Full Speech Text of Shri Modi's address at Karyakarta Mahakumbh, Bhopal

Published By : Admin | September 25, 2013 | 11:55 IST
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भारत माता की जय..!

भारत माता की जय..! 

मंच पर विराजमान हम सबके मार्गदर्शक श्रद्घेय आडवाणी जी, हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय राजनाथ सिंह जी, जिनके परिश्रम के कारण आज मध्य प्रदेश दसों दिशाओं में प्रगति कर रहा है ऐसे भाई शिवराज जी, बहन सुष्मा जी, अरूण जेटली जी, श्री नरेन्द्र तोमर जी, आदरणीय डॉ. जोशी जी, मंच पर विराजमान सभी वरिष्ठ महानुभाव, और इतनी विशाल संख्या में पधारे हुए सभी कार्यकर्ता भाइयों और बहनों..! 

सार्वजनिक जीवन में सभाओं को संबोधित करने का अवसर बहुत बार मिलता है। कार्यकर्ताओं की मीटिंग या कार्यकर्ताओं के सम्मेलनों में भी जाने का अवसर मिलता है। लेकिन भाइयों-बहनों, आज मध्य प्रदेश भारतीय जनता पार्टी ने जो करके दिखाया है, वो सहज किसी के बस का रोग नहीं है..! मैं मध्य प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष जी का, मुख्य मंत्री जी का, उनकी पूरी टीम का और पार्टी के लक्षावधी कार्यकर्ताओं का अभिनंदन करता हूँ, वंदन करता हूँ कि उन्होंने आज संगठन तंत्र का एक नया आयाम सिद्घ कर दिया है और इसलिए आप सब अभिनंदन के अधिकारी हैं, बधाई के अधिकारी हैं..!

भाईयों-बहनों, मैं सोच रहा था कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी को उत्तम से उत्तम श्रद्घांजलि क्या हो सकती है..? वो कौन सा तरीका हो सकता है जिस तरीके से हम पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी को श्रद्घांजलि दें..? मैं मानता हूँ कि मध्य प्रदेश भारतीय जनता पार्टी ने, आप सब कार्यकर्ताओं ने सारे देश को एक नई राह दिखाई है, पंडित दीनदयाल जी को इससे उत्तम श्रद्घांजलि नहीं हो सकती है..! क्योंकि उन्होंने जीवन भर संगठन के विस्तार के लिए, कार्यकर्ता के विकास के लिए, पार्टी की प्रगति के लिए अपना पल-पल इस संगठन को समर्पित किया था। ‘चरैवेति, चरैवेति, चरैवेति..!’, ये उस महापुरूष ने जी कर के सिखाया था। और हिन्दुस्तान के राजनैतिक नक्शे के अंदर हमारा नामोनिशान नहीं था, उस समय हर कार्यकर्ता के दिल में आशा और विश्वास का संचार करने का पवित्र कार्य जिस महापुरूष ने किया था उनकी आज जन्म जयंती पर इतना बड़ा समारंभ, मैं समझता हूँ ये पंडित दीनदयाल जी को मध्य प्रदेश के द्वारा दी गई उत्तम से उत्तम श्रद्घाजंलि है, और इसलिए मैं आपको भी वंदन करता हूँ..!

भाइयों-बहनों, मुझे पंडित दीनदयाल जी के दर्शन करने का सौभाग्य नहीं मिला, लेकिन कुशाभाऊ जी की उंगली पकड़ कर के चलने का सौभाग्य मिला था और कुशाभाऊ को देख कर के लगता था कि पंडित दीनदयाल जी की संगठन की कार्यशैली क्या होगी..! पंडित दीनदयाल जी ने एक-एक कार्यकर्ता को जोड़ कर के संगठन की इतनी बड़ी ताकत कैसे पैदा की होगी..! भारतीय जनसंघ के जन्मदाता डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने एक बार कहा था कि अगर मेरे पास दो दीनदयाल हो तो मैं हिन्दुस्तान की राजनीति का नक्शा बदल दूंगा..! आप कल्पना कर सकते हैं, वो दीनदयाल जी कितने दीर्घ दृष्टा होंगे, कितने सामर्थ्यवान होंगे कि जिनके लिए श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने इन शब्दों की रचना की थी..! भाइयों-बहनों, मैं आज जब पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जन्म जंयती पर आपसे बात कर रहा हूँ तब हम कार्यकर्ताओं को स्मरण होना चाहिए कि 2015 और 2016 पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की शताब्दी का वर्ष है। हम आज संकल्प करें कि हम पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की शताब्दी किस प्रकार से मनाएंगे, पंडित दीनदयाल जी की शताब्दी मनाने का हमारा संकल्प क्या होना चाहिए..! भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता के नाते, मैं भी आप ही की तरह एक छोटा सा कार्यकर्ता हूँ, हम सभी कार्यकर्ताओं के दिल में एक सपना होना चाहिए कि 2015-16 में जब देश और दुनिया पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जन्म शताब्दी मनाएगी तब हिन्दुस्तान के शासन पर भारतीय जनता पार्टी का राज होगा, जब देश पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जन्म शताब्दी मनाएगा तब हिन्दुस्तान के अधिकतम राज्यों में भारतीय जनता पार्टी की सरकार होगी और हमारी सभी सरकारें पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के काम के मानव दर्शन को लेकर के, दरिद्र नारायण की सेवा का संकल्प लेकर के, हिन्दुस्तान के कल्याण की कामना लेकर के भारत के भाग्य को उज्जवल बनाने के लिए उस शताब्दी से एक नई प्रेरणा लेकर के हिन्दुस्तान के एक नए युग का प्रारंभ करेंगे..! ये श्रद्घाजंलि देने का संकल्प करने का आज दिवस है..!

