Share
 
Comments
Today Madhya Pradesh is touching skies of development and strengthening India's economy: PM Modi
Every state has something to learn from Madhya Pradesh: PM Narendra Modi
The 'Hawalabaaz' are now worried about tough decisions being taken by Govt s against black money: PM
PM Modi urges other parties to support Govt decisions in national interest
Govt at Centre is dedicated to serve the nation, dedicated to development of the nation: PM
Mudra Bank, Jan Dhan Yojana, DBT transforming lives of the poor, says PM Modi
PM Modi urges BJP Karyakartas to organise nationwide Swachhta Abhiyan from Sept 25-Oct 2

मध्यप्रदेश के यशस्वी एवं लोकप्रिय मुख्यमंत्री एवं मेरे मित्र श्रीमान शिवराज जी, मध्यप्रदेश भाजपा के अध्यक्ष श्रीमान नंद कुमार सिंह जी, पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. विनय जी, संगठन महासचिव श्रीमान मेनन जी और विशाल संख्या में पधारे हुए प्यारे कार्यकर्ता भाईयों और बहनों

प्रधानमंत्री बनने के बाद मध्यप्रदेश में तो आना हुआ है और हर बार मध्यप्रदेश ने लाजवाब स्वागत-सम्मान भी किया है लेकिन आज राधधानी में आने का मुझे पहली बार अवसर मिला है और मैं देख रहा हूँ कि आपका पंडाल छोटा पड़ गया है। जितने लोग आये हैं, उससे ज्यादा बाहर हैं; जो बाहर हैं, न मैं उनको देख पा रहा हूँ और न वो मुझे देख पा रहे हैं लेकिन मैं उनके प्यार को अनुभव कर रहा हूँ। मैं आप सब का और मध्यप्रदेश की जनता का बहुत आभारी हूँ क्योंकि पिछले चुनाव में जो भारी समर्थन मध्यप्रदेश ने दिया और पूरे हिंदुस्तान में देखा जाए तो संगठन की दृष्टि से हर प्रदेश मध्यप्रदेश से कुछ-न-कुछ सीखने का प्रयास करता रहा है।

मैं जब गुजरात में भाजपा से नया-नया आया था और संगठन के कार्य की जिम्मेवारी मुझे मिली थी तो हर बार हम आदरणीय कुशाबाबू ठाकरे को याद करते थे। मध्यप्रदेश में कुशाबाबू ठाकरे ने काम कैसे किया... एक-एक कार्यकर्ता को कैसे उन्होंने सजाया, सवांरा; ये सारी चीजें हम सुनते थे और सीखते थे। मध्यप्रदेश आज जो कुछ भी है, कुशाबाबू ठाकरे, राजमाता विजयराजे सिंधिया जैसे अनेक-अनेक कार्यकर्ताओं ने दो-दो, तीन-तीन पीढ़ी इसमें खपा दी है और तब जाकर के वटवृक्ष तैयार हुआ है। ये सच्चे कार्यकर्ताओं की पार्टी है। मध्यप्रदेश का नेतृत्व भी कार्यकर्ता की परंपरा से पनपा हुआ नेतृत्व है, उस कसौटी से निकला हुआ नेतृत्व है और यही हमारी सबसे बड़ी अमानत और पूँजी है। इसलिए मैं मध्यप्रदेश के भाजपा संगठन और उसके कार्यकर्ताओं को एवं कुशाबाबू ठाकरे से लेकर के जो महान परंपरा और विरासत चली है, उन सब का गौरवगान और अभिनन्दन करता हूँ।

राजनीतिक दल की कसौटी चुनाव की जीत और हार के साथ जुड़ जाती है और यह स्वाभाविक भी है क्योंकि लोकतंत्र का यह एक मानदंड माना जाता है। मुझे ख़ुशी है कि मध्यप्रदेश की जनता का भाजपा के प्रति दिन-रात विश्वास बढ़ता ही चला जा रहा है और लगातार एक के बाद एक चुनाव जीतते चले जा रहे हैं। मैं इस विश्वास के लिए मध्यप्रदेश की जनता को नमन करता हूँ। आपने हम पर जो भरोसा रखा है, चाहे हम पंचायत में हों या संसद में, हम जनता-जनार्दन के विश्वास को पूरा करने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। हम परिश्रम की पराकाष्ठा करेंगे और देश को नई उंचाईयों तक ले जाने का निरंतर प्रयास करते रहेंगे।

