पीएम मोदी ने एनर्जी सेक्टर के सीईओ के साथ संवाद किया
January 28th, 09:09 pm
इंडिया एनर्जी वीक (IEW) 2026 के तहत पीएम मोदी ने ग्लोबल एनर्जी सेक्टर के सीईओ के साथ संवाद किया। इस बातचीत के दौरान सीईओ ने भारत की विकास गति पर गहरा भरोसा जताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से अग्रसर है। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा किए गए निवेशक-अनुकूल नीतिगत सुधारों के कारण एक्सप्लोरेशन और प्रोडक्शन सेक्टर में लगभग 100 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश की संभावना है।भारत की manuscripts में समूची मानवता की विकास यात्रा के footprints हैं: पीएम मोदी
September 12th, 04:54 pm
ज्ञान भारतम पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में अपने संबोधन में, पीएम मोदी ने जोर दिया कि ‘ज्ञान भारतम मिशन’ भारत की संस्कृति, साहित्य और चेतना का उद्घोष बनने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि भारत की ज्ञान परंपरा चार मुख्य पिलर्स; Preservation, Innovation, Addition और Adaptation पर आधारित है। उन्होंने देश के युवाओं से इस मिशन में सक्रिय रूप से भाग लेने की अपील की और टेक्नोलॉजी के माध्यम से अतीत की खोज के महत्व पर बल दिया।प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने नई दिल्ली में ज्ञान भारतम पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित किया
September 12th, 04:45 pm
ज्ञान भारतम पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में अपने संबोधन में, पीएम मोदी ने जोर दिया कि ‘ज्ञान भारतम मिशन’ भारत की संस्कृति, साहित्य और चेतना का उद्घोष बनने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि भारत की ज्ञान परंपरा चार मुख्य पिलर्स; Preservation, Innovation, Addition और Adaptation पर आधारित है। उन्होंने देश के युवाओं से इस मिशन में सक्रिय रूप से भाग लेने की अपील की और टेक्नोलॉजी के माध्यम से अतीत की खोज के महत्व पर बल दिया।अब दुनिया में जो EVs चलेंगी, उन पर Made in India लिखा होगा: हंसलपुर, गुजरात में पीएम मोदी
August 26th, 11:00 am
पीएम मोदी ने हंसलपुर, गुजरात में ग्रीन मोबिलिटी इनिशिएटिव्स की शुरुआत की, जो भारत की 'मेक इन इंडिया' यात्रा में एक नया अध्याय है। अपने संबोधन में, पीएम ने रेखांकित किया कि भारत में बने इलेक्ट्रिक व्हीकल्स अब 100 देशों तक पहुँचेंगे। उन्होंने हाइब्रिड बैटरी इलेक्ट्रोड मैन्युफैक्चरिंग की शुरुआत की घोषणा की और भारत-जापान मैत्री की सराहना की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आज किए जा रहे ये प्रयास 2047 तक ‘विकसित भारत’ की नींव को और मजबूत करेंगे।पीएम मोदी ने हंसलपुर, गुजरात में ग्रीन मोबिलिटी इनिशिएटिव्स की शुरुआत की
August 26th, 10:30 am
पीएम मोदी ने हंसलपुर, गुजरात में ग्रीन मोबिलिटी इनिशिएटिव्स की शुरुआत की, जो भारत की 'मेक इन इंडिया' यात्रा में एक नया अध्याय है। अपने संबोधन में, पीएम ने रेखांकित किया कि भारत में बने इलेक्ट्रिक व्हीकल्स अब 100 देशों तक पहुँचेंगे। उन्होंने हाइब्रिड बैटरी इलेक्ट्रोड मैन्युफैक्चरिंग की शुरुआत की घोषणा की और भारत-जापान मैत्री की सराहना की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आज किए जा रहे ये प्रयास 2047 तक ‘विकसित भारत’ की नींव को और मजबूत करेंगे।'विकसित भारत' के संकल्प की पूर्ति में टेक्सटाइल सेक्टर का अहम योगदान: 'भारत टेक्स' में पीएम
