भारत–ईयू संबंधों में एक नए युग का शंखनाद: भारत–ईयू बिजनेस फोरम में पीएम मोदी

January 27th, 04:32 pm

भारत–ईयू बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि मार्केट इकोनॉमिक्स होने के नाते, भारत और ईयू साझा मूल्यों, वैश्विक स्थिरता के लिए साझा प्राथमिकताओं और ओपन सोसाइटीज के रूप में अपने लोगों के बीच स्वाभाविक संबंधों को साझा करते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह साझेदारी नई ऊंचाइयों को छू रही है और दुनिया की सबसे प्रभावशाली साझेदारियों में से एक के रूप में उभर रही है, जिसमें पिछले 10 वर्षों में हमारा व्यापार दोगुना होकर 180 बिलियन यूरो तक पहुंच गया है।

पीएम मोदी ने नई दिल्ली में भारत–ईयू बिजनेस फोरम को संबोधित किया

January 27th, 04:30 pm

भारत–ईयू बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि मार्केट इकोनॉमिक्स होने के नाते, भारत और ईयू साझा मूल्यों, वैश्विक स्थिरता के लिए साझा प्राथमिकताओं और ओपन सोसाइटीज के रूप में अपने लोगों के बीच स्वाभाविक संबंधों को साझा करते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह साझेदारी नई ऊंचाइयों को छू रही है और दुनिया की सबसे प्रभावशाली साझेदारियों में से एक के रूप में उभर रही है, जिसमें पिछले 10 वर्षों में हमारा व्यापार दोगुना होकर 180 बिलियन यूरो तक पहुंच गया है।

हमें 21वीं सदी की जरूरतों के हिसाब से कृषि को विकसित करने की जरूरत: प्रधानमंत्री मोदी

May 26th, 02:31 pm

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम के गोगामुख में भारतीय कृषि अनुसंधान संस्‍थान का शिलान्यास किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस संस्थान से भविष्य में पूर्वोत्तर में कई सकारात्मक बदलाव आएंगे। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी की जरूरतों के हिसाब से कृषि को विकसित करने की जरूरत है। पीएम मोदी ने कहा कि किसानों को बदलती तकनीकों का लाभ मिलना चाहिए।

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने असम के गौमुख में भारतीय कृषि अनुसंधान संस्‍थान का शिलान्यास किया, जनसभा को संबोधित किया

May 26th, 02:30 pm

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने असम में भारतीय कृषि अनुसंधान संस्‍थान का शिलान्यास किया। उन्‍होंने कहा कि 21वीं सदी की जरूरतों के साथ-साथ आज कृषि को विकसित करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि किसानों को बदलती तकनीकों का लाभ मिलना चाहिए। प्रधानमंत्री ने ‘पंचतत्त्व’ के बारे में बात करते हुए कहा कि पूर्वोत्तर में कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए पांच तत्व है: रेलवे, राजमार्ग, हवाईमार्ग, जलमार्ग और आई-वे।