आज दुनिया संसाधनों की कमी से नहीं, बल्कि भरोसे की कमी से जूझ रही है: G7 समिट में पीएम मोदी

June 16th, 10:12 pm

फ्रांस में आयोजित G7 समिट के दौरान नई साझेदारियां बनाने और अंतरराष्ट्रीय एकजुटता को फिर से कायम करने पर आयोजित आउटरीच सेशन को संबोधित करते हुए, पीएम मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि इंटरकनेक्टेड दौर में भरोसा, पारदर्शिता और मजबूत अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों का निर्माण बेहद आवश्यक है। उन्होंने भारत के 'मानवता प्रथम' वाले दृष्टिकोण पर प्रकाश डालते हुए वैश्विक एकजुटता को और मजबूत करने का आह्वान किया। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए संवाद, कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के सम्मान का विशेष महत्व है।

फ्रांस में आयोजित G7 समिट में पीएम मोदी का संबोधन, नई साझेदारियां बनाने और अंतरराष्ट्रीय एकजुटता को फिर से कायम करने पर दिया जोर

June 16th, 10:07 pm

फ्रांस में आयोजित G7 समिट के दौरान नई साझेदारियां बनाने और अंतरराष्ट्रीय एकजुटता को फिर से कायम करने पर आयोजित आउटरीच सेशन को संबोधित करते हुए, पीएम मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि इंटरकनेक्टेड दौर में भरोसा, पारदर्शिता और मजबूत अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों का निर्माण बेहद आवश्यक है। उन्होंने भारत के 'मानवता प्रथम' वाले दृष्टिकोण पर प्रकाश डालते हुए वैश्विक एकजुटता को और मजबूत करने का आह्वान किया। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए संवाद, कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के सम्मान का विशेष महत्व है।

ऊर्जा सुरक्षा पर जी7 आउटरीच सेशन के दौरान प्रधानमंत्री का संबोधन

June 18th, 11:15 am

पीएम मोदी ने कनानास्किस में G7 समिट के आउटरीच सेशन में भाग लिया और ‘एनर्जी सिक्योरिटी’ पर एक सेशन को संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि एनर्जी सिक्योरिटी, भविष्य की पीढ़ियों के सामने आने वाली प्रमुख चुनौतियों में से एक है। समावेशी विकास के लिए भारत की प्रतिबद्धता पर विस्तार से बात करते हुए उन्होंने कहा कि availability, accessibility, affordability और acceptability वे सिद्धांत हैं जो एनर्जी सिक्योरिटी के प्रति भारत के अप्रोच को रेखांकित करते हैं।

पीएम नरेन्द्र मोदी ने G7 आउटरीच सेशन को संबोधित किया

June 18th, 11:13 am

पीएम मोदी ने कनानास्किस में G7 समिट के आउटरीच सेशन में भाग लिया और ‘एनर्जी सिक्योरिटी’ पर एक सेशन को संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि एनर्जी सिक्योरिटी, भविष्य की पीढ़ियों के सामने आने वाली प्रमुख चुनौतियों में से एक है। समावेशी विकास के लिए भारत की प्रतिबद्धता पर विस्तार से बात करते हुए उन्होंने कहा कि availability, accessibility, affordability और acceptability वे सिद्धांत हैं जो एनर्जी सिक्योरिटी के प्रति भारत के अप्रोच को रेखांकित करते हैं।