भारत और इंडोनेशिया जितने इतिहास से जुड़े हैं, उतना ही हमारा साझा भविष्य भी है: पीएम मोदी

July 07th, 11:47 pm

जकार्ता में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उनका गर्मजोशी से स्वागत करने के लिए प्रवासी भारतीयों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने इंडोनेशिया के विकास में भारतीय समुदाय के योगदान की सराहना की और उन्हें भारत तथा इंडोनेशिया के बीच जीवंत सेतु बताया। प्रधानमंत्री ने भारत में तेजी से हो रहे बदलावों का उल्लेख करते हुए भारतीय समुदाय से विकसित भारत 2047 और इंडोनेशिया एमास 2045 के साझा लक्ष्यों को पूरा करने में अपना योगदान देने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री ने जकार्ता में भारतीय प्रवासी समुदाय को संबोधित किया

July 07th, 05:30 pm

जकार्ता में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उनका गर्मजोशी से स्वागत करने के लिए प्रवासी भारतीयों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने इंडोनेशिया के विकास में भारतीय समुदाय के योगदान की सराहना की और उन्हें भारत तथा इंडोनेशिया के बीच जीवंत सेतु बताया। प्रधानमंत्री ने भारत में तेजी से हो रहे बदलावों का उल्लेख करते हुए भारतीय समुदाय से विकसित भारत 2047 और इंडोनेशिया एमास 2045 के साझा लक्ष्यों को पूरा करने में अपना योगदान देने का आह्वान किया।

हमारे लोकतांत्रिक मूल्य और साझा आकांक्षाएँ भारत-इंडोनेशिया संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाएँगे: पीएम मोदी

July 07th, 03:15 pm

जकार्ता में इंडोनेशिया की संसद को संबोधित करते हुए, पीएम नरेन्द्र मोदी ने भारत और इंडोनेशिया के बीच गहरे सांस्कृतिक और लोकतांत्रिक संबंधों का उल्लेख किया। उन्होंने दोनों देशों की समुद्री साझेदारी को और मजबूत बनाने पर जोर देते हुए 'गंगा-महाकम विजन' का प्रस्ताव रखा। प्रधानमंत्री ने विकास, सुरक्षा तथा 'ग्लोबल साउथ' से जुड़े मुद्दों पर आपसी सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया। साथ ही, उन्होंने एक स्वतंत्र, खुले, समावेशी और नियम-आधारित इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

प्रधानमंत्री ने इंडोनेशिया की संसद को किया संबोधित

July 07th, 03:00 pm

जकार्ता में इंडोनेशिया की संसद को संबोधित करते हुए, पीएम नरेन्द्र मोदी ने भारत और इंडोनेशिया के बीच गहरे सांस्कृतिक और लोकतांत्रिक संबंधों का उल्लेख किया। उन्होंने दोनों देशों की समुद्री साझेदारी को और मजबूत बनाने पर जोर देते हुए 'गंगा-महाकम विजन' का प्रस्ताव रखा। प्रधानमंत्री ने विकास, सुरक्षा तथा 'ग्लोबल साउथ' से जुड़े मुद्दों पर आपसी सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया। साथ ही, उन्होंने एक स्वतंत्र, खुले, समावेशी और नियम-आधारित इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।