February 16th, 04:15 pm
भारत मंडपम में ‘भारत टेक्स 2025’ को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने भारत की समृद्ध कपड़ा विरासत और इसकी बढ़ती वैश्विक उपस्थिति पर प्रकाश डाला। 120 से अधिक देशों की भागीदारी के साथ, उन्होंने इस क्षेत्र में इनोवेशन, सस्टेनेबिलिटी और इंवेस्टमेंट पर जोर दिया। उन्होंने स्टार्टअप्स से नए अवसरों की खोज करने का आग्रह किया, स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा दिया और उद्योग को आगे बढ़ाने के लिए आधुनिक फैशन के साथ परंपरा के मिश्रण पर बल दिया।प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ‘भारत टेक्स 2025’ को संबोधित किया
February 16th, 04:00 pm
भारत मंडपम में ‘भारत टेक्स 2025’ को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने भारत की समृद्ध कपड़ा विरासत और इसकी बढ़ती वैश्विक उपस्थिति पर प्रकाश डाला। 120 से अधिक देशों की भागीदारी के साथ, उन्होंने इस क्षेत्र में इनोवेशन, सस्टेनेबिलिटी और इंवेस्टमेंट पर जोर दिया। उन्होंने स्टार्टअप्स से नए अवसरों की खोज करने का आग्रह किया, स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा दिया और उद्योग को आगे बढ़ाने के लिए आधुनिक फैशन के साथ परंपरा के मिश्रण पर बल दिया।जीनोम इंडिया प्रोजेक्ट से जेनेटिक रिसर्च में भारत की छवि और अधिक सशक्त होगी: पीएम
January 09th, 06:38 pm
पीएम मोदी ने जीनोम इंडिया प्रोजेक्ट की शुरुआत पर अपने विचार साझा किए। श्री मोदी ने कहा, जीनोम इंडिया प्रोजेक्ट बायो-टेक्नोलॉजी क्रांति में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट ने विभिन्न समुदायों के 10,000 व्यक्तियों की जीनोम सीक्वेंसिंग करके सफलतापूर्वक एक डाइवर्स जेनेटिक रिसोर्स तैयार किया है।जीनोम इंडिया प्रोजेक्ट की शुरुआत पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का वक्तव्य
January 09th, 05:53 pm
पीएम मोदी ने जीनोम इंडिया प्रोजेक्ट की शुरुआत पर अपने विचार साझा किए। श्री मोदी ने कहा, जीनोम इंडिया प्रोजेक्ट बायो-टेक्नोलॉजी क्रांति में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट ने विभिन्न समुदायों के 10,000 व्यक्तियों की जीनोम सीक्वेंसिंग करके सफलतापूर्वक एक डाइवर्स जेनेटिक रिसोर्स तैयार किया है।प्रधानमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया
December 26th, 11:11 pm
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया है। श्री मोदी ने कहा, “भारत अपने सबसे प्रतिष्ठित नेताओं में से एक डॉ. मनमोहन सिंह जी के निधन पर शोक मना रहा है।” प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि डॉ. मनमोहन सिंह साधारण पृष्ठभूमि से उठकर एक सम्मानित अर्थशास्त्री बने। हमारे प्रधानमंत्री के रूप में, डॉ. मनमोहन सिंह ने लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए व्यापक प्रयास किए।पीएम मोदी ने इटली की काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स की प्रेजिडेंट से मुलाकात की