भाईयों-बहनों, लोकतंत्र में जय और पराजय एक सहज बात होती है। कभी भाजपा सिर्फ दो सांसदों की पार्टी थी। अटल जी समेत सब लोग चुनाव हार गए थे और तब के प्रधानमंत्री श्रीमान राजीव गाँधी संसद के अंदर भाजपा का मजाक उड़ाते थे – ‘दो या तीन बस’। उनका ये मजाक उड़ाना हमें सुनना पड़ता था। एक जमाना था जो दल 400 से भी अधिक सीट लेकर के बैठा था, वो दल अब 40 पर सिमट गया है। हमें 1984 में जो पराजय मिली, हमने उससे सीखने का प्रयास किया; हमने अपनी गलतियों पर अध्ययन किया; हमारी दिशा सही थी कि नहीं थी, उसपर मंथन किया; ऊपर से नीचे तक सबने किया; जनता और पत्रकारों से भी पूछा; साल भर मंथन किया कि इतनी घोर पराजय कैसे हुई। वैसे उस चुनाव को हमारे देश में श्रीमती इंदिरा गाँधी की श्रद्धांजलि के रूप में देखा गया था। लेकिन इसके बावजूद हमने औरों को दोष नहीं दिया; औरों की आलोचना नहीं की। हमने खुद के भीतर झांक करके अपनी कमियों को दूर करने का प्रयास किया और आज स्थिति ऐसी है कि 30 साल के बाद देश की जनता ने पूर्ण बहुमत वाली सरकार बनाई।

लोकतंत्र में हर राजनीतिक दल का यह कर्त्तव्य होता है कि अगर जय मिला है तो जनता-जनार्दन के जय के लिए खप जाना होगा और अगर पराजय मिली है तो आत्ममंथन करके लोकतंत्र के लिए अपने आपको अधिक सुदृढ़ कैसे किया जाए, इसका प्रयास करना होगा। लेकिन आज मुझे देश की जनता के सामने कहना पड़ रहा है कि संसद का सत्र... जिसका सत्रावसान हमने नहीं किया था और इस आशा में नहीं किया था कि विपक्षी पार्टियाँ देश की आशा और आकांक्षाओं को समझेगी; जनता-जनार्दन ने जो निर्णय किया है, उसे सर-आँखों पर चढाएगी; अगर जनता ने पराजित किया है और पांच साल तक जिसको विजय मिला है, उसका आदर और सत्कार करेगी। बाद में हम आशा करते थे कि कुछ दिन बाद माहौल शांत होगा और संसद चल पड़ेगी; देश के सामान्य लोगों के काम आने वाले जो महत्वपूर्ण निर्णय अटके पड़े हैं, वो निर्णय हो जाएंगे।

पिछले दिनों मंत्रिपरिषद के वरिष्ठ मंत्री लगातार विरोधी दलों के साथ बात करते रहे। करीब-करीब सभी दल इस बात पर सहमत हुए कि संसद भी चलनी चाहिए, निर्णय भी आगे बढ़ने चाहिए लेकिन एक है कि जो मानता नहीं। मैं समझ नहीं पा रहा कि क्या लोकतंत्र के साथ हमारे अहंकार का टकराव रहेगा क्या। जिनका पराजय हुआ है और जिन्हें जनता ने नकार दिया है, उनको मैं सार्वजनिक रूप से आग्रह करता हूँ कि हम लोकतंत्र के गौरव के लिए... जब विश्व आर्थिक संकट में फंसा पड़ा है तो हिंदुस्तान अकेला इस स्थिति में आज भी स्थिर बना हुआ है। भारत को आगे बढ़ने का एक अभूतपूर्व अवसर मिला है, इस अवसर को हाथ से जाने न देना चाहिए। आईये, संसद में निर्णयों को आगे बढ़ने में सहयोग करें लेकिन हमारी बात नहीं मानी जा रही है। आखिकार बड़े भारी और दुखी मन से हमें कल संसद के सत्रावसान की दिशा में आगे बढ़ना पड़ा। हम आशा करते थे कि हो सकता है, हम फिर से संसद बुला पाएंगे, कुछ निर्णय कर पाएंगे लेकिन उन्होंने होने नहीं दिया। मैं उनकी परेशानी जानता हूँ।

