने कहा कि श्री पी. वी. नरसिम्हा राव जी ने हमारे राष्ट्र के इतिहास के एक महत्वपूर्ण दौर में भारत की प्रगति में चिरस्थायी योगदान दिया।प्रधानमंत्री ने ज्ञान, बुद्धिमत्ता और दूरदर्शिता के महत्व को रेखांकित करते हुए एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया
June 19th, 08:15 am
पीएम मोदी ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा करते हुए सफलता प्राप्त करने में ज्ञान, बुद्धिमत्ता और दूरदर्शिता के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि गहरी समझ, सही निर्णय लेने की क्षमता, आत्मविश्वास, प्रभावी बातचीत और समय की मांग को पहचानने की दूरदर्शिता जैसे गुण लोगों को चुनौतियों से निपटने और अपने लक्ष्य हासिल करने में मदद करते हैं।प्रधानमंत्री ने सत्य, सेवा, ज्ञान और कर्म के महत्व को बताने वाला संस्कृत सुभाषितम् साझा किया
June 18th, 09:23 am
पीएम मोदी ने सत्य, निस्वार्थ सेवा, लगातार सीखते रहने और कर्म के महत्व को बताने वाला एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया। उन्होंने कहा कि सत्यनिष्ठा से समृद्धि प्राप्त होती है, निस्वार्थ सेवा से यश मिलता है, निरंतर अभ्यास से ज्ञान बढ़ता है और कर्म से बुद्धिमत्ता विकसित होती है। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि ये मूल्य व्यक्ति के चरित्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और समाज की सामूहिक प्रगति में भी अहम योगदान देते हैं।प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा करते हुए विवेक और सोच-समझकर निर्णय लेने के महत्व पर प्रकाश डाला
June 16th, 08:53 am
पीएम मोदी ने धैर्य, विवेक और सोच-समझकर निर्णय लेने के महत्व को बताते हुए एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया। उन्होंने कहा कि हर निर्णय लेने से पहले उसके सभी पहलुओं को अच्छी तरह समझना आवश्यक है, क्योंकि स्थायी सफलता उन्हीं कार्यों से प्राप्त होती है जो दूरदृष्टि और विचार-विमर्श के साथ किए जाते हैं। इस सुभाषितम् का संदेश है कि जो लोग विवेक और सही निर्णय क्षमता के साथ कार्य करते हैं, उनके पास समृद्धि और सफलता स्वयं चलकर आती है।प्रधानमंत्री ने इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप में विविधता की भूमिका को रेखांकित करते हुए संस्कृत सुभाषितम् साझा किया
June 15th, 08:55 am
पीएम मोदी ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति अपने साथ एक अलग दृष्टिकोण, रचनात्मक सोच और समाज के लिए विशेष योगदान की क्षमता लेकर आता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जिस प्रकार हर जल स्रोत का स्वाद अलग होता है, उसी प्रकार हर व्यक्ति की प्रतिभा और सोच भी विशिष्ट होती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि जब अलग-अलग विचार, प्रतिभाएं और क्षमताएं एक साथ आती हैं, तो नई संभावनाओं का जन्म होता है, जो इनोवेशन, एंटरप्रेन्योरशिप और प्रगति को गति देती हैं।पीएम मोदी ने ‘मन की बात’ में गर्मी से बचाव के टिप्स साझा किए, लोगों को दी हाइड्रेटेड रहने की सलाह
May 31st, 11:30 am
पीएम मोदी ने इस महीने के ‘मन की बात’ कार्यक्रम में एथलेटिक्स में भारत के बढ़ते दमखम पर चर्चा की। उन्होंने स्वदेशी पेय पदार्थों, ज्ञान भारतम् अभियान, खगोल विज्ञान, गंगा डॉल्फिन, स्वच्छता और दान के महत्व जैसे कई अहम विषयों का भी उल्लेख किया। उन्होंने नीदरलैंड से वापस लाई गई चोल ताम्रपट्टिकाओं पर विस्तार से बात की और नागरिकों से गर्मियों के दौरान सुरक्षित रहने की अपील की।प्रधानमंत्री ने सच्चे ज्ञान की परिवर्तनकारी शक्ति को बताने वाला संस्कृत सुभाषितम् साझा किया
May 26th, 09:20 am
पीएम मोदी ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा करते हुए कहा कि सच्चा ज्ञान राष्ट्र, समाज और मानवता के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ज्ञान और कर्मों से विश्व को प्रेरणा मिलनी चाहिए। पीएम मोदी ने कहा कि अज्ञानता मनुष्य के शुद्ध स्वरूप को ढक देती है, जबकि सच्चा ज्ञान उसके शाश्वत और प्रकाशमय स्वरूप को उजागर करता है।प्रधानमंत्री ने निरंतर प्रयासों के महत्व पर जोर देते हुए संस्कृत सुभाषितम् साझा किया
May 18th, 02:04 pm
पीएम मोदी ने संस्कृत का एक सुभाषितम् साझा करते हुए कहा कि निरंतर प्रयासों के माध्यम से व्यक्ति धीरे-धीरे ज्ञान, धन और धर्म की प्राप्ति कर सकता है, ठीक उसी प्रकार जैसे जल की एक-एक बूँद लगातार गिरने से घड़ा भर जाता है।