Shri Narendra Modi speaks at the Karyakarta Mahakumbh in Bhopal, Madhya Pradesh

भाइयों-बहनों, मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के विजय के संबंध में मुझे रत्ती भर भी आशंका नहीं है..! मित्रों, मैं शिवराज जी को कई वर्षों से जानता हूँ। मुझे मध्य प्रदेश में संगठन का कार्य करने का सौभाग्य मिला था। मध्य प्रदेश का कोई विधानसभा क्षेत्र ऐसा नहीं होगा जहाँ मुझे जाने का अवसर ना मिला हो। कैलाश जी के मार्गदर्शन में, शिवराज जी के साथ कंधे से कंधा मिला कर के मैं मध्य प्रदेश के गाँवों में घूमता था। भाइयों-बहनों, मुझे पहली बार जब शिवराज जी का भाषण सुनने का अवसर मिला, आज उस बात को करीब बीस साल से अधिक समय हो गया है, मैं शिवराज जी को सुनने के लिए गया था। शायद शिवराज जी को याद होगा कि नहीं, मुझे नहीं मालूम। एकात्म मानव दर्शन पर वे जो व्याख्यान देते थे उस समय, और एकात्म मानव दर्शन पर धारा प्रवाह जब शिवराज जी बोलते थे तो हम जैसे लाखों कार्यकर्ताओं को पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी को समझने का एक सही रास्ता मिल जाता था। उनके विचारों में स्पष्टता होती थी। लेकिन उससे भी ज्यादा, पंडित दीनदयाल जी के हृदय में अंत्योदय की जो कामना थी, गरीबों के कल्याण की जो कामना थी, जो मैं उनके भाषणों में सुनता था, मैं आज गर्व से कहता हूँ कि शिवराज जी पच्चीस साल पहले जो बोलते थे, सरकार में आने के बाद उस एक-एक शब्द को धरती पर उतार कर के गरीबों के कल्याण का काम किया है..!

भाइयों-बहनों, कांग्रेस पार्टी ने साठ साल तक इस देश में शासन किया, लेकिन पहले हमने कांग्रेस के किसी नेता के मुंह से या दिल्ली में बैठी सरकार के द्वारा ‘इन्क्लूसिव ग्रोथ’ शब्द को कभी सुना नहीं था..! इन दिनों उनको उछल-उछल कर के इन्क्लूसिव ग्रोथ, इन्क्लूसिव ग्रोथ शब्द प्रयोग करना पड़ रहा है। कांग्रेस को ये शब्द इसलिए स्वीकार करना पड़ा है क्योंकि जहाँ जहाँ भारतीय जनता पार्टी को जनता ने सेवा करने का अवसर दिया, भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने सर्वांगीण विकास पर बल दिया, इन्क्लूसिव विकास पर दिया..! गाँव हो, गरीब हो, किसान हो, पीड़ित हो, शोषित हो, अनपढ़ हो, पुरूष हो या महिला हो, बूढ़ा हो या नौजवान हो... हर एक के कल्याण का काम इन सरकारों ने किया और उसका परिणाम ये आया है कि आज दिल्ली की सल्तनत को आए दिन इन्क्लूसिव ग्रोथ की बात करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है और उसका सबसे बड़ा श्रेय किसी को जाता है तो श्रीमान् शिवराज जी को जाता है..!