संसद में एक के बाद एक जो निर्णय हुए हैं और उसमें भी काले धन के खिलाफ जो कठोर कानून बनाया है, उसके कारण जो ‘हवालाबाज’ है, वो परेशान है। हवालाबाज लोगों को पैरों के नीचे धरती खिसकती नज़र आ रही है और इसलिए ये हवालाबाजों की जमात लोकतंत्र में रूकावटें पैदा करने का प्रयास कर रही है। मैं देशवासियों को विश्वास दिलाता हूँ कि हम लोकतंत्र की मर्यादा का पालन करते हुए जनता-जनार्दन की आशा-आंकाक्षाओं को पूरा करने में कोई कमी नहीं रहने देंगे। कोई रूकावट आएगी तो उसे पार करने का रास्ता खोज कर रहेंगे।

विकास के लिए हमने अनेक कदम उठाए हैं। ये सरकार ऐसी है जो जिन योजनाओं की घोषणा करती है, उन्हें लागू करने का काम भी करती है। सिर्फ कानून बदल देना, उद्घाटन के फीते काट देना, दीये जला देना; वहां पर अटकने वाली सरकार नहीं है ये, उसको घर-घर तक लागू करने का प्रयास करने वाली सरकार है। देश के सामान्य एवं गरीब से गरीब व्यक्ति का भला कैसे हो... हमने पिछले बजट में मुद्रा बैंक की बात कही थी।

हमारे देश में जो निम्न-मध्यम वर्ग के लोग हैं, गरीबी के साथ जिन्दगी गुजारने वाले लोग हैं; कोई धोबी है, कोई मोची है, कोई अखबार बेचता है, कोई दूध बेचता है, इन सब लोगों को अपने परिवार में कोई छोटा-मोटा काम पड़ जाए तो साहूकारों से कर्ज लेना पड़ता है; कारोबार चलाने के लिए या घर में कोई मेहमान आ गया तो भी 50-100 रूपये का कर्ज लेना पड़ता है और भारी ब्याज चुकाना पड़ता है। ये वो लोग हैं जो आर्थिक व्यवस्था में बहुत बड़ा योगदान देते हैं। हमने मुद्रा बैंक के द्वारा यह तय किया है कि ये जो सामान्य लोग हैं; ठेला चलाते हैं, पकोड़े बेचते हैं, छोटा-मोटा काम करते हैं, उनके लिए अलग से बैंक बनाई गई है और इन लोगों को 10,000 से 50,000 रूपये तक उन्हें ऋण दिया जाए और वे साहूकारों और ब्याजखोरों से बच जाएंगे। ये बैंक उन्हें अपने कारोबारों को बढ़ाने का ताकत देगी और इन लोगों की ताकत है – उनका कारोबार थोड़ा बढे तो और एकाध लोगों को रोजगार मिलेगा। रोजगार देने की सबसे बड़ी ताकत इन छोटे-छोटे व्यापारियों के हाथ में होती है। उनको ताकत देने का ये बड़ा काम – मुद्रा बैंक, हमने अपने हाथों में लिया है।  मुद्रा बैंक जन-धन खातों

विपक्षी दलों को लगता था कि सिर्फ बैंक के खाते खोलने से क्या होता है। क्या होता है, मैं बताता हूँ... हमारे देश में बड़े-बड़े अर्थशास्त्री कहते रहते हैं कि बहुत बड़ी चीजें होनी चाहिए; धमाका हो, ऐसी चीजें होनी चाहिए; ऐसा एक वर्ग है हमारे देश में लेकिन मेरा वो स्वभाव नहीं है। जिन चीजों को मैं करता हूँ, उसका कैसा फर्क पड़ता है... मैं बताता हूँ।

