ह्यूमैनिटी फर्स्ट के भाव के साथ, भारत अपने ग्लोबल रोल का विस्तार कर रहा है: पीएम

January 09th, 10:15 am

पीएम मोदी ने ओडिशा के भुवनेश्वर में 18वें प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन का उद्घाटन किया। भारतीय प्रवासियों के प्रति अपनी हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त करते हुए और वैश्विक मंच पर गर्व के साथ अपना सिर ऊंचा करने का अवसर देने के लिए उन्हें धन्यवाद देते हुए, श्री मोदी ने रेखांकित किया कि पिछले एक दशक में, उन्होंने कई विश्व नेताओं से मुलाकात की है, और इन सभी ने भारतीय प्रवासी समुदाय की सामाजिक मूल्यों और उनके योगदान के लिए प्रशंसा की है।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ओडिशा में 18वें प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन का उद्घाटन किया

January 09th, 10:00 am

पीएम मोदी ने ओडिशा के भुवनेश्वर में 18वें प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन का उद्घाटन किया। भारतीय प्रवासियों के प्रति अपनी हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त करते हुए और वैश्विक मंच पर गर्व के साथ अपना सिर ऊंचा करने का अवसर देने के लिए उन्हें धन्यवाद देते हुए, श्री मोदी ने रेखांकित किया कि पिछले एक दशक में, उन्होंने कई विश्व नेताओं से मुलाकात की है, और इन सभी ने भारतीय प्रवासी समुदाय की सामाजिक मूल्यों और उनके योगदान के लिए प्रशंसा की है।

श्रीरामलला के प्राण-प्रतिष्ठा का चैतन्य पल हम सबकी साझी अनुभूति होगी: पीएम मोदी

January 12th, 11:00 am

पीएम मोदी ने 22 जनवरी को अयोध्या धाम के भव्य मंदिर में श्री रामलला के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के लिए 11 दिवसीय विशेष अनुष्ठान शुरू किया है। एक भावुक संदेश में, प्रधानमंत्री ने कहा कि अयोध्या में प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के निमित्त, हर तरफ प्रभु श्रीराम की भक्ति का अद्भुत वातावरण है। उन्होंने कहा कि इस पुण्य अवसर का साक्षी बनना, उनके लिए कल्पनातीत अनुभूतियों का समय है और वे अलौकिक मनोभाव से गुजर रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने श्रीरामलला प्राण प्रतिष्ठा समारोह से पूर्व 11 दिवसीय विशेष अनुष्ठान शुरू किया

January 12th, 10:31 am

पीएम मोदी ने 22 जनवरी को अयोध्या धाम के भव्य मंदिर में श्री रामलला के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के लिए 11 दिवसीय विशेष अनुष्ठान शुरू किया है। एक भावुक संदेश में, प्रधानमंत्री ने कहा कि अयोध्या में प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के निमित्त, हर तरफ प्रभु श्रीराम की भक्ति का अद्भुत वातावरण है। उन्होंने कहा कि इस पुण्य अवसर का साक्षी बनना, उनके लिए कल्पनातीत अनुभूतियों का समय है और वे अलौकिक मनोभाव से गुजर रहे हैं।