भाइयों-बहनों, आपको मालूम है, आपातकाल में श्रीमती इंदिरा गांधी ने गरीबों के कल्याण के लिए एक बीस सूत्रीय कार्यक्रम बनाया था। और भारत सरकार से लेकर देश की हर सरकारें, राज्य सरकारें उसको इम्पलीमेंट करती हैं। इंदिरा गांधी के समय से ये योजना शुरू हुई है। मोरारजी भाई की सरकार बनी, उन्होंने भी इसको कन्टीन्यू किया था, चालू रखा था। उसके बाद जितनी सरकारें आईं सबने उस योजना को आगे बढ़ाया, किसी ने उस योजना को रोका नहीं। हर तीन महीने उसका लेखा-जोखा प्रस्तुत किया जाता है, किस राज्य ने कैसा परफोरमेंस किया इसका जब लेखा-जोखा बाहर आता है। लेकिन पिछले सात-आठ साल से लगातार जब इसका लेखा-जोखा बाहर आता है, सबसे अच्छा काम करने वाली, गरीबों की भलाई के लिए बीस सूत्री कामों का सही ढंग से इम्पलीमेंटेशन करने वाली पहली पाँच जो सरकारों के नाम आए हैं वो हमेशा या तो बी.जे.पी. की सरकारें आई हैं, या फिर एन.डी.ए. के साथी दलों की सरकारों ने गरीबों की भलाई का काम किया है। कांग्रेस की एक भी सरकार ने पिछले नौ साल में हिन्दुस्तान के अंदर गरीबों की भलाई का एक भी काम अच्छे से नहीं किया है..! एक बार मेरे से एक गलती हो गई, मैंने ये बात हमारी मुख्यमंत्रियों की मीटिंग में बता दी, ये बात वहाँ पर बैठे कांग्रेस के नेताओं ने सुनी तो वे चौंक गए..! उन्होंने जानकारियाँ इक्कठी की, तो मेरी बात सही निकली कि सारी बी.जे.पी. की सरकारें ही गरीबों के कल्याण के कामों में सबसे आगे हैं..! तो कांग्रेस ने क्या किया..? आप कल्पना नहीं कर सकते दोस्तों, दिल्ली में बैठी हुई सरकार ने अपने राज्यों को कुछ अच्छा कर दिखाने के लिए नहीं कहा, उन्होंने क्या किया कि हर तीन महीने जो लेखा-जोखा लेते थे, जो सार्वजनिक किया जाता था, वो करना बंद कर दिया, ताकि कांग्रेस की बेइज्जती बंद हो जाए..! आपके मन में इन्क्लूजिस ग्रोथ की बात शोभा नहीं देती है..!

भाइयों-बहनों, आप देखिए, यहाँ पटवा जी के बाद दस साल कांग्रेस की सरकार रही और पटवा जी ने और कैलाश जी ने जिस प्रकार से मध्य प्रदेश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रयास किये थे, जो सफल योजनाएं बनाई थी..! मध्य प्रदेश बीमारू राज्य से बाहर निकलने के लिए छटपटा रहा था, पटवा जी की सरकार कुछ ना कुछ करके प्रयास कर रही थी, लेकिन अचानक उस सरकार को जाना पड़ा और बाद में कांग्रेस की सरकार दस साल रही। जो काम पटवा जी करके गए थे, वे सारे कामों को मिट्टी में मिला दिया। मध्य प्रदेश को फिर से एक बीमारू राज्य बना कर छोड़ा। लूट करी, दोस्तों..! मैं मध्य प्रदेश की जनता से कहना चाहता हूँ, आग्रह करना चाहता हूँ, पटवा जी की सरकार के बाद आपसे एक चूक हो गई और आपने ये मध्य प्रदेश कांग्रेस के हवाले किया। दस साल में कांग्रेस ने मध्य प्रदेश को तबाह कर दिया, बर्बाद कर दिया..! आज शिवराज जी के नेतृत्व में मध्य प्रदेश फिर से खड़ा हो गया है, अब फिर से दौड़ने के लिए तैयार हो गया है, आज मध्य प्रदेश हिन्दुस्तान के समृद्घ राज्यों की स्पर्धा में आगे निकलने के लिए कटिबद्घ हो गया है। ऐसे समय अगर कोई चूक हो गई, कोई कमी रह गई, तो भाइयों-बहनों, ये कांग्रेस पार्टी दस साल से भूखी पार्टी है, मध्य प्रदेश का हाल कैसा बेहाल कर देगी इसका आप अंदाज कर सकते हो..! और इसलिए भाइयों-बहनों, मध्य प्रदेश के एक-एक कार्यकर्ता का ये दायित्व बनता है कि मध्य प्रदेश जिस समय विकास की ऊंचाइयों को छूने जा रहा है, हम उसमें कोई रूकावट आने नहीं देंगे..!

