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भारत माता की जय..!

भारत माता की जय..! 

मंच पर विराजमान हम सबके मार्गदर्शक श्रद्घेय आडवाणी जी, हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय राजनाथ सिंह जी, जिनके परिश्रम के कारण आज मध्य प्रदेश दसों दिशाओं में प्रगति कर रहा है ऐसे भाई शिवराज जी, बहन सुष्मा जी, अरूण जेटली जी, श्री नरेन्द्र तोमर जी, आदरणीय डॉ. जोशी जी, मंच पर विराजमान सभी वरिष्ठ महानुभाव, और इतनी विशाल संख्या में पधारे हुए सभी कार्यकर्ता भाइयों और बहनों..! 

सार्वजनिक जीवन में सभाओं को संबोधित करने का अवसर बहुत बार मिलता है। कार्यकर्ताओं की मीटिंग या कार्यकर्ताओं के सम्मेलनों में भी जाने का अवसर मिलता है। लेकिन भाइयों-बहनों, आज मध्य प्रदेश भारतीय जनता पार्टी ने जो करके दिखाया है, वो सहज किसी के बस का रोग नहीं है..! मैं मध्य प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष जी का, मुख्य मंत्री जी का, उनकी पूरी टीम का और पार्टी के लक्षावधी कार्यकर्ताओं का अभिनंदन करता हूँ, वंदन करता हूँ कि उन्होंने आज संगठन तंत्र का एक नया आयाम सिद्घ कर दिया है और इसलिए आप सब अभिनंदन के अधिकारी हैं, बधाई के अधिकारी हैं..!

भाईयों-बहनों, मैं सोच रहा था कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी को उत्तम से उत्तम श्रद्घांजलि क्या हो सकती है..? वो कौन सा तरीका हो सकता है जिस तरीके से हम पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी को श्रद्घांजलि दें..? मैं मानता हूँ कि मध्य प्रदेश भारतीय जनता पार्टी ने, आप सब कार्यकर्ताओं ने सारे देश को एक नई राह दिखाई है, पंडित दीनदयाल जी को इससे उत्तम श्रद्घांजलि नहीं हो सकती है..! क्योंकि उन्होंने जीवन भर संगठन के विस्तार के लिए, कार्यकर्ता के विकास के लिए, पार्टी की प्रगति के लिए अपना पल-पल इस संगठन को समर्पित किया था। ‘चरैवेति, चरैवेति, चरैवेति..!’, ये उस महापुरूष ने जी कर के सिखाया था। और हिन्दुस्तान के राजनैतिक नक्शे के अंदर हमारा नामोनिशान नहीं था, उस समय हर कार्यकर्ता के दिल में आशा और विश्वास का संचार करने का पवित्र कार्य जिस महापुरूष ने किया था उनकी आज जन्म जयंती पर इतना बड़ा समारंभ, मैं समझता हूँ ये पंडित दीनदयाल जी को मध्य प्रदेश के द्वारा दी गई उत्तम से उत्तम श्रद्घाजंलि है, और इसलिए मैं आपको भी वंदन करता हूँ..!