November 19th, 08:34 am
प्रधानमंत्री मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने रियो में G20 में मुलाकात की, जो दो साल में उनकी पांचवीं मुलाकात थी। उन्होंने भारत-इटली रणनीतिक साझेदारी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की और 2025-29 के लिए एक संयुक्त रणनीतिक कार्य योजना की घोषणा की, जिसमें व्यापार, स्वच्छ ऊर्जा, रक्षा, अंतरिक्ष और लोगों के बीच संबंधों पर ध्यान केंद्रित किया गया। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाने के लिए नियमित संवाद, सह-निर्माण और इनोवेशन पर जोर दिया।भारत की ग्रोथ स्टोरी से जुड़ने का यह सबसे उपयुक्त समय: पीएम मोदी
October 25th, 11:20 am
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नई दिल्ली में जर्मन बिजनेस की 18वीं एशिया-पैसिफिक कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए भारत-जर्मनी स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप की 25वीं वर्षगांठ को रेखांकित किया और अगले 25 वर्ष में इस पार्टनरशिप के नई बुलंदी पर पहुंचने का भरोसा जताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की ग्रोथ स्टोरी से जुड़ने का यह सबसे उपयुक्त समय है।जमैका के प्रधानमंत्री डॉ. एंड्रयू होलनेस की भारत यात्रा का परिणामी ब्यौरा
October 01st, 12:30 pm
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और जमैका के प्रधानमंत्री डॉ. एंड्रयू होलनेस के बीच नई दिल्ली में द्विपक्षीय वार्ता हुई। इस दौरान भारत और जमैका ने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और स्पोर्ट्स समेत विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग से संबंधित सहमति-पत्रों का आदान-प्रदान किया।आर्थिक सर्वेक्षण हमारी अर्थव्यवस्था में विद्यमान ताकतों को उजागर करता है और कई सरकारी सुधारों के नतीजे प्रदर्शित करता है: प्रधानमंत्री
July 22nd, 07:15 pm
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि आर्थिक सर्वेक्षण हमारी अर्थव्यवस्था में विद्यमान ताकतों पर प्रकाश डालता है और सरकार द्वारा किए गए विभिन्न सुधारों के नतीजों को भी प्रदर्शित करता है।पीएम मोदी ने G7 समिट के दौरान इटली की प्रधानमंत्री के साथ द्विपक्षीय बातचीत की
June 14th, 11:40 pm
प्रधानमंत्री मोदी और इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी ने अपुलिया, इटली में G7 समिट के दौरान द्विपक्षीय बैठक की। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा और भारत-इटली रणनीतिक साझेदारी की प्रगति की समीक्षा की।पीएम मोदी ने पेरिस में भारतीय समुदाय के साथ बातचीत की
July 13th, 11:05 pm
पीएम मोदी ने फ्रांस में प्रवासी भारतीयों से बातचीत की। उन्होंने भारत और फ्रांस के बीच बहुआयामी संबंधों पर प्रकाश डाला। प्रधानमंत्री ने दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने में भारतीय समुदाय की भूमिका की सराहना की। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में भारत द्वारा की जा रही प्रगति का भी उल्लेख किया और प्रवासी सदस्यों को भारत में निवेश के अवसर तलाशने के लिए आमंत्रित किया।आज का आत्मनिर्भर भारत पैकेज समाज के सभी वर्गों को मदद पहुंचाने के सरकार के प्रयासों की कड़ी : प्रधानमंत्री