ध्य प्रदेश को शिवराज जी तो पूरी ताकत से खींच रहे हैं, आगे बढ़ा रहे हैं, भारतीय जनता पार्टी का एक-एक कार्यकर्ता विकास के फल गरीब के घर पहुंचाने के लिए ऐढ़ी-चोटी का जोर लगा रहा है, लेकिन मुसीबत ये है कि दिल्ली की सरकार शिवराज जी को चैन से बैठने नहीं देती, आए दिन कोई ना कोई अडंगा डाल देती है। कोई अच्छी योजना ले कर के जाएं, तो दिल्ली की सरकार उस योजना को ना होने देने के लिए हर प्रकार के कारनामें करती है..! भाइयों-बहनों, दिल्ली में अटल बिहारी बाजपेयी जी की भी सरकार थी, लेकिन कभी हिन्दुस्तान की किसी पार्टी की सरकार ने अटल जी, आडवाणी जी के बर्ताव के लिए शिकायत नहीं की..! यहाँ बैठे हुए अनेक लोग दिल्ली में एन.डी.ए. की सरकार में मंत्री थे। हिन्दुस्तान की विरोधी दल की सरकारों ने भी कभी एक बार भी शिकायत नहीं की थी कि एन.डी.ए. के कारण हमारे राज्य को परेशानी हो रही है..! भाइयों-बहनों, आज दिल्ली की सल्तनत हिन्दुस्तान के जिन राज्यों ने कांग्रेस को वोट नहीं दिया है, उस राज्य की जनता को जितनी परेशान कर सकती है, उसे करने में कभी पीछे नहीं रहती है..! आज मध्य प्रदेश में अगर कोई कठिनाइयाँ हैं, तो उस कठिनाइयों का कारण ये दिल्ली की सल्तनत है, उनके कारनामें हैं..!

Shri Narendra Modi speaks at the Karyakarta Mahakumbh in Bhopal, Madhya Pradesh

मैं उदारण देता हूँ, मित्रों..! जब कांग्रेस ने मध्य प्रदेश ने बीमारू बनाया तब मध्य प्रदेश में तीन हजार मेगावॉट बिजली का भी उत्पादन नहीं होता था। सोचिए मित्रों, इस देश के पॉलिटिकल पंडित सोचिए, बाकी सरकारें क्या काम कर सकती है, शिवराज जी क्या काम कर सकते हैं, जरा सोचिए..! जब बीमारू राज्य का नेतृत्व कांग्रेस ने किया था, तब इस राज्य में तीन हजार मेगावॉट बिजली नहीं होती थी..! पचास साल में कांग्रेस जो नहीं कर पाई, उससे तीन गुना काम शिवराज जी ने दस साल में कर दिया, आज दस हजार से ज्यादा मेगावॉट बिजली आज वो उत्पादन कर रहे हैं..! लेकिन मैं एक और बात कहना चाहता हूँ..! भाइयों-बहनों, सरदार सरोवर डैम गुजरात में बना है। माँ नर्मदा के पानी के भरोसे गुजरात जी रहा है, जो हमारा जीवन है, वो मध्य प्रदेश से आता है। और गुजरात में नर्मदा योजना तेजी से आगे बढ़े इसके लिए शिवराज जी ने जितनी मेहनत की, विस्थापितों को बसाने का जो काम किया, वो अभूतपूर्व था..! अगर कांग्रेस की सरकारों ने वो काम पहले किया होता तो आज वो सरदार सरोवर डैम का काम कबका पूरा हो गया होता..! लेकिन भाइयों-बहनों, मुझे एक बात कहनी है। अब उस सरदार सरोवर डैम पर गेट लगाने बाकी हैं। अगर गेट लग जाते हैं तो जो बिजली का उत्पादन बढ़ेगा उसमें से अकेले मध्य प्रदेश को... भाइयों-बहनों, जरा समझ कर के सुनिए... अगर गुजरात में सरदार सरोवर डैम पर गेट लग जाते हैं तो जो बिजली उत्पादन होगी उसमें से अकेले मध्य प्रदेश को आठ सौ मेगावॉट बिजली मुफ्त में मिलेगी..! लेकिन चूंकि ये बिजली मध्य प्रदेश को मिलने वाली है इसलिए दिल्ली में बैठी हुई सल्तनत गेट लगाने की परमिशन नहीं दे रही है..! मैं पूछना चाहता हूँ दिल्ली की सल्तनत को, क्या मध्य प्रदेश की जनता ने आपको चुनाव में हरा दिया इसकी सजा आप मध्य प्रदेश की जनता को देर रहे हो..? अरे, दिल्ली की सल्तनत में ताकत हो और लड़ना है तो हम नेताओं से लड़े, हम कार्यकर्ताओं से लड़े, मध्य प्रदेश की जनता को दु:खी ना करे, उनके अधिकारों को छीन ना ले..!