हमारे यहाँ घरों में जो गैस सिलिंडर देते हैं, हमने गैस सिलिंडर को जन-धन खातों और आधार के साथ जोड़ दिया। अब हमने किया कि ये जो गैस सिलिंडर की सब्सिडी है, वो बिचौलियों, दलालों और ठेकेदारों के पास न जाकर सीधे-सीधे जिसका गैस सिलिंडर है, उसके जन-धन खाते में जमा हो जाएगी। आपको अंदाज है कि इससे क्या हुआ? पहले जितने लोग गैस सिलिंडर की सब्सिडी लेते थे, जब वे व्यवस्था बनी तो लगभग 5 करोड़ संख्या कम हो गई, कोई लेने वाला नहीं मिला। इतने सालों से 5 करोड़ लोगों के नाम पर रूपयों के खेल खेले जाते थे। ये हवालाबाजों का खेल चलता था। अब 5 करोड़ लोग मिलते नहीं हैं जिन्हें हम देना चाहते हैं। इसके कारण सरकार की तिजोरी में 19,000 करोड़ रूपया हर वर्ष बचेगा। यह 19,000 करोड़ रूपया चोरी होता था कि नहीं होता था? भ्रष्टाचार होता था कि नहीं होता था? हवालेबाजों की जेब में जाता था कि नहीं जाता था? ये हवालेबाज लोग हमारा हिसाब मांग रहे हैं?

मेरे भाईयों-बहनों, अब भ्रष्टाचार भी देखेगा कि कोई हो-हल्ला नहीं, अख़बार की सुर्ख़ियों में कोई हेडलाइन नहीं, फिर भी काम होता चला जा रहा है। देश में जो बुराईयाँ हैं, उन बुराईयों से सरकारें मुक्त होती चली जा रही हैं। एक के बाद एक निर्णय हम करते जा रहे हैं। आने वाले दिनों में भाजपा के कार्यकर्ता... 25 सितम्बर पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जन्म जयंती है, 2 अक्टूबर पूज्य महात्मा गाँधी की जन्म जयंती है। क्या भाजपा के सभी कार्यकर्ता 25 सितम्बर से 2 अक्टूबर, पूरे सप्ताह गाँव-गाँव और गली-गली में सफ़ाई अभियान चला सकते हैं क्या। इस स्वच्छता अभियान के द्वारा पंडित दीनदयाल उपाध्याय, जिन्होंने अन्त्योदय की बात की थी; उन गरीब बस्तियों में जाकर भी स्वच्छता का सन्देश दे सकते हैं क्या। हमारे स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, रेलवे स्टेशन हों, चारों तरफ महात्मा गाँधी और दीनदयाल उपाध्याय को याद करके स्वच्छता का अभियान चला सकते हैं क्या।

मैं आपसे आग्रह करूँगा कि आईये भाजपा के मेरे भाईयों-बहनों, न सिर्फ मध्यप्रदेश में बल्कि हिंदुस्तान के और राज्यों में भी भाजपा के कार्यकर्ता ये बीड़ा उठा लें और स्वच्छता के अभियान को आगे बढ़ाएं। मैं फिर एक बार अपने स्वागत-सम्मान के लिए आपका आभारी हूँ। मध्यप्रदेश आज विकास की नई उंचाईयों पर पहुंचा है और यह प्रदेश देश के अर्थतंत्र को ताकत दे रहा है। कृषि के क्षेत्र में मध्यप्रदेश ने जो क्रांति की है, वो देश के गरीब से गरीब का पेट भरने का काम आ रहा है। मैं मध्यप्रदेश के किसानों, श्रीमान शिवराज और यहाँ की सरकार का अभिनंदन करता हूँ।             

बहुत-बहुत धन्यवाद!

Modi Govt's #7YearsOfSeva
Explore More
It is now time to leave the 'Chalta Hai' attitude & think of 'Badal Sakta Hai': PM Modi

Popular Speeches

It is now time to leave the 'Chalta Hai' attitude & think of 'Badal Sakta Hai': PM Modi
India's FY22 GDP expected to grow by 8.7%: MOFSL

Media Coverage

India's FY22 GDP expected to grow by 8.7%: MOFSL
...

