गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान, श्री नरेन्द्र मोदी, जो अब भारत के प्रधानमंत्री हैं, ने अहमदाबाद मेट्रो के निर्माण के दौरान प्रतिष्ठित साबरमती आश्रम की पवित्रता की संरक्षा के लिए गहरे समर्पण का प्रदर्शन किया।

भारत के ‘मेट्रो मैन’ के नाम से मशहूर पद्मश्री ई. श्रीधरन ने पीएम मोदी के दृढ़ संकल्प को याद करते हुए इस बात पर जोर दिया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री ने साबरमती आश्रम के ऐतिहासिक महत्व को पहचाना और इस दिशा में पहलकदमी की। वह सक्रिय रूप से योजना प्रक्रिया में शामिल रहे और यह सुनिश्चित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी कि मेट्रो स्टेशन के निर्माण से पवित्र आश्रम और उसके आगंतुकों की शांति में कोई बाधा न पड़े।

आश्रम के महत्व को स्वीकार करने के अलावा, उन्होंने सक्रिय रूप से मेट्रो की मूल योजना में बदलाव की मांग की। इस बदलाव का उद्देश्य मेट्रो स्टेशन के निर्माण से आश्रम के आसपास होने वाली किसी भी संभावित अव्यवस्था या व्यवधान को कम करना था। मॉडर्न इंफ्रास्ट्रक्चर और ऐतिहासिक स्थलों के बीच सामंजस्यपूर्ण तालमेल स्थापित करने में पीएम मोदी की दूरदर्शिता और फोकस ने उनकी प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।

पीएम मोदी के विचारों का विश्लेषण, शहरी विकास के उनके विजन को दर्शाता है, जो प्रगति और विरासत संरक्षण के बीच संतुलन बनाने पर जोर देता है। यह नेतृत्व का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जो दर्शाता है कि एक नेता की सक्रिय भागीदारी किसी क्षेत्र की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करते हुए, विकास सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

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भारत के खेलों में बदलाव के लिए प्रधानमंत्री मोदी का प्रयास
May 09, 2024

भारत के खेल बजट में रिकॉर्ड वृद्धि, खेलो इंडिया गेम्स और टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम सहित तमाम इनिशिएटिव; भारत में खेल परिदृश्य पर मोदी सरकार के जोर को दर्शाते हैं। भारत में ‘युवा ओलंपिक’ और ‘ओलंपिक 2036’ की मेजबानी के लिए पीएम मोदी का प्रयास, पिछले दशक में भारत के खेलों के लिए अग्रणी बदलाव और विजन को दर्शाता है।

एथलीट अंजू बॉबी जॉर्ज ने खेलों के लिए प्रधानमंत्री मोदी के अभूतपूर्व समर्थन की सराहना की और बताया कि कैसे पीएम मोदी ने उनसे मुलाकात की और भारत में खेलों से जुड़े विषयों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने इस क्षेत्र के विभिन्न मुद्दों के बारे में गहराई से जानकारी ली और भारत के खेलों में बदलाव के लिए मिशन मोड पर इन मुद्दों को हल करने पर बल दिया।

मुद्दों को सुलझाने के इरादे के साथ-साथ, पीएम मोदी हमेशा विभिन्न एथलीटों के संपर्क में रहे और भारत में खेलों को देखने के तरीके में एक व्यवस्थित बदलाव लाने की कोशिश की। इसके अलावा, भारत के खेलों में बदलाव; देश में बेहतर खेल इंफ्रास्ट्रक्चर का भी परिणाम था।

उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी खेलों में वाकई दिलचस्पी रखते हैं। वह हर एथलीट को जानते हैं...उनके प्रदर्शन को जानते हैं। किसी भी बड़ी चैंपियनशिप से पहले, वह उन्हें व्यक्तिगत रूप से बुलाते हैं और उनसे बातचीत करते हैं...शानदार विदाई समारोह का आयोजन करते हैं और वापसी पर जीत को सेलिब्रेट भी करते हैं।"

उन्होंने कहा कि प्रत्येक एथलीट खुश है क्योंकि प्रधानमंत्री खुद उनके करियर, बेहतरी और परफॉरमेंस में गहरी दिलचस्पी ले रहे हैं।