November 12th, 10:29 pm
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि आज का आत्मनिर्भर भारत पैकेज समाज के सभी वर्गों को मदद पहुंचाने के सरकार के प्रयासों की दिशा में एक और कदम है।देश का ईमानदार टैक्सपेयर राष्ट्रनिर्माण में बहुत बड़ी भूमिका निभाता है: प्रधानमंत्री मोदी
August 13th, 11:28 am
प्रधानमंत्री मोदी 'ट्रांसपैरेंट टैक्सेशन: ऑनरिंग द ऑनेस्ट' प्लेटफॉर्म की शुरुआत की। पीएम मोदी ने कहा कि आज से शुरू हो रहीं नई व्यवस्थाएं, नई सुविधाएं, मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को और मजबूत करती हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश का ईमानदार टैक्सपेयर राष्ट्रनिर्माण में बहुत बड़ी भूमिका निभाता है। जब देश के ईमानदार टैक्सपेयर का जीवन आसान बनता है, वो आगे बढ़ता है, तो देश का भी विकास होता है, देश भी आगे बमैं सभी टैक्सपेयर्स को इसके लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं और इन्कम टैक्स विभाग के सभी अधिकारियों, कर्मचारियों को भी बहुत-बहुत शुभकामनाएं। साथियों, बीते 6 वर्षों में हमारा फोकस रहा है, Banking the Unbanked Securing the Unsecured और, Funding the Unfunded. आज एक तरह से एक नई यात्रा शुरू हो रही है। Honoring the Honest- ईमानदार का सम्मान। देश का ईमानदार टैक्सपेयर राष्ट्रनिर्माण में बहुत बड़ी भूमिका निभाता है। जब देश के ईमानदार टैक्सपेयर का जीवन आसान बनता है, वो आगे बढ़ता है, तो देश का भी विकास होता है, देश भी आगे बढ़ता है। साथियों, आज से शुरू हो रहीं नई व्यवस्थाएं, नई सुविधाएं, Minimum Government, Maximum Governance के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को और मजबूत करती हैं। ये देशवासियों के जीवन से सरकार को, सरकार के दखल को कम करने की दिशा में भी एक बड़ा कदम है। साथियों, आज हर नियम-कानून को, हर पॉलिसी को Process और Power Centric अप्रोच से बाहर निकालकर उसको People Centric और Public Friendly बनाने पर बल दिया जा रहा है। ये नए भारत के नए गवर्नेंस मॉडल का प्रयोग है और इसके सुखद परिणाम भी देश को मिल रहे हैं। आज हर किसी को ये एहसास हुआ है कि शॉर्ट-कट्स ठीक नहीं है, गलत तौर-तरीके अपनाना सही नहीं है।वो दौर अब पीछे चला गया है। अब देश में माहौल बनता जा रहा है कि कर्तव्य भाव को सर्वोपरि रखते हुए ही सारे काम करें। सवाल ये कि बदलाव आखिर कैसे आ रहा है? क्या ये सिर्फ सख्ती से आया है? क्या ये सिर्फ सज़ा देने से आया है? नहीं, बिल्कुल नहीं। इसके चार बड़े कारण हैं। पहला, पॉलिसी ड्रिवेन गवर्नेंस। जब पॉलिसी स्पष्ट होती है तो Grey Areas Minimum हो जाते हैं और इस कारण व्यापार में, बिजनेस में डिस्क्रीशन की गुंजाशन कम हो जाती है। दूसरा- सामान्य जन की ईमानदारी पर विश्वास। तीसरा, सरकारी सिस्टम में ह्यूमेन इंटरफेस को सीमित करके टेक्नॉलॉजी का बड़े स्तर पर उपयोग। आज सरकारी खरीद हो, सरकारी टेंडर हो या सरकारी सेवाओं की डिलिवरी, सब जगह Technological Interface सर्विस दे रहे हैं। और चौथा, हमारी जो सरकारी मशीनरी है, जो ब्यूरोक्रेसी है, उसमें efficiency, Integrity और Sensitivity के