पुरानी सड़क का काम मध्य प्रदेश में हो नहीं रहा है, क्यों..? कांग्रेस की सरकार कांग्रेस शासित राज्यों की सरकारों को जितने पैसे देती है उसके आधे पैसे भी भा.ज.पा. शासित राज्यों को देने को तैयार नहीं है..! क्यों..? अगर सड़कें कल अच्छी बन गई, तो वाहवाही शिवराज जी की हो जाएगी और इस डर से मध्य प्रदेश की जनता को पीड़ित करने का काम ये दिल्ली के कांग्रेसी नेता कर रहे हैं, कांग्रेस की सरकार कर रही है..! गरीबों को इंदिरा आवास..! क्या मध्य प्रदेश के गरीबों को आवास मिलने चाहिए..? मुझे पूरी ताकत से जवाब दो, क्या मध्य प्रदेश के गरीबों को आवास मिलना चाहिए..? गरीब से गरीब को भी घर मिलना चाहिए..? दिल्ली सरकार केवल केरल के गरीबों को तो पैसा देने को तैयार है, क्योंकि वहाँ पर कांग्रेस की सरकार है, मध्य प्रदेश की सरकार को पैसे देने को तैयार नहीं, क्योंकि वो शिवराज जी की सरकार है, भा.ज.पा. की सरकार है..! मैं दिल्ली के शहंशाहों को पूछना चाहता हूँ, अरे सरकार भा.ज.पा. की है लेकिन ये नागरिक तो हिन्दुस्तान के हैं, ये गरीब भारत माँ के बेटे हैं, उनको दु:खी क्यों कर रहे हो..? लेकिन भाइयों-बहनों, कांग्रेस पार्टी सिवाय राजनीति के कुछ नहीं सेाच सकती..!

भाइयो-बहनों, आप लोग चुनाव की तैयारी कर रहे हो ना..? जोरों से कर रहे हो ना..? लेकिन आप मेरी एक बात भी सुनिए, इस बार मध्य प्रदेश में, छत्तीसगढ़ में, राजस्थान में, दिल्ली में और आने वाले लोकसभा के चुनाव में कांग्रेस पार्टी अपने उम्मीदवार खड़े करने वाली नहीं है..! अगला चुनाव कांग्रेस नहीं लड़ेगी, अगला चुनाव सी.बी.आई. लड़ने वाली है, सी.बी.आई...! कांग्रेस में भा.ज.पा. से भिड़ने का दम नहीं रहा दोस्तों, उन्होंने सी.बी.आई. को मैदान में उतारा है..! और कांग्रेस के नेता कान खोल कर के सुन लें, आपातकाल के दमन चक्र को याद कर लें, आपातकाल के दमन चक्र का इस देश की जनता ने चुन-चुन कर हिसाब चुकता किया था। अगर आज वो आपकी सी.बी.आई. हिन्दुस्तान के निर्दोषों पर जुल्म करने के काम आने वाली है, तो दिल्ली के तख्त पर बैठे हुए शहंशाह लिख कर के रखे, हिन्दुस्तान आपको माफ नहीं करेगा, चुन-चुन कर ये देश आपका हिसाब चुकता करेगा..!

भाइयों-बहनों, अभी शिवराज जी घोटालों की ए.बी.सी.डी. सुना रहे थे, ‘ए’ टू ‘जेड’ कैसे-कैसे घोटाले हुए उसका नाम सुना रहे थे। लेकिन अगर आंकड़ों में ये कितने पैसे होते हैं, कितने रूपये हड़प कर दिये गए हैं, ये यदि हम भोपाल से लिखना शुरू करें और अगर हम भोपाल में एक लिखें और फिर जीरो करते-करते आगे बढ़ें तो फिर दिल्ली जनपथ पर आखिरी जीरो पहुंचेगा, इतने अरबों-खरबों रूपयों का, इतने अरबों-खरबों का माल खा गए हैं ये लोग..!