भाइयों-बहनों, मुझे पंडित दीनदयाल जी के दर्शन करने का सौभाग्य नहीं मिला, लेकिन कुशाभाऊ जी की उंगली पकड़ कर के चलने का सौभाग्य मिला था और कुशाभाऊ को देख कर के लगता था कि पंडित दीनदयाल जी की संगठन की कार्यशैली क्या होगी..! पंडित दीनदयाल जी ने एक-एक कार्यकर्ता को जोड़ कर के संगठन की इतनी बड़ी ताकत कैसे पैदा की होगी..! भारतीय जनसंघ के जन्मदाता डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने एक बार कहा था कि अगर मेरे पास दो दीनदयाल हो तो मैं हिन्दुस्तान की राजनीति का नक्शा बदल दूंगा..! आप कल्पना कर सकते हैं, वो दीनदयाल जी कितने दीर्घ दृष्टा होंगे, कितने सामर्थ्यवान होंगे कि जिनके लिए श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने इन शब्दों की रचना की थी..! भाइयों-बहनों, मैं आज जब पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जन्म जंयती पर आपसे बात कर रहा हूँ तब हम कार्यकर्ताओं को स्मरण होना चाहिए कि 2015 और 2016 पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की शताब्दी का वर्ष है। हम आज संकल्प करें कि हम पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की शताब्दी किस प्रकार से मनाएंगे, पंडित दीनदयाल जी की शताब्दी मनाने का हमारा संकल्प क्या होना चाहिए..! भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता के नाते, मैं भी आप ही की तरह एक छोटा सा कार्यकर्ता हूँ, हम सभी कार्यकर्ताओं के दिल में एक सपना होना चाहिए कि 2015-16 में जब देश और दुनिया पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जन्म शताब्दी मनाएगी तब हिन्दुस्तान के शासन पर भारतीय जनता पार्टी का राज होगा, जब देश पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जन्म शताब्दी मनाएगा तब हिन्दुस्तान के अधिकतम राज्यों में भारतीय जनता पार्टी की सरकार होगी और हमारी सभी सरकारें पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के काम के मानव दर्शन को लेकर के, दरिद्र नारायण की सेवा का संकल्प लेकर के, हिन्दुस्तान के कल्याण की कामना लेकर के भारत के भाग्य को उज्जवल बनाने के लिए उस शताब्दी से एक नई प्रेरणा लेकर के हिन्दुस्तान के एक नए युग का प्रारंभ करेंगे..! ये श्रद्घाजंलि देने का संकल्प करने का आज दिवस है..!

Shri Narendra Modi speaks at the Karyakarta Mahakumbh in Bhopal, Madhya Pradesh

भाइयों-बहनों, मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के विजय के संबंध में मुझे रत्ती भर भी आशंका नहीं है..! मित्रों, मैं शिवराज जी को कई वर्षों से जानता हूँ। मुझे मध्य प्रदेश में संगठन का कार्य करने का सौभाग्य मिला था। मध्य प्रदेश का कोई विधानसभा क्षेत्र ऐसा नहीं होगा जहाँ मुझे जाने का अवसर ना मिला हो। कैलाश जी के मार्गदर्शन में, शिवराज जी के साथ कंधे से कंधा मिला कर के मैं मध्य प्रदेश के गाँवों में घूमता था। भाइयों-बहनों, मुझे पहली बार जब शिवराज जी का भाषण सुनने का अवसर मिला, आज उस बात को करीब बीस साल से अधिक समय हो गया है, मैं शिवराज जी को सुनने के लिए गया था। शायद शिवराज जी को याद होगा कि नहीं, मुझे नहीं मालूम। एकात्म मानव दर्शन पर वे जो व्याख्यान देते थे उस समय, और एकात्म मानव दर्शन पर धारा प्रवाह जब शिवराज जी बोलते थे तो हम जैसे लाखों कार्यकर्ताओं को पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी को समझने का एक सही रास्ता मिल जाता था। उनके विचारों में स्पष्टता होती थी। लेकिन उससे भी ज्यादा, पंडित दीनदयाल जी के हृदय में अंत्योदय की जो कामना थी, गरीबों के कल्याण की जो कामना थी, जो मैं उनके भाषणों में सुनता था, मैं आज गर्व से कहता हूँ कि शिवराज जी पच्चीस साल पहले जो बोलते थे, सरकार में आने के बाद उस एक-एक शब्द को धरती पर उतार कर के गरीबों के कल्याण का काम किया है..!