गुणों को Reward किया जा रहा है, पुरस्कृत किया जा रहा है। साथियों, एक दौर था जब हमारे यहां Reforms की बहुत बातें होती थीं। कभी मजबूरी में कुछ फैसले ले लिए जाते थे, कभी दबाव में कुछ फैसले हो जाते थे, तो उन्हें Reform कह दिया जाता था। इस कारण इच्छित परिणाम नहीं मिलते थे। अब ये सोच और अप्रोच, दोनों बदल गई है। हमारे लिए Reform का मतलब है, Reform नीति आधारित हो, टुकड़ों में नहीं हो, Holistic हो और एक Reform, दूसरे Reform का आधार बने, नए Reform का मार्ग बनाए। और ऐसा भी नहीं है कि एक बार Reform करके रुक गए। ये निरंतर, सतत चलने वाली प्रक्रिया है। बीते कुछ वर्षो में देश में डेढ़ हजार ज्यादा कानूनों को समाप्त किया गया है। Ease of Doing Business की रैंकिंग में भारत आज से कुछ साल पहले 134वें नंबर पर था। आज भारत की रैंकिंग 63 है। रैंकिंग में इतने बड़े बदलाव के पीछे अनेकों Reforms हैं, अनेकों नियमों-कानूनों में बड़े परिवर्तन हैं। Reforms के प्रति भारत की इसी प्रतिबद्धता को देखकर, विदेशी निवेशकों का विश्वास भी भारत पर लगातार बढ़ रहा है। कोरोना के इस संकट के समय भी भारत में रिकॉर्ड FDI का आना, इसी का उदाहरण है। साथियों, भारत के टैक्स सिस्टम में Fundamental और Structural Reforms की ज़रूरत इसलिए थी क्योंकि हमारा आज का ये सिस्टम गुलामी के कालखंड में बना और फिर धीरे धीरे Evolve हुआ। आज़ादी के बाद इसमें यहां वहां थोड़े बहुत परिवर्तन किए गए, लेकिन Largely सिस्टम का Character वही रहा। परिणाम ये हुआ कि जो टैक्सपेयर राष्ट्र निर्माण का एक मज़बूत पिलर है, जो देश को गरीबी से बाहर निकालने के लिए योगदान दे रहा है, उसको कठघरे में खड़ा किया जाने लगा। इन्कम टैक्स का नोटिस फरमान की तरह बन गया। देश के साथ छल करने वाले कुछ मुट्ठीभर लोगों की पहचान के लिए बहुत से लोगों को अनावश्यक परेशानी से गुज़रना पड़ा। कहां तो टैक्स देने वालों की संख्या में गर्व के साथ विस्तार होना चाहिए था और कहां गठजोड़ की, सांठगांठ की व्यवस्था बन गई। इस विसंगति के बीच ब्लैक और व्हाइट का उद्योग भी फलता-फूलता गया। इस व्यवस्था ने ईमानदारी से व्यापार-कारोबार करने वालों को, रोज़गार देने वालों को और देश की युवा शक्ति की आकांक्षाओं को प्रोत्साहित करने के बजाय कुचलने का काम किया। साथियों, जहां Complexity होती है, वहां Compliance भी मुश्किल होता है। कम से कम कानून हो, जो कानून हो वो बहुत स्पष्ट हो तो टैक्सपेयर भी खुश रहता है और देश भी। बीते कुछ समय से यही काम किया जा रहा है। अब जैसे, दर्जनों taxes की जगह GST आ गया। रिटर्न से लेकर रिफंड की व्यवस्था को पूरी तरह से ऑनलाइन किया गया। जो नया स्लैब सिस्टम आया है, उससे बेवजह के कागज़ों और दस्तावेज़ों को जुटाने की मजबूरी से मुक्ति मिल गई है। यही नहीं, पहले 10 लाख रुपए से ऊपर के विवादों को लेकर सरकार हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट पहुंच जाती थी। अब हाईकोर्ट में 1 करोड़ रुपए तक के और सुप्रीम कोर्ट में 2 करोड़ रुपए तक के केस की सीमा तय की गई है। विवाद से विश्वास जैसी योजना से कोशिश ये है कि ज्यादातर मामले कोर्ट से बाहर ही सुलझ जाएं। इसी का नतीजा है कि बहुत कम समय में ही करीब 3 लाख मामलों को सुलझाया जा चुका है। साथियों,ढ़ता है।प्रधानमंत्री मोदी 'ट्रांसपैरेंट टैक्सेशन: ऑनरिंग द ऑनेस्ट' प्लेटफॉर्म की शुरुआत की