भाइयों-बहनों, चुनाव पहले भी आए, जय-पराजय पहले भी हुए, लेकिन मेरे कार्यकर्ता भाइयों-बहनों, इस चुनाव में आपको तय करना है। शायद आपको गरीबी में पैदा हुए होंगे, आपको शिक्षा पाने में कठिनाई आई होगी, आपको बीमारी में दवाई प्राप्त करना कठिन हुआ होगा, लेकिन क्या आप अपने संतानों को गरीबी में रहने के लिए मजबूर करना चाहते हो..? क्या आप अपने बच्चों को अशिक्षित रहने के लिए मजबूर करना चाहते हो..? क्या आप अपने बच्चों को बीमारी में दवाई ना मिले एसा चाहते हो..? क्या आप चाहते हो कि गरीब को घर ना मिले..? अगर आप ये नहीं चाहते हो तो इन सारी कठिनाइयों से मुक्ति के लिए चुनाव में मतदान करना, आपकी भलाई के लिए मतदान करना..!

भाइयों-बहनों, अब जितने सर्वे आते हैं, सारे सर्वे भा.ज.पा. के पक्ष में आते हैं..! आज जितने सर्वे आ रहे हैं, शिवराज जी की वाहवाही हो रही है, रमण सिंह जी की वाहवाही हो रही है, वसुंधरा जी की वाहवाही हो रही है, हमारे एक-एक राज्य के नेताओं की वाहवाही हो रही है..! चारों तरफ भा.ज.पा. का जयकारा चल रहा है। लोग कहते हैं कि इस बार कश्मीर से कन्यकुमारी, अटक से कटक तक पूरे हिन्दुस्तान में भा.ज.पा. की आंधी है। कार्यकर्ता भाइयों-बहनों, ये बात सुन कर हमें भी आनंद आता है। हम लोग भी गली मौहल्ले में, गाँव में, गरीब के घर जाते हैं और भा.ज.पा. की वाहवाहीं सुनते हैं, तो हमारा भी सीना चौड़ा हो जाता है। लेकिन भाइयों-बहनों, हम बूथ के कार्यकर्ता हैं और मैं संगठन से जुड़ा कार्यकर्ता हूँ, इसलिए मैं कुछ संगठन की बातें भी सार्वजनिक रूप से आपसे कहना चाहता हूँ। आप मुझे कहिए भाइयों-बहनों, आंधी कितनी ही तेज क्यों ना हो, 150-200 किलोमीटर की स्पीड से आंधी चल रही हो, और अगर आप चौराहे पर साइकिल का ट्यूब लेकर खड़े हो जाएं, तो कितनी भी स्पीड से आंधी चलती होगी तो भी साइकिल की हवा भरेगी..? हवा भरने के लिए पंप लगता है कि नहीं लगता है..? भाइयों-बहनों, पोलिंग बूथ में भारतीय जनता पार्टी के हर कार्यकर्ता का इस आंधी को मतपेटी तक ले जाना सबसे प्रमुख काम है। मतपेटी भरेगी कार्यकर्ताओं के पुरूषार्थ से, मतपेटी भरेगी कार्यकर्ताओं के संपर्क से, मतपेटी भरेगी कार्यकर्ताओं के प्रति सामान्य मानवी के विश्वास से..!