भाइयों-बहनों, कांग्रेस पार्टी ने साठ साल तक इस देश में शासन किया, लेकिन पहले हमने कांग्रेस के किसी नेता के मुंह से या दिल्ली में बैठी सरकार के द्वारा ‘इन्क्लूसिव ग्रोथ’ शब्द को कभी सुना नहीं था..! इन दिनों उनको उछल-उछल कर के इन्क्लूसिव ग्रोथ, इन्क्लूसिव ग्रोथ शब्द प्रयोग करना पड़ रहा है। कांग्रेस को ये शब्द इसलिए स्वीकार करना पड़ा है क्योंकि जहाँ जहाँ भारतीय जनता पार्टी को जनता ने सेवा करने का अवसर दिया, भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने सर्वांगीण विकास पर बल दिया, इन्क्लूसिव विकास पर दिया..! गाँव हो, गरीब हो, किसान हो, पीड़ित हो, शोषित हो, अनपढ़ हो, पुरूष हो या महिला हो, बूढ़ा हो या नौजवान हो... हर एक के कल्याण का काम इन सरकारों ने किया और उसका परिणाम ये आया है कि आज दिल्ली की सल्तनत को आए दिन इन्क्लूसिव ग्रोथ की बात करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है और उसका सबसे बड़ा श्रेय किसी को जाता है तो श्रीमान् शिवराज जी को जाता है..!

भाइयों-बहनों, आपको मालूम है, आपातकाल में श्रीमती इंदिरा गांधी ने गरीबों के कल्याण के लिए एक बीस सूत्रीय कार्यक्रम बनाया था। और भारत सरकार से लेकर देश की हर सरकारें, राज्य सरकारें उसको इम्पलीमेंट करती हैं। इंदिरा गांधी के समय से ये योजना शुरू हुई है। मोरारजी भाई की सरकार बनी, उन्होंने भी इसको कन्टीन्यू किया था, चालू रखा था। उसके बाद जितनी सरकारें आईं सबने उस योजना को आगे बढ़ाया, किसी ने उस योजना को रोका नहीं। हर तीन महीने उसका लेखा-जोखा प्रस्तुत किया जाता है, किस राज्य ने कैसा परफोरमेंस किया इसका जब लेखा-जोखा बाहर आता है। लेकिन पिछले सात-आठ साल से लगातार जब इसका लेखा-जोखा बाहर आता है, सबसे अच्छा काम करने वाली, गरीबों की भलाई के लिए बीस सूत्री कामों का सही ढंग से इम्पलीमेंटेशन करने वाली पहली पाँच जो सरकारों के नाम आए हैं वो हमेशा या तो बी.जे.पी. की सरकारें आई हैं, या फिर एन.डी.ए. के साथी दलों की सरकारों ने गरीबों की भलाई का काम किया है। कांग्रेस की एक भी सरकार ने पिछले नौ साल में हिन्दुस्तान के अंदर गरीबों की भलाई का एक भी काम अच्छे से नहीं किया है..! एक बार मेरे से एक गलती हो गई, मैंने ये बात हमारी मुख्यमंत्रियों की मीटिंग में बता दी, ये बात वहाँ पर बैठे कांग्रेस के नेताओं ने सुनी तो वे चौंक गए..! उन्होंने जानकारियाँ इक्कठी की, तो मेरी बात सही निकली कि सारी बी.जे.पी. की सरकारें ही गरीबों के कल्याण के कामों में सबसे आगे हैं..! तो कांग्रेस ने क्या किया..? आप कल्पना नहीं कर सकते दोस्तों, दिल्ली में बैठी हुई सरकार ने अपने राज्यों को कुछ अच्छा कर दिखाने के लिए नहीं कहा, उन्होंने क्या किया कि हर तीन महीने जो लेखा-जोखा लेते थे, जो सार्वजनिक किया जाता था, वो करना बंद कर दिया, ताकि कांग्रेस की बेइज्जती बंद हो जाए..! आपके मन में इन्क्लूजिस ग्रोथ की बात शोभा नहीं देती है..!