August 13th, 10:27 am
प्रधानमंत्री मोदी 'ट्रांसपैरेंट टैक्सेशन: ऑनरिंग द ऑनेस्ट' प्लेटफॉर्म की शुरुआत की। पीएम मोदी ने कहा कि आज से शुरू हो रहीं नई व्यवस्थाएं, नई सुविधाएं, मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को और मजबूत करती हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश का ईमानदार टैक्सपेयर राष्ट्रनिर्माण में बहुत बड़ी भूमिका निभाता है। जब देश के ईमानदार टैक्सपेयर का जीवन आसान बनता है, वो आगे बढ़ता है, तो देश का भी विकास होता है, देश भी आगे बमैं सभी टैक्सपेयर्स को इसके लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं और इन्कम टैक्स विभाग के सभी अधिकारियों, कर्मचारियों को भी बहुत-बहुत शुभकामनाएं। साथियों, बीते 6 वर्षों में हमारा फोकस रहा है, Banking the Unbanked Securing the Unsecured और, Funding the Unfunded. आज एक तरह से एक नई यात्रा शुरू हो रही है। Honoring the Honest- ईमानदार का सम्मान। देश का ईमानदार टैक्सपेयर राष्ट्रनिर्माण में बहुत बड़ी भूमिका निभाता है। जब देश के ईमानदार टैक्सपेयर का जीवन आसान बनता है, वो आगे बढ़ता है, तो देश का भी विकास होता है, देश भी आगे बढ़ता है। साथियों, आज से शुरू हो रहीं नई व्यवस्थाएं, नई सुविधाएं, Minimum Government, Maximum Governance के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को और मजबूत करती हैं। ये देशवासियों के जीवन से सरकार को, सरकार के दखल को कम करने की दिशा में भी एक बड़ा कदम है। साथियों, आज हर नियम-कानून को, हर पॉलिसी को Process और Power Centric अप्रोच से बाहर निकालकर उसको People Centric और Public Friendly बनाने पर बल दिया जा रहा है। ये नए भारत के नए गवर्नेंस मॉडल का प्रयोग है और इसके सुखद परिणाम भी देश को मिल रहे हैं। आज हर किसी को ये एहसास हुआ है कि शॉर्ट-कट्स ठीक नहीं है, गलत तौर-तरीके अपनाना सही नहीं है।वो दौर अब पीछे चला गया है। अब देश में माहौल बनता जा रहा है कि कर्तव्य भाव को सर्वोपरि रखते हुए ही सारे काम करें। सवाल ये कि बदलाव आखिर कैसे आ रहा है? क्या ये सिर्फ सख्ती से आया है? क्या ये सिर्फ सज़ा देने से आया है? नहीं, बिल्कुल नहीं। इसके चार बड़े कारण हैं। पहला, पॉलिसी ड्रिवेन गवर्नेंस। जब पॉलिसी स्पष्ट होती है तो Grey Areas Minimum हो जाते हैं और इस कारण व्यापार में, बिजनेस में डिस्क्रीशन की गुंजाशन कम हो जाती है। दूसरा- सामान्य जन की ईमानदारी पर विश्वास। तीसरा, सरकारी सिस्टम में ह्यूमेन इंटरफेस को सीमित करके टेक्नॉलॉजी का बड़े स्तर पर उपयोग। आज सरकारी खरीद हो, सरकारी टेंडर हो या सरकारी सेवाओं की डिलिवरी, सब जगह Technological Interface सर्विस दे रहे हैं। और चौथा, हमारी जो सरकारी मशीनरी है, जो ब्यूरोक्रेसी है, उसमें efficiency, Integrity और Sensitivity के गुणों को Reward किया जा रहा है, पुरस्कृत किया जा रहा है। साथियों, एक दौर था जब हमारे यहां Reforms की बहुत बातें होती थीं। कभी मजबूरी में कुछ फैसले ले लिए जाते थे, कभी दबाव में कुछ फैसले हो जाते थे, तो उन्हें Reform कह दिया जाता था। इस कारण