भाइयों-बहनों, इस देश में महात्मा गांधी की चर्चा सबने की। आए दिन महात्मा गांधी के नाम की चर्चा हर ओर होती है। लेकिन महात्मा गांधी का एक सपना अधूरा रह गया है। महात्मा गांधी की एक इच्छा को अभी पूरा कर बाकी है। करेंगे भइया..? दोनों हाथ ऊपर करके पूरी ताकत से बताइए, क्या महात्मा गांधी की इच्छा पूरी करेंगे..? महात्मा गांधी का सपना पूरा करेंगे..? महात्मा गांधी की इच्छा परिपूर्ण करेंगे..? आपने पूछा तो नहीं कि क्या इच्छा थी भाई, ऐसे ही हाँ कह दिया..? भाइयो-बहनों, महात्मा गांधी की जीवन के अंतकाल में एक इच्छा थी कि इस देश में से कांग्रेस को बिखेर दिया जाए..! महात्मा गांधी की इच्छा थी कि हिन्दुस्तान से कांग्रेस को खत्म कर दिया जाए..! लेकिन कांग्रेस के लोगों ने महात्मा गांधी की ये इच्छा पूरी नहीं की। महात्मा गांधी की इच्छा पूरी करने का जिम्मा ये लाखों कार्यकर्ताओं, हमारे सिर पर है..! करेंगे..? भाइयों-बहनों, आज महात्मा गांधी का सपना पूरा करने का मतलब होता है, कांग्रेस मुक्त हिन्दुस्तान..! इस देश को कांग्रेस से मुक्त करना है, कांग्रेस के वर्क कल्चर से मुक्त करना है, कांग्रेस के कारनामों से मुक्त करना है, कांग्रेसी करप्शन से मुक्त करना है, भाई-भतीजेवाद से मुक्त करना है..! लोकतंत्र को सही रूप मे प्रतिस्थापित करने के लिए महात्मा गांधी के सपने को पूरा करने का काम करना है। और अगर हिन्दुस्तान को कांग्रेस से मुक्त बनाना है, तो भाइयों-बहनों, हमारा काम है हमारे पोलिंग बूथ को कांग्रेस मुक्त पोलिंग बूथ बनाना..! यहाँ पचास हजार से अधिक पोलिंग बूथ के कार्यकर्ता मेरे सामने बैठे हैं, जहाँ जहाँ मेरी नजर पहुंच रही है मुंड ही मुंड नजर आ रहे हैं..! भाइयों-बहनों, यहाँ से संकल्प करिए कि हम हमारे पोलिंग बूथ को, हम हमारे गाँव को, हम हमारे नगर को, हम हमारे तहसील को, हम हमारे जिले को, हम हमारे राष्ट्र को, हम सब मिल कर के हिन्दुस्तान को कांग्रेस मुक्त हिन्दुस्तान बनाएंगे और उसका प्रारंभ हम हमारे पेालिंग बूथ से करेंगे, हर पोलिंग बूथ को कांग्रेस से मुक्त करवाएंगे, इस संकल्प को लेकर के जाएं..!

भाइयों-बहनों, दो मुट्ठी बंद करके हाथ ऊपर करके मैं एक नारा बुलवाता हूँ, आप उसको जरूर बोलें..! मैं कहूंगा, पंडित दीनदयाल उपाध्याय..., आप सब बोलिए, अमर रहे, अमर रहे..! आवाज पूरे हिन्दुस्तान में पहुंचनी चाहिए, दोस्तों..!

पंडित दीनदयाल उपाध्याय... अमर रहे, अमर रहे..!

पंडित दीनदयाल उपाध्याय... अमर रहे, अमर रहे..!

पंडित दीनदयाल उपाध्याय... अमर रहे, अमर रहे..!

भारत माता की जय..!  भारत माता की जय..!  भारत माता की जय..!

वंदे मातरम्..!  वंदे मातरम्..!  वंदे मातरम्..!

वंदे मातरम्..!  वंदे मातरम्..!

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Text of PM’s address at Khel Mahakumbh in Jaipur
February 05, 2023
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“Victory is ensured when there is learning involved”
“The youth of Rajasthan always come ahead of the rest when it comes to the security of the nation”
“The successful organisation of Jaipur Mahakhel is the next important link towards India’s efforts”
“The country is forging new definitions and creating a new order in the Amrit Kaal”
“The Sports Budget of the country has increased almost three times since 2014”
“Sports universities are being set up in the country, and big events like Khel Mahakumbh are also being organised in a professional manner”
“Our government is attentive that no youth should be left behind due to lack of money”
“You will be fit, only then you will be superhit”
“Rajasthan's Shree Anna-Bajra and Shree Anna-Jwar are the identity of this place”
“Today's youth does not want to remain confined to just one field due to their multi-talented and multi-dimensional capabilities”
“Sports is not just a genre, but an industry”
“When efforts are made wholeheartedly, results are assured”
“The next gold and silver medalists for the country will emerge from among you”

जयपुर ग्रामीण के सांसद और हमारे सहयोगी भाई राज्यवर्धन सिंह राठौड़, सभी खिलाड़ी, कोच गण और मेरे युवा साथियों!

सबसे पहले तो जयपुर महाखेल में मेडल जीतने वाले, इस प्रतियोगिता में शामिल होने वाले प्रत्येक खिलाड़ी, कोच और उनके परिजनों को बहुत-बहुत बधाई। आप सब जयपुर के खेल मैदान में केवल खेलने के लिए नहीं उतरे। आप जीतने के लिए भी उतरे, और सीखने के लिए भी उतरे। और, जहां सीख होती है, वहाँ जीत अपने आप सुनिश्चित हो जाती है। खेल के मैदान से कभी कोई खिलाड़ी, खाली हाथ नहीं लौटता।