भाइयों-बहनों, आप देखिए, यहाँ पटवा जी के बाद दस साल कांग्रेस की सरकार रही और पटवा जी ने और कैलाश जी ने जिस प्रकार से मध्य प्रदेश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रयास किये थे, जो सफल योजनाएं बनाई थी..! मध्य प्रदेश बीमारू राज्य से बाहर निकलने के लिए छटपटा रहा था, पटवा जी की सरकार कुछ ना कुछ करके प्रयास कर रही थी, लेकिन अचानक उस सरकार को जाना पड़ा और बाद में कांग्रेस की सरकार दस साल रही। जो काम पटवा जी करके गए थे, वे सारे कामों को मिट्टी में मिला दिया। मध्य प्रदेश को फिर से एक बीमारू राज्य बना कर छोड़ा। लूट करी, दोस्तों..! मैं मध्य प्रदेश की जनता से कहना चाहता हूँ, आग्रह करना चाहता हूँ, पटवा जी की सरकार के बाद आपसे एक चूक हो गई और आपने ये मध्य प्रदेश कांग्रेस के हवाले किया। दस साल में कांग्रेस ने मध्य प्रदेश को तबाह कर दिया, बर्बाद कर दिया..! आज शिवराज जी के नेतृत्व में मध्य प्रदेश फिर से खड़ा हो गया है, अब फिर से दौड़ने के लिए तैयार हो गया है, आज मध्य प्रदेश हिन्दुस्तान के समृद्घ राज्यों की स्पर्धा में आगे निकलने के लिए कटिबद्घ हो गया है। ऐसे समय अगर कोई चूक हो गई, कोई कमी रह गई, तो भाइयों-बहनों, ये कांग्रेस पार्टी दस साल से भूखी पार्टी है, मध्य प्रदेश का हाल कैसा बेहाल कर देगी इसका आप अंदाज कर सकते हो..! और इसलिए भाइयों-बहनों, मध्य प्रदेश के एक-एक कार्यकर्ता का ये दायित्व बनता है कि मध्य प्रदेश जिस समय विकास की ऊंचाइयों को छूने जा रहा है, हम उसमें कोई रूकावट आने नहीं देंगे..!

ध्य प्रदेश को शिवराज जी तो पूरी ताकत से खींच रहे हैं, आगे बढ़ा रहे हैं, भारतीय जनता पार्टी का एक-एक कार्यकर्ता विकास के फल गरीब के घर पहुंचाने के लिए ऐढ़ी-चोटी का जोर लगा रहा है, लेकिन मुसीबत ये है कि दिल्ली की सरकार शिवराज जी को चैन से बैठने नहीं देती, आए दिन कोई ना कोई अडंगा डाल देती है। कोई अच्छी योजना ले कर के जाएं, तो दिल्ली की सरकार उस योजना को ना होने देने के लिए हर प्रकार के कारनामें करती है..! भाइयों-बहनों, दिल्ली में अटल बिहारी बाजपेयी जी की भी सरकार थी, लेकिन कभी हिन्दुस्तान की किसी पार्टी की सरकार ने अटल जी, आडवाणी जी के बर्ताव के लिए शिकायत नहीं की..! यहाँ बैठे हुए अनेक लोग दिल्ली में एन.डी.ए. की सरकार में मंत्री थे। हिन्दुस्तान की विरोधी दल की सरकारों ने भी कभी एक बार भी शिकायत नहीं की थी कि एन.डी.ए. के कारण हमारे राज्य को परेशानी हो रही है..! भाइयों-बहनों, आज दिल्ली की सल्तनत हिन्दुस्तान के जिन राज्यों ने कांग्रेस को वोट नहीं दिया है, उस राज्य की जनता को जितनी परेशान कर सकती है, उसे करने में कभी पीछे नहीं रहती है..! आज मध्य प्रदेश में अगर कोई कठिनाइयाँ हैं, तो उस कठिनाइयों का कारण ये दिल्ली की सल्तनत है, उनके कारनामें हैं..!

