सम्राट संप्रति संग्रहालय ये भारत के कोटि-कोटि लोगों की धरोहर है और ये हमारे गौरवशाली अतीत का प्रमाण है: गांधीनगर, गुजरात में पीएम मोदी
March 31st, 10:25 am
भगवान महावीर जन्म कल्याणक के शुभ अवसर पर पीएम मोदी ने गुजरात के गांधीनगर स्थित कोबा तीर्थ में सम्राट संप्रति संग्रहालय का उद्घाटन किया। इस अवसर पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह संग्रहालय भारत के कोटि-कोटि लोगों की धरोहर है और ये हमारे गौरवशाली अतीत का प्रमाण है। सम्राट संप्रति के अहिंसा दर्शन की प्रशंसा करते हुए उन्होंने लोगों से व्यक्तिगत आकांक्षाओं से ऊपर उठकर राष्ट्र के लिए काम करने का आह्वान किया।पीएम श्री नरेन्द्र मोदी ने महावीर जयंती पर गांधीनगर के कोबा तीर्थ में सम्राट संप्रति संग्रहालय का उद्घाटन किया
March 31st, 10:15 am
भगवान महावीर जन्म कल्याणक के शुभ अवसर पर पीएम मोदी ने गुजरात के गांधीनगर स्थित कोबा तीर्थ में सम्राट संप्रति संग्रहालय का उद्घाटन किया। इस अवसर पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह संग्रहालय भारत के कोटि-कोटि लोगों की धरोहर है और ये हमारे गौरवशाली अतीत का प्रमाण है। सम्राट संप्रति के अहिंसा दर्शन की प्रशंसा करते हुए उन्होंने लोगों से व्यक्तिगत आकांक्षाओं से ऊपर उठकर राष्ट्र के लिए काम करने का आह्वान किया।पीएम मोदी ने ‘मन की बात’ में पश्चिम एशिया संकट से निपटने के लिए 140 करोड़ भारतीयों की एकता पर भरोसा जताया
March 29th, 11:30 am
इस महीने के ‘मन की बात’ कार्यक्रम में पीएम मोदी ने पश्चिम एशिया संघर्ष पर बात की और संकट से निपटने के लिए एकजुट रहने की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों में न आएँ और सिर्फ सरकार द्वारा दी गई जानकारी पर ही भरोसा करें। पीएम ने ज्ञान भारतम सर्वे, खेल और फिटनेस, जल संरक्षण, मछली पालन और सौर ऊर्जा जैसे अहम मुद्दों का भी उल्लेख किया।भारत की विकास यात्रा को भगवान स्वामीनारायण का आशीर्वाद मिलता रहेगा: पीएम मोदी
January 23rd, 02:12 pm
पीएम मोदी ने भगवान स्वामीनारायण की शिक्षापत्री की 200वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित शिक्षापत्री द्विशताब्दी महोत्सव के दौरान अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि शिक्षापत्री के माध्यम से भगवान स्वामीनारायण ने जीवन के लिए अमूल्य मार्गदर्शन प्रदान किया और आज उनके अनुयायियों द्वारा समाज, राष्ट्र और मानवता की सेवा के कितने ही अभियान चल रहे हैं। प्रधानमंत्री ने सभी प्रबुद्ध संगठनों से ज्ञान भारतम मिशन में अधिक सहयोग देने का भी आग्रह किया।प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने शिक्षापत्री द्विशताब्दी महोत्सव को संबोधित किया
January 23rd, 02:00 pm
पीएम मोदी ने भगवान स्वामीनारायण की शिक्षापत्री की 200वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित शिक्षापत्री द्विशताब्दी महोत्सव के दौरान अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि शिक्षापत्री के माध्यम से भगवान स्वामीनारायण ने जीवन के लिए अमूल्य मार्गदर्शन प्रदान किया और आज उनके अनुयायियों द्वारा समाज, राष्ट्र और मानवता की सेवा के कितने ही अभियान चल रहे हैं। प्रधानमंत्री ने सभी प्रबुद्ध संगठनों से ज्ञान भारतम मिशन में अधिक सहयोग देने का भी आग्रह किया।प्रधानमंत्री ने नई दिल्ली में अंतर्राष्ट्रीय आर्य महासम्मेलन 2025 को संबोधित किया
October 31st, 06:08 pm
पीएम मोदी ने नई दिल्ली में अंतर्राष्ट्रीय आर्य महासम्मेलन 2025 में भाग लिया और उसे संबोधित किया। इस अवसर पर पीएम ने स्वामी दयानंद जी के आदर्शों के प्रति अपनी गहरी श्रद्धा व्यक्त की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि स्वामी दयानंद जी ने जाति-आधारित भेदभाव और छुआछूत का विरोध किया था। पीएम ने इस बात पर प्रकाश डाला कि यह अवसर आर्य समाज द्वारा निरंतर आगे बढ़ाए गए सामाजिक सुधार की महान विरासत को दर्शाता है और उन्होंने स्वदेशी आंदोलन के साथ इसके ऐतिहासिक जुड़ाव का भी उल्लेख किया है।भारत की manuscripts में समूची मानवता की विकास यात्रा के footprints हैं: पीएम मोदी
September 12th, 04:54 pm
ज्ञान भारतम पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में अपने संबोधन में, पीएम मोदी ने जोर दिया कि ‘ज्ञान भारतम मिशन’ भारत की संस्कृति, साहित्य और चेतना का उद्घोष बनने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि भारत की ज्ञान परंपरा चार मुख्य पिलर्स; Preservation, Innovation, Addition और Adaptation पर आधारित है। उन्होंने देश के युवाओं से इस मिशन में सक्रिय रूप से भाग लेने की अपील की और टेक्नोलॉजी के माध्यम से अतीत की खोज के महत्व पर बल दिया।प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने नई दिल्ली में ज्ञान भारतम पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित किया
September 12th, 04:45 pm
ज्ञान भारतम पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में अपने संबोधन में, पीएम मोदी ने जोर दिया कि ‘ज्ञान भारतम मिशन’ भारत की संस्कृति, साहित्य और चेतना का उद्घोष बनने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि भारत की ज्ञान परंपरा चार मुख्य पिलर्स; Preservation, Innovation, Addition और Adaptation पर आधारित है। उन्होंने देश के युवाओं से इस मिशन में सक्रिय रूप से भाग लेने की अपील की और टेक्नोलॉजी के माध्यम से अतीत की खोज के महत्व पर बल दिया।प्रधानमंत्री 12 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित ज्ञान भारतम पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लेंगे
September 11th, 04:57 pm
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 12 सितंबर, 2025 को सायं लगभग 4:30 बजे नई दिल्ली के विज्ञान भवन में ज्ञान भारतम् पर आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लेंगे। वे ज्ञान भारतम् पोर्टल का भी शुभारंभ करेंगे, जो पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण, संरक्षण और सार्वजनिक पहुंच में तेज़ी लाने के लिए एक समर्पित डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म है। इस अवसर पर वह उपस्थित जनसमूह को भी संबोधित करेंगे।