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
Corona period has proved importance of skill, re-skill and up-skill: PM Modi
June 18, 2021
Share
 
Comments
One lakh youth will be trained under the initiative in 2-3 months: PM
6 customized courses launched from 111 centres in 26 states
Virus is present and possibility of mutation is there, we need to stay prepared: PM
Corona period has proved importance of skill, re-skill and up-skill: PM
The pandemic has tested the strength of every country, institution, society, family and person of the world: PM
People below 45 years of age will get the same treatment for vaccination as for people above 45 years of age from June 21st: PM
PM Lauds ASHA workers, ANM, Anganwadi and health workers deployed in the dispensaries in the villages

नमस्कार, केंद्रीय मंत्रिमंडल के मेरे सहयोगी श्रीमान महेंद्र नाथ पांडे जी, आर के सिंह जी, अन्य सभी वरिष्ठ मंत्रीगण, इस कार्यक्रम में जुड़े सभी युवा साथी, प्रोफेशनल्स, अन्य महानुभाव और भाइयों और बहनों,

कोरोना के खिलाफ महायुद्ध में आज एक महत्वपूर्ण अभियान का अगला चरण प्रारंभ हो रहा है। कोरोना की पहली वेव के दौरान देश में हजारों प्रोफेशनल्स, स्किल डवलपमेंट अभियान से जुड़े। इस प्रयास ने देश को कोरोना से मुकाबला करने की बड़ी ताकत दी। अब कोरोना की दूसरी वेव के बाद जो अनुभव मिले हैं, वो अनुभव आज के इस कार्यक्रम का प्रमुख आधार बने हैं। कोरोना की दूसरी वेव में हम लोगों ने देखा कि कोरोना वायरस का बदलना और बार-बार बदलता स्वरूप किस तरह की चुनौतियां हमारे सामने ला सकता है। ये वायरस हमारे बीच अभी भी है और जब तक ये है, इसके म्यूटेट होने की संभावना भी बनी हुई है। इसलिए हर इलाज, हर सावधानी के साथ-साथ आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए हमें देश की तैयारियों को और ज्यादा बढ़ाना होगा। इसी लक्ष्य के साथ आज देश में 1 लाख फ्रंटलाइन कोरोना वॉरियर्स तैयार करने का महाअभियान शुरु हो रहा है।

साथियों,

इस महामारी ने दुनिया के हर देश, हर संस्था, हर समाज, हर परिवार, हर इंसान के सामर्थ्य को, उनकी सीमाओं को बार-बार परखा है। वहीं, इस महामारी ने साइंस, सरकार, समाज, संस्था और व्यक्ति के रूप में भी हमें अपनी क्षमताओं का विस्तार करने के लिए सतर्क भी किया है। पीपीई किट्स और टेस्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर कोविड केयर और ट्रीटमेंट से जुड़े मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर का जो बड़ा नेटवर्क आज भारत में बना है, वो काम अब भी चल रहा है और वो इसी का परिणाम है। आज देश के दूर-सुदूर में अस्पतालों तक भी वेंटिलेटर्स, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर्स पहुंचाने का भी तेज गति से प्रयास किया जा रहा है। डेढ़ हजार से ज्यादा ऑक्सीजन प्लांट्स बनाने का काम युद्ध स्तर पर जारी है और हिन्दुस्तान के हर जिले में पहुंचने का एक भगीरथ प्रयास है। इन प्रयासों के बीच एक स्किल्ड मैनपावर का बड़ा पूल होना, उस पूल में नए लोग जुड़ते रहना, ये भी उतना ही जरूरी है। इसी को देखते हुए, कोरोना से लड़ रही वर्तमान फोर्स को सपोर्ट करने के लिए, देश में करीब 1 लाख युवाओं को ट्रेन करने का लक्ष्य रखा गया है। ये कोर्स दो-तीन महीने में ही पूरा हो जाएगा, इसलिए ये लोग तुरंत काम के लिए उपलब्ध भी हो जाएंगे और एक ट्रेन्ड सहायक के रूप में वर्तमान व्यवस्था को काफी कुछ सहायकता देंगे, उनका बोझ हल्का करेंगे। देश के हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की मांग के आधार पर, देश के टॉप एक्सपर्ट्स ने क्रैश कोर्स डिजायन किया है। आज 6 नए कस्टमाइज़्ड कोर्स लॉन्च किए जा रहे हैं। नर्सिंग से जुड़ा सामान्य काम हो, होम केयर हो, क्रिटिकल केयर में मदद हो, सैंपल कलेक्शन हो, मेडिकल टेक्निशियन हों, नए-नए उपकरणों की ट्रेनिंग हो, इसके लिए युवाओं को तैयार किया जा रहा है। इसमें नए युवाओं की स्किलिंग भी होगी और जो पहले से इस प्रकार के काम में ट्रेन्ड हो चुके हैं, उनकी अप-स्किलिंग भी होगी। इस अभियान से, कोविड से लड़ रही हमारी हेल्थ सेक्टर की फ्रंटलाइन फोर्स को नई ऊर्जा भी मिलेगी और हमारे युवाओं रोजगार के नए अवसर के लिए उनके लिए सुविधा भी बनेगी।