Shri Narendra Modi speaks at the Karyakarta Mahakumbh in Bhopal, Madhya Pradesh

मैं उदारण देता हूँ, मित्रों..! जब कांग्रेस ने मध्य प्रदेश ने बीमारू बनाया तब मध्य प्रदेश में तीन हजार मेगावॉट बिजली का भी उत्पादन नहीं होता था। सोचिए मित्रों, इस देश के पॉलिटिकल पंडित सोचिए, बाकी सरकारें क्या काम कर सकती है, शिवराज जी क्या काम कर सकते हैं, जरा सोचिए..! जब बीमारू राज्य का नेतृत्व कांग्रेस ने किया था, तब इस राज्य में तीन हजार मेगावॉट बिजली नहीं होती थी..! पचास साल में कांग्रेस जो नहीं कर पाई, उससे तीन गुना काम शिवराज जी ने दस साल में कर दिया, आज दस हजार से ज्यादा मेगावॉट बिजली आज वो उत्पादन कर रहे हैं..! लेकिन मैं एक और बात कहना चाहता हूँ..! भाइयों-बहनों, सरदार सरोवर डैम गुजरात में बना है। माँ नर्मदा के पानी के भरोसे गुजरात जी रहा है, जो हमारा जीवन है, वो मध्य प्रदेश से आता है। और गुजरात में नर्मदा योजना तेजी से आगे बढ़े इसके लिए शिवराज जी ने जितनी मेहनत की, विस्थापितों को बसाने का जो काम किया, वो अभूतपूर्व था..! अगर कांग्रेस की सरकारों ने वो काम पहले किया होता तो आज वो सरदार सरोवर डैम का काम कबका पूरा हो गया होता..! लेकिन भाइयों-बहनों, मुझे एक बात कहनी है। अब उस सरदार सरोवर डैम पर गेट लगाने बाकी हैं। अगर गेट लग जाते हैं तो जो बिजली का उत्पादन बढ़ेगा उसमें से अकेले मध्य प्रदेश को... भाइयों-बहनों, जरा समझ कर के सुनिए... अगर गुजरात में सरदार सरोवर डैम पर गेट लग जाते हैं तो जो बिजली उत्पादन होगी उसमें से अकेले मध्य प्रदेश को आठ सौ मेगावॉट बिजली मुफ्त में मिलेगी..! लेकिन चूंकि ये बिजली मध्य प्रदेश को मिलने वाली है इसलिए दिल्ली में बैठी हुई सल्तनत गेट लगाने की परमिशन नहीं दे रही है..! मैं पूछना चाहता हूँ दिल्ली की सल्तनत को, क्या मध्य प्रदेश की जनता ने आपको चुनाव में हरा दिया इसकी सजा आप मध्य प्रदेश की जनता को देर रहे हो..? अरे, दिल्ली की सल्तनत में ताकत हो और लड़ना है तो हम नेताओं से लड़े, हम कार्यकर्ताओं से लड़े, मध्य प्रदेश की जनता को दु:खी ना करे, उनके अधिकारों को छीन ना ले..!

पुरानी सड़क का काम मध्य प्रदेश में हो नहीं रहा है, क्यों..? कांग्रेस की सरकार कांग्रेस शासित राज्यों की सरकारों को जितने पैसे देती है उसके आधे पैसे भी भा.ज.पा. शासित राज्यों को देने को तैयार नहीं है..! क्यों..? अगर सड़कें कल अच्छी बन गई, तो वाहवाही शिवराज जी की हो जाएगी और इस डर से मध्य प्रदेश की जनता को पीड़ित करने का काम ये दिल्ली के कांग्रेसी नेता कर रहे हैं, कांग्रेस की सरकार कर रही है..! गरीबों को इंदिरा आवास..! क्या मध्य प्रदेश के गरीबों को आवास मिलने चाहिए..? मुझे पूरी ताकत से जवाब दो, क्या मध्य प्रदेश के गरीबों को आवास मिलना चाहिए..? गरीब से गरीब को भी घर मिलना चाहिए..? दिल्ली सरकार केवल केरल के गरीबों को तो पैसा देने को तैयार है, क्योंकि वहाँ पर कांग्रेस की सरकार है, मध्य प्रदेश की सरकार को पैसे देने को तैयार नहीं, क्योंकि वो शिवराज जी की सरकार है, भा.ज.पा. की सरकार है..! मैं दिल्ली के शहंशाहों को पूछना चाहता हूँ, अरे सरकार भा.ज.पा. की है लेकिन ये नागरिक तो हिन्दुस्तान के हैं, ये गरीब भारत माँ के बेटे हैं, उनको दु:खी क्यों कर रहे हो..? लेकिन भाइयों-बहनों, कांग्रेस पार्टी सिवाय राजनीति के कुछ नहीं सेाच सकती..!

