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भारत के युवा केवल बेहतर शहर नहीं चाहते हैं, वे सबसे अच्छे शहर चाहते हैं। हम विश्व स्तरीय शहरी केंद्रों के निर्माण की सुविधा प्रदान कर रहे हैं जो 'ईज ऑफ लिविंग' को बढ़ाएंगे और देश के परिवर्तन में योगदान करेंगे- प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री मोदी के अनुसार मोबिलिटी का भविष्य 7 C यानी कॉमन, कनेक्टेड, कन्वीनेंट, कंजेशन-फ्री, चार्ज, क्लीन एंड कटिंग-एज पर आधारित है।

सिर पर एक छत है हर एक व्यक्ति की इच्छा होती है। एक बेहतर घर एक बेहतर जीवन सुनिश्चित करता है- अधिक सहजता का जीवन। गरीब और मध्यम वर्ग के लिए किफायती आवास की मांग बढ़ रही है। इस आकांक्षा को पूरा करने के लिए किफायती आवास प्रदान करने और बिल्डरों द्वारा शोषण किए गए उपभोक्ताओं की चिंताओं को दूर करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सरकार ने कई सुधार किए:

सरकार ने रियल एस्टेट (रेगुलेशन एंड डेवलमेंट) एक्ट की शुरुआत कर होम बायर्स के हितों की रक्षा की। इसमें कई प्रो-कंज्यूमर फीचर्स हैं जैसे बिल्डरों के लिए मैनडेट के तौर पर प्रोजेक्ट के लिए अलग एस्क्रो अकाउंट्स, प्रोजेक्ट में बदलाव के लिए कठोर सर्वसम्मति की जरूरतें और डिलीवरी में देरी के खिलाफ कार्रवाई।

प्रधानमंत्री आवास योजना के शुभारंभ के साथ मध्यम वर्ग और समाज के सबसे गरीब वर्गों को किफायती आवास उपलब्ध कराना, 2022 तक सभी के लिए आवास सुनिश्चित करने की दिशा में एक सही दिशा में एक कदम है। अब तक 1.5 करोड़ से अधिक घरों का निर्माण किया गया है।

हालांकि, स्वच्छता के बिना आवास अधूरा होगा। कई शहरों और ग्रामीण इलाकों में खुले में शौच जाना प्रचलित था। इसने न केवल महिलाओं की गरिमा को कम किया बल्कि उचित स्वच्छता और सार्वजनिक स्वास्थ्य पर भी गंभीर प्रभाव डाला। स्वच्छ भारत मिशन के साथ, पिछले पांच वर्षों में लगभग 10 करोड़ घरेलू शौचालय बनाए गए हैं। स्वच्छ भारत मिशन के कारण भारत में कुल स्वच्छता कवरेज बढ़कर 98.53% हो गया है, जबकि 2014 तक स्वच्छता कवरेज 38.7% ही था। इसने महिलाओं के जीवन की गुणवत्ता में सुधार किया है और साथ ही उनके लिए गरिमा का जीवन सुनिश्चित किया है।

परिवहन एक अर्थव्यवस्था की धमनियों के रूप में कार्य करता है। ग्रीन ट्रांसपोर्ट का मतलब प्रदूषण को कम करना और शहरी स्थानों पर भीड़भाड़ मुक्त करने के साथ आजीविका के अवसरों की आसान पहुँच प्रदान करना है। दिल्ली और एनसीआर, बैंगलोर, हैदराबाद, कोलकाता, चेन्नई, जयपुर, कोच्चि, लखनऊ, मुंबई और गुरुग्राम जैसे 10 शहरों में 536 किलोमीटर की मेट्रो रेल लाइन परिचालन से शहर में नागरिकों के लिए जीवन यापन में आसानी हुई है। यह मोदी सरकार के लंबे समय के प्रयासों का परिणाम है। इसके अलावा सरकार के स्मार्ट सिटीज मिशन और अमृत जैसे कार्यक्रमों का उद्देश्य स्थिरता और ग्रीन टेक्नोलॉजी पर जोर देने के साथ इंफ्रास्ट्रक्चर चिंताओं को दूर करना है।

सरकार के प्रयास केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं हैं।

उदाहरण के लिए ग्रामीण सड़कें पहले की तुलना में लगभग दोगुनी गति से बनाई गई हैं। 2013-14 में ग्रामीण सड़कों को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 69 किमी प्रति दिन बनाया जा रहा था, जबकि 2017-18 में इसे 134 किमी प्रति दिन बनाया जा रहा था। 2018 के अंत तक ग्रामीण सड़क कनेक्टिविटी 91% तक पहुंच गई थी, जबकि 2014 में यह 56% थी।

नॉर्थ ईस्ट इंडिया के दूरदराज के क्षेत्रों में भी महत्व दिया गया है। नॉर्थ ईस्ट के कई राज्यों को आखिरकार मोदी सरकार द्वारा आजादी के दशकों बाद भारत के रेल मैप पर लाया गया है। सिक्किम को आखिरकार भारत के एविएशन मैप पर रखा गया है। भारत के सबसे लंबे रेलमार्ग जैसे बोगीबील पुल, जो दशकों की देरी के बाद पूरा हुआ था, के निर्माण से सुविधाजनक परिवहन के सभी मौसम की उपलब्धता के माध्यम से पूर्वोत्तर में कनेक्टिविटी में सुधार किया गया है।

सरकार के इन सभी इंफ्रास्ट्रक्चरल पहल और प्रयासों ने देशभर के नागरिकों के जीवन को आसान बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

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प्रधानमंत्री मोदी ने नॉर्थ ईस्ट के रंगों को संवारा
March 22, 2019
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प्रचुर प्राकृतिक उपलब्धता, विविध संस्कृति और उद्यमी लोगों से भरा नॉर्थ ईस्ट संभावनाओं से भरपूर है। इस क्षेत्र की क्षमता की पहचान करते हुए मोदी सरकार सेवन सिस्टर्स राज्यों के विकास में एक नया जोश भर रही है।

" टिरनी (Tyranny) ऑफ डिस्टेंस" का हवाला देते हुए इसके आइसोलेशन का कारण बताते हुए इसके विकास को पीछे धकेल दिया गया था। हालांकि अतीत को पूरी तरह छोड़ते हुए मोदी सरकार ने न केवल क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित किया है, बल्कि वास्तव में इसे एक प्राथमिकता वाला क्षेत्र बना दिया है।

नॉर्थ ईस्ट की समृद्ध सांस्कृतिक राजधानी को प्रधानमंत्री मोदी द्वारा फोकस में लाया गया है। जिस तरह से उन्होंने क्षेत्र की अपनी यात्राओं के दौरान अलग-अलग हेडगेअर्स पहना, उससे यह सुनिश्चित होता है कि क्षेत्र के सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के नॉर्थ ईस्ट की अपनी यात्रा के दौरान यहां कुछ अलग-अलग हेडगेयर्स पहने!