साथियों,

Skill, Re-skill और Up-Skill, ये मंत्र कितना महत्वपूर्ण है, ये कोरोना काल ने फिर सिद्ध किया है। हेल्थ सेक्टर के लोग Skilled तो थे ही, उन्होंने कोरोना से निपटने के लिए बहुत कुछ नया सीखा भी। यानि एक तरह से उन्होंने खुद को Re-skill किया। इसके साथ ही, उनमें जो स्किल पहले से थी, उसका भी उन्होंने विस्तार किया। बदलती परिस्थितियों के अनुसार अपनी स्किल को अपग्रेड या वैल्यू एडिशन करना, ये Up-Skilling है, और समय की यही मांग है और जिस गति से टेक्नोलॉजी जीवन के हर क्षेत्र में प्रवेश कर रही है तब लगातार dynamic व्यवस्था Up-Skilling की अनिवार्य हो गई है। Skill, Re-skill और Up-Skill, के इसी महत्व को समझते हुए ही देश में Skill India Mission शुरु किया गया था। पहली बार अलग से कौशल विकास मंत्रालय बनाना हो, देशभर में प्रधानमंत्री कौशल विकास केंद्र खोलना हो, ITI's की संख्या बढ़ाना हो, उनमें लाखों नई सीट्स जोड़ना हो, इस पर लगातार काम किया गया है। आज स्किल इंडिया मिशन हर साल लाखों युवाओं को आज की जरूरत के हिसाब से ट्रेनिंग देने में बहुत बड़ी मदद कर रहा है। इस बात की देश में बहुत चर्चा नहीं हो पाई, कि स्किल डवलपमेंट के इस अभियान ने, कोरोना के इस समय में देश को कितनी बड़ी ताकत दी। बीते साल जब से कोरोना की चुनौती हमारे सामने आई है, तब से ही कौशल विकास मंत्रालय ने देशभर के लाखों हेल्थ वर्कर्स को ट्रेन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। Demand Driven Skill Sets तैयार करने की जिस भावना के साथ इस मंत्रालय को बनाया गया था, उस पर आज और तेजी से काम हो रहा है।

साथियों,

हमारी जनसंख्या को देखते हुए, हेल्थ सेक्टर में डॉक्टर, नर्स और पैरामेडिक्स से जुड़ी जो विशेष सेवाएं हैं, उनका विस्तार करते रहना उतना ही आवश्यक है। इसे लेकर भी पिछले कुछ वर्षों में एक फोकस्ड अप्रोच के साथ काम किया गया है। बीते 7 साल में नए AIIMS, नए मेडिकल कॉलेज और नए नर्सिंग कॉलेज के निर्माण पर बहुत ज्यादा बल दिया गया। इनमें से अधिकांश ने काम करना शुरू भी कर दिया है। इसी तरह, मेडिकल एजुकेशन और इससे जुड़े संस्थानों में रिफॉर्म्स को प्रोत्साहित किया जा रहा है। आज जिस गति से, जिस गंभीरता से हेल्थ प्रोफेशनल्स तैयार करने पर काम चल रहा है, वो अभूतपूर्व है।