भाइयो-बहनों, आप लोग चुनाव की तैयारी कर रहे हो ना..? जोरों से कर रहे हो ना..? लेकिन आप मेरी एक बात भी सुनिए, इस बार मध्य प्रदेश में, छत्तीसगढ़ में, राजस्थान में, दिल्ली में और आने वाले लोकसभा के चुनाव में कांग्रेस पार्टी अपने उम्मीदवार खड़े करने वाली नहीं है..! अगला चुनाव कांग्रेस नहीं लड़ेगी, अगला चुनाव सी.बी.आई. लड़ने वाली है, सी.बी.आई...! कांग्रेस में भा.ज.पा. से भिड़ने का दम नहीं रहा दोस्तों, उन्होंने सी.बी.आई. को मैदान में उतारा है..! और कांग्रेस के नेता कान खोल कर के सुन लें, आपातकाल के दमन चक्र को याद कर लें, आपातकाल के दमन चक्र का इस देश की जनता ने चुन-चुन कर हिसाब चुकता किया था। अगर आज वो आपकी सी.बी.आई. हिन्दुस्तान के निर्दोषों पर जुल्म करने के काम आने वाली है, तो दिल्ली के तख्त पर बैठे हुए शहंशाह लिख कर के रखे, हिन्दुस्तान आपको माफ नहीं करेगा, चुन-चुन कर ये देश आपका हिसाब चुकता करेगा..!

भाइयों-बहनों, अभी शिवराज जी घोटालों की ए.बी.सी.डी. सुना रहे थे, ‘ए’ टू ‘जेड’ कैसे-कैसे घोटाले हुए उसका नाम सुना रहे थे। लेकिन अगर आंकड़ों में ये कितने पैसे होते हैं, कितने रूपये हड़प कर दिये गए हैं, ये यदि हम भोपाल से लिखना शुरू करें और अगर हम भोपाल में एक लिखें और फिर जीरो करते-करते आगे बढ़ें तो फिर दिल्ली जनपथ पर आखिरी जीरो पहुंचेगा, इतने अरबों-खरबों रूपयों का, इतने अरबों-खरबों का माल खा गए हैं ये लोग..!

भाइयों-बहनों, चुनाव पहले भी आए, जय-पराजय पहले भी हुए, लेकिन मेरे कार्यकर्ता भाइयों-बहनों, इस चुनाव में आपको तय करना है। शायद आपको गरीबी में पैदा हुए होंगे, आपको शिक्षा पाने में कठिनाई आई होगी, आपको बीमारी में दवाई प्राप्त करना कठिन हुआ होगा, लेकिन क्या आप अपने संतानों को गरीबी में रहने के लिए मजबूर करना चाहते हो..? क्या आप अपने बच्चों को अशिक्षित रहने के लिए मजबूर करना चाहते हो..? क्या आप अपने बच्चों को बीमारी में दवाई ना मिले एसा चाहते हो..? क्या आप चाहते हो कि गरीब को घर ना मिले..? अगर आप ये नहीं चाहते हो तो इन सारी कठिनाइयों से मुक्ति के लिए चुनाव में मतदान करना, आपकी भलाई के लिए मतदान करना..!

