CETA भारत और यूके के बीच shared progress, shared prosperity और shared peoples का रोडमैप है: भारत-यूके सीईओ फोरम में पीएम मोदी
October 09th, 04:41 pm
भारत-यूके सीईओ फोरम में अपने संबोधन में, पीएम मोदी ने कहा कि यह फोरम, भारत-यूके स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप का एक अहम पिलर बनकर उभरा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि CETA केवल एक ट्रेड समझौता नहीं है बल्कि दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच shared progress, shared prosperity और shared peoples का रोडमैप है। उन्होंने भारत-यूके पार्टनरशिप में नई ऊर्जा का संचार करने के लिए Vision 2035 की घोषणा की।ईस्ट एशिया समिट भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी का प्रमुख स्तंभ: वियनतियाने में पीएम मोदी
October 11th, 08:15 am
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लाओ पीडीआर के वियनतियाने में 19वें ईस्ट एशिया समिट में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि भारत ने हमेशा आसियान की एकता और केंद्रीयता का समर्थन किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हमारा दृष्टिकोण विकास पर केन्द्रित होना चाहिए न कि विस्तारवाद पर। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने ईस्ट एशिया समिट को भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी का एक प्रमुख स्तंभ बताया।प्रधानमंत्री 19वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में शामिल हुए
October 11th, 08:10 am
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लाओ पीडीआर के वियनतियाने में 19वें ईस्ट एशिया समिट में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि भारत ने हमेशा आसियान की एकता और केंद्रीयता का समर्थन किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हमारा दृष्टिकोण विकास पर केन्द्रित होना चाहिए न कि विस्तारवाद पर। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने ईस्ट एशिया समिट को भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी का एक प्रमुख स्तंभ बताया।21वीं सदी भारत और आसियान देशों की सदी है: आसियान-इंडिया समिट में पीएम मोदी
October 10th, 02:35 pm
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लाओ पीडीआर के वियनतियाने में 21वें आसियान-इंडिया समिट में भाग लिया। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने आसियान एकता, आसियान केंद्रीयता और हिंद-प्रशांत पर आसियान दृष्टिकोण के लिए भारत के समर्थन को दोहराया। पीएम ने 21वीं सदी को एशियाई सदी बताया और एशिया के भविष्य को दिशा देने में भारत-आसियान संबंधों के महत्व पर प्रकाश डाला।प्रधानमंत्री ने लाओ पीडीआर में आसियान-इंडिया समिट में भाग लिया
October 10th, 02:30 pm
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लाओ पीडीआर के वियनतियाने में 21वें आसियान-इंडिया समिट में भाग लिया। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने आसियान एकता, आसियान केंद्रीयता और हिंद-प्रशांत पर आसियान दृष्टिकोण के लिए भारत के समर्थन को दोहराया। पीएम ने 21वीं सदी को एशियाई सदी बताया और एशिया के भविष्य को दिशा देने में भारत-आसियान संबंधों के महत्व पर प्रकाश डाला।