साथियों,

आज के इस कार्यक्रम में, मैं हमारे हेल्थ सेक्टर के एक बहुत मजबूत स्तंभ की चर्चा भी जरूर करना चाहता हूं। अक्सर, हमारे इन साथियों की चर्चा छूट जाती है। ये साथी हैं- हमारे आशा-एनम-आंगनवाड़ी और गांव-गांव में डिस्पेंसरियों में तैनात हमारे स्वास्थ्य कर्मी। हमारे ये साथी संक्रमण को रोकने से लेकर दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान तक में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। मौसम की स्थितियां, भौगौलिक परिस्थिति कितनी भी विपरीत हों, ये साथी एक-एक देशवासी की सुरक्षा के लिए दिन-रात जुटे हुए हैं। गांवों में संक्रमण के फैलाव को रोकने में, दूर-सुदूर के क्षेत्रों में, पहाड़ी और जनजातीय क्षेत्रों में टीकाकरण अभियान को सफलता पूर्वक चलाने में हमारे इन साथियों ने बहुत बड़ी भूमिका अदा की है। 21 जून से जो देश में टीकाकरण अभियान का विस्तार हो रहा है, उसे भी हमारे ये सारे साथी बहुत ताकत दे रहे हैं, बहुत ऊर्जा दे रहे हैं। मैं आज सार्वजनिक रूप से इनकी भूरि-भूरि प्रशंसा करता हूं, इन हमारी सभी साथियों की सराहना करता हूं।

साथियों,

21 जून से जो टीकाकरण अभियान शुरू हो रहा है, उससे जुड़ी अनेक गाइडलाइंस जारी की गई हैं। अब 18 साल से ऊपर के साथियों को वही सुविधा मिलेगी, जो अभी तक 45 साल से ऊपर के हमारे महानुभावों को मिल रही थी। केंद्र सरकार, हर देशवासी को टीका लगाने के लिए, 'मुफ्त' टीका लगाने के लिए, प्रतिबद्ध है। हमें कोरोना प्रोटोकॉल का भी पूरा ध्यान रखना है। मास्क और दो गज़ की दूरी, ये बहुत ज़रूरी है। आखिर में, मैं ये क्रैश कोर्स करने वाले सभी युवाओं को बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं। मुझे विश्वास है, आपकी नई स्किल्स, देशवासियों का जीवन बचाने में लगातार काम आएगी और आपको भी अपने जीवन का एक नया प्रवेश एक बहुत ही संतोष देगा क्योंकि आप जब पहली बार रोजगार के लिए जीवन की शुरूआत कर रहे थे तब आप मानव जीवन की रक्षा में अपने आप को जोड़ रहे थे। लोगों की जिन्दगी बचाने के लिए जुड़ रहे थे। पिछले डेढ़ साल से रात-दिन काम कर रहे हमारे डॉक्टर, हमारी नर्सिस इतना बोझ उन्होंने झेला है, आपके आने से उनको मदद मिलने वाली है। उनको एक नई ताकत मिलने वाली है। इसलिए ये कोर्स अपने आप में आपकी जिन्दगी में एक नया अवसर लेकर के आ रहा है। मानवता की सेवा का लोक कल्याण का एक विशेष अवसर आपको उपलब्ध हो रहा है। इस पवित्र कार्य के लिए, मानव सेवा के कार्य के लिए ईश्वर आपको बहुत शक्ति दे। आप जल्द से जल्द इस कोर्स की हर बारीकी को सीखें। आपने आप को उत्तम व्यक्ति बनाने का प्रयास करें। आपके पास वो स्किल हो जो हर किसी की जिन्दगी बचाने के काम आए। इसके लिए मेरी तरफ से आपको बहुत-बहुत शुभकामनाएं हैं।

बहुत-बहुत धन्यवाद !