भाइयों-बहनों, अब जितने सर्वे आते हैं, सारे सर्वे भा.ज.पा. के पक्ष में आते हैं..! आज जितने सर्वे आ रहे हैं, शिवराज जी की वाहवाही हो रही है, रमण सिंह जी की वाहवाही हो रही है, वसुंधरा जी की वाहवाही हो रही है, हमारे एक-एक राज्य के नेताओं की वाहवाही हो रही है..! चारों तरफ भा.ज.पा. का जयकारा चल रहा है। लोग कहते हैं कि इस बार कश्मीर से कन्यकुमारी, अटक से कटक तक पूरे हिन्दुस्तान में भा.ज.पा. की आंधी है। कार्यकर्ता भाइयों-बहनों, ये बात सुन कर हमें भी आनंद आता है। हम लोग भी गली मौहल्ले में, गाँव में, गरीब के घर जाते हैं और भा.ज.पा. की वाहवाहीं सुनते हैं, तो हमारा भी सीना चौड़ा हो जाता है। लेकिन भाइयों-बहनों, हम बूथ के कार्यकर्ता हैं और मैं संगठन से जुड़ा कार्यकर्ता हूँ, इसलिए मैं कुछ संगठन की बातें भी सार्वजनिक रूप से आपसे कहना चाहता हूँ। आप मुझे कहिए भाइयों-बहनों, आंधी कितनी ही तेज क्यों ना हो, 150-200 किलोमीटर की स्पीड से आंधी चल रही हो, और अगर आप चौराहे पर साइकिल का ट्यूब लेकर खड़े हो जाएं, तो कितनी भी स्पीड से आंधी चलती होगी तो भी साइकिल की हवा भरेगी..? हवा भरने के लिए पंप लगता है कि नहीं लगता है..? भाइयों-बहनों, पोलिंग बूथ में भारतीय जनता पार्टी के हर कार्यकर्ता का इस आंधी को मतपेटी तक ले जाना सबसे प्रमुख काम है। मतपेटी भरेगी कार्यकर्ताओं के पुरूषार्थ से, मतपेटी भरेगी कार्यकर्ताओं के संपर्क से, मतपेटी भरेगी कार्यकर्ताओं के प्रति सामान्य मानवी के विश्वास से..!

भाइयों-बहनों, इस देश में महात्मा गांधी की चर्चा सबने की। आए दिन महात्मा गांधी के नाम की चर्चा हर ओर होती है। लेकिन महात्मा गांधी का एक सपना अधूरा रह गया है। महात्मा गांधी की एक इच्छा को अभी पूरा कर बाकी है। करेंगे भइया..? दोनों हाथ ऊपर करके पूरी ताकत से बताइए, क्या महात्मा गांधी की इच्छा पूरी करेंगे..? महात्मा गांधी का सपना पूरा करेंगे..? महात्मा गांधी की इच्छा परिपूर्ण करेंगे..? आपने पूछा तो नहीं कि क्या इच्छा थी भाई, ऐसे ही हाँ कह दिया..? भाइयो-बहनों, महात्मा गांधी की जीवन के अंतकाल में एक इच्छा थी कि इस देश में से कांग्रेस को बिखेर दिया जाए..! महात्मा गांधी की इच्छा थी कि हिन्दुस्तान से कांग्रेस को खत्म कर दिया जाए..! लेकिन कांग्रेस के लोगों ने महात्मा गांधी की ये इच्छा पूरी नहीं की। महात्मा गांधी की इच्छा पूरी करने का जिम्मा ये लाखों कार्यकर्ताओं, हमारे सिर पर है..! करेंगे..? भाइयों-बहनों, आज महात्मा गांधी का सपना पूरा करने का मतलब होता है, कांग्रेस मुक्त हिन्दुस्तान..! इस देश को कांग्रेस से मुक्त करना है, कांग्रेस के वर्क कल्चर से मुक्त करना है, कांग्रेस के कारनामों से मुक्त करना है, कांग्रेसी करप्शन से मुक्त करना है, भाई-भतीजेवाद से मुक्त करना है..! लोकतंत्र को सही रूप मे प्रतिस्थापित करने के लिए महात्मा गांधी के सपने को पूरा करने का काम करना है। और अगर हिन्दुस्तान को कांग्रेस से मुक्त बनाना है, तो भाइयों-बहनों, हमारा काम है हमारे पोलिंग बूथ को कांग्रेस मुक्त पोलिंग बूथ बनाना..! यहाँ पचास हजार से अधिक पोलिंग बूथ के कार्यकर्ता मेरे सामने बैठे हैं, जहाँ जहाँ मेरी नजर पहुंच रही है मुंड ही मुंड नजर आ रहे हैं..! भाइयों-बहनों, यहाँ से संकल्प करिए कि हम हमारे पोलिंग बूथ को, हम हमारे गाँव को, हम हमारे नगर को, हम हमारे तहसील को, हम हमारे जिले को, हम हमारे राष्ट्र को, हम सब मिल कर के हिन्दुस्तान को कांग्रेस मुक्त हिन्दुस्तान बनाएंगे और उसका प्रारंभ हम हमारे पेालिंग बूथ से करेंगे, हर पोलिंग बूथ को कांग्रेस से मुक्त करवाएंगे, इस संकल्प को लेकर के जाएं..!