इच्छित परिणाम नहीं मिलते थे। अब ये सोच और अप्रोच, दोनों बदल गई है। हमारे लिए Reform का मतलब है, Reform नीति आधारित हो, टुकड़ों में नहीं हो, Holistic हो और एक Reform, दूसरे Reform का आधार बने, नए Reform का मार्ग बनाए। और ऐसा भी नहीं है कि एक बार Reform करके रुक गए। ये निरंतर, सतत चलने वाली प्रक्रिया है। बीते कुछ वर्षो में देश में डेढ़ हजार ज्यादा कानूनों को समाप्त किया गया है। Ease of Doing Business की रैंकिंग में भारत आज से कुछ साल पहले 134वें नंबर पर था। आज भारत की रैंकिंग 63 है। रैंकिंग में इतने बड़े बदलाव के पीछे अनेकों Reforms हैं, अनेकों नियमों-कानूनों में बड़े परिवर्तन हैं। Reforms के प्रति भारत की इसी प्रतिबद्धता को देखकर, विदेशी निवेशकों का विश्वास भी भारत पर लगातार बढ़ रहा है। कोरोना के इस संकट के समय भी भारत में रिकॉर्ड FDI का आना, इसी का उदाहरण है। साथियों, भारत के टैक्स सिस्टम में Fundamental और Structural Reforms की ज़रूरत इसलिए थी क्योंकि हमारा आज का ये सिस्टम गुलामी के कालखंड में बना और फिर धीरे धीरे Evolve हुआ। आज़ादी के बाद इसमें यहां वहां थोड़े बहुत परिवर्तन किए गए, लेकिन Largely सिस्टम का Character वही रहा। परिणाम ये हुआ कि जो टैक्सपेयर राष्ट्र निर्माण का एक मज़बूत पिलर है, जो देश को गरीबी से बाहर निकालने के लिए योगदान दे रहा है, उसको कठघरे में खड़ा किया जाने लगा। इन्कम टैक्स का नोटिस फरमान की तरह बन गया। देश के साथ छल करने वाले कुछ मुट्ठीभर लोगों की पहचान के लिए बहुत से लोगों को अनावश्यक परेशानी से गुज़रना पड़ा। कहां तो टैक्स देने वालों की संख्या में गर्व के साथ विस्तार होना चाहिए था और कहां गठजोड़ की, सांठगांठ की व्यवस्था बन गई। इस विसंगति के बीच ब्लैक और व्हाइट का उद्योग भी फलता-फूलता गया। इस व्यवस्था ने ईमानदारी से व्यापार-कारोबार करने वालों को, रोज़गार देने वालों को और देश की युवा शक्ति की आकांक्षाओं को प्रोत्साहित करने के बजाय कुचलने का काम किया। साथियों, जहां Complexity होती है, वहां Compliance भी मुश्किल होता है। कम से कम कानून हो, जो कानून हो वो बहुत स्पष्ट हो तो टैक्सपेयर भी खुश रहता है और देश भी। बीते कुछ समय से यही काम किया जा रहा है। अब जैसे, दर्जनों taxes की जगह GST आ गया। रिटर्न से लेकर रिफंड की व्यवस्था को पूरी तरह से ऑनलाइन किया गया। जो नया स्लैब सिस्टम आया है, उससे बेवजह के कागज़ों और दस्तावेज़ों को जुटाने की मजबूरी से मुक्ति मिल गई है। यही नहीं, पहले 10 लाख रुपए से ऊपर के विवादों को लेकर सरकार हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट पहुंच जाती थी। अब हाईकोर्ट में 1 करोड़ रुपए तक के और सुप्रीम कोर्ट में 2 करोड़ रुपए तक के केस की सीमा तय की गई है। विवाद से विश्वास जैसी योजना से कोशिश ये है कि ज्यादातर मामले कोर्ट से बाहर ही सुलझ जाएं। इसी का नतीजा है कि बहुत कम समय में ही करीब 3 लाख मामलों को सुलझाया जा चुका है। साथियों,ढ़ता है।Prime Minister reviews “Project Arth Ganga” : Correcting imbalances; connecting people
May 15th, 08:43 pm
Prime Minister Shri Narendra Modi today reviewed the plans being envisaged for implementing “Project Arth Ganga”.