भाइयों-बहनों, दो मुट्ठी बंद करके हाथ ऊपर करके मैं एक नारा बुलवाता हूँ, आप उसको जरूर बोलें..! मैं कहूंगा, पंडित दीनदयाल उपाध्याय..., आप सब बोलिए, अमर रहे, अमर रहे..! आवाज पूरे हिन्दुस्तान में पहुंचनी चाहिए, दोस्तों..!

पंडित दीनदयाल उपाध्याय... अमर रहे, अमर रहे..!

पंडित दीनदयाल उपाध्याय... अमर रहे, अमर रहे..!

पंडित दीनदयाल उपाध्याय... अमर रहे, अमर रहे..!

भारत माता की जय..!  भारत माता की जय..!  भारत माता की जय..!

वंदे मातरम्..!  वंदे मातरम्..!  वंदे मातरम्..!

वंदे मातरम्..!  वंदे मातरम्..!

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It is our sacred duty to leave a healthy planet for our future generations: PM Modi
June 14, 2021
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In last 10 years, around 3 million hectares of forest cover added in India, enhancing the combined forest cover to almost one-fourth of the country's total area: PM
India is on track to achieve its national commitment of Land degradation neutrality: PM
Restoration of 26 million hectares of degraded land aimed by 2030 to achieve an additional carbon sink of 2.5 to 3 billion tonnes of carbon dioxide equivalent
Centre of Excellence is being set up in India to promote a scientific approach towards land degradation issues
It is our sacred duty to leave a healthy planet for our future generations: PM

Excellency, President of the General Assembly,

Excellencies, Ladies and Gentlemen,

Namaste

I thank the President of the General Assembly for organising this High-Level Dialogue.

Land is the fundamental building block for supporting all lives and livelihoods. And, all of us understand that the web of life functions as an inter-connected system. Sadly, land degradation affects over two-thirds of the world today. If left unchecked, it will erode the very foundations of our societies, economies, food security, health, safety and quality of life. Therefore, we have to reduce the tremendous pressure on land and its resources. Clearly, a lot of work lies ahead of us. But we can do it. We can do it together.

Mr. President,

In India, we have always given importance to land and considered the sacred Earth as our mother. India has taken the lead to highlight land degradation issues at international forums. The Delhi Declaration of 2019 called for better access and stewardship over land, and emphasised gender-sensitive transformative projects. In India, over the last 10 years, around 3 million hectares of forest cover has been added. This has enhanced the combined forest cover to almost one-fourth of the country's total area.

We are on track to achieve our national commitment of Land degradation neutrality. We are also working towards restoring 26 million hectares of degraded land by 2030. This would contribute to India's commitment to achieve an additional carbon sink of 2.5 to 3 billion tonnes of carbon dioxide equivalent.

We believe that restoration of land can start a virtuous cycle of good soil health, increased land productivity, food security and improved livelihoods. In many parts of India, we have taken up some novel approaches. To give just one example, the Banni region in Rann of Kutch in Gujarat suffers from highly degraded land and receives very little rainfall. In that region, land restoration is done by developing grasslands, which helps in achieving land degradation neutrality.  It also supports pastoral activities and livelihood by promoting animal husbandry. In the same spirit, we need to devise effective strategies for land restoration while promoting indigenous techniques.

Mr. President,

Land degradation poses a special challenge to the developing world. In the spirit of South-South cooperation, India is assisting fellow developing countries to develop land restoration strategies. A Centre of Excellence is being set up in India to promote a scientific approach towards land degradation issues.

Mr. President,

It is mankind's collective responsibility to reverse the damage to land caused by human activity. It is our sacred duty to leave a healthy planet for our future generations. For their sake and ours, I extend my best wishes for productive deliberations at this High-Level Dialogue.

Thank you.

Thank you very much.