साथियों,

अभी हम सभी ने कबड्डी के खिलाड़ियों का शानदार खेल भी देखा। मैं देख रहा हूं, आज के इस समापन समारोह में कई ऐसे चेहरे मौजूद हैं जिन्होंने खेलों में अंतराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन किया है। एशियन गेम्स के मेडलिस्ट राम सिंह दिख रहे हैं, ध्यानचंद खेल रत्न से सम्मानित पैरा एथलीट भाई देवेंद्र झांझड़िया दिख रहे हैं, अर्जुन अवॉर्डी साक्षी कुमारी और अन्य सीनियर खिलाड़ी भी हैं। यहां आए खेल जगत के इन सितारों को जयपुर ग्रामीण के खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते देख मुझे बड़ी प्रसन्नता हो रही है ।

साथियों,

आज देश में खेल प्रतिस्पर्धाओं और खेल महाकुंभों का जो सिलसिला शुरू हुआ है, वो एक बड़े बदलाव का प्रतिबिंब है। राजस्थान की धरती तो अपने युवाओं के जोश और सामर्थ्य के लिए ही जानी जाती है। इतिहास गवाह है, इस वीर धरा की सन्तानें रणभूमि को भी अपने शौर्य से खेल का मैदान बना देती हैं। इसलिए, अतीत से लेकर आज तक, जब भी देश की रक्षा की बात आती है तो राजस्थान के युवा कभी किसी के पीछे नहीं होते हैं। यहाँ के युवाओं के इस शारीरिक और मानसिक सामर्थ्य को विकसित करने में राजस्थानी खेल परम्पराओं का बड़ा योगदान रहा है। सैकड़ों वर्षों से मकर संक्रांति पर आयोजित होने वाला खेल 'दड़ा',‘दड़ा’ हो, या बचपन की यादों से जुड़े तोलिया, रूमाल झपट्टा, जैसे परंपरागत खेल हों, ये राजस्थान की रग-रग में रचे बसे हैं। इसीलिए, इस राज्य ने देश को कितनी ही खेल प्रतिभाएं दीं हैं, कितने ही मेडल्स देकर तिरंगे की शान को बढ़ाया है, और आप जयपुर वालों ने तो आपने तो सांसद भी ओलंपिक पदक विजेता चुना है। मुझे खुशी है कि, राज्यवर्धन सिंह राठौड़ जी उनको देश ने जो दिया है, उसे वो 'सांसद खेल स्पर्धा' के जरिए नई पीढ़ी को लौटाने का काम कर रहे हैं। हमें इन प्रयासों को और विस्तार देना है, ताकि इसका प्रभाव और भी व्यापक हो। 'जयपुर महाखेल' का सफल आयोजन हमारे ऐसे ही प्रयासों की अगली कड़ी है। इस वर्ष 600 से ज्यादा टीमों का, साढ़े 6 हजार युवाओं का इसमें भाग लेना, इसकी सफलता का प्रतिबिंब है। मुझे बताया गया है कि इस आयोजन में बेटियों की भी सवा सौ से ज्यादा टीमों ने हिस्सा लिया हैं। बेटियों की ये बढ़ती हुई भागीदारी, एक सुखद संदेश दे रही है।

साथियों,

आजादी के इस अमृतकाल में, देश नई-नई परिभाषाएं गढ़ रहा है, नई व्यवस्थाओं का निर्माण कर रहा है। देश में आज पहली बार खेलों को भी सरकारी चश्मे से नहीं, बल्कि खिलाड़ियों की नज़र से देखा जा रहा है। मैं जानता हूं, युवा भारत की युवा पीढ़ी के लिए असंभव कुछ भी नहीं है। युवाओं को जब सामर्थ्य, स्वाभिमान, स्वावलंबन, सुविधा और संसाधन की शक्ति मिलती है, तो हर लक्ष्य आसान हो जाता है। देश की इस अप्रोच की झलक इस बार के बजट में भी दिखाई दे रही है। इस बार देश के बजट में खेल विभाग को करीब 2500 करोड़ रुपए का बजट मिला है। जबकि 2014 से पहले खेल विभाग का बजट आठ सौ, साढ़े आठ सौ करोड़ रुपए के आसपास ही रह जाता था। यानि 2014 के मुकाबले देश के खेल विभाग के बजट में लगभग तीन गुना बढोतरी हुई है। इस बार, अकेले 'खेलो इंडिया' अभियान के लिए ही 1 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा बजट दिया गया है। ये पैसा खेल से जुड़े हर क्षेत्र में संसाधनों और सुविधाओं का निर्माण करने की दिशा में काम आएगा।

साथियों,

पहले देश के युवाओं में खेल का जज्बा तो होता था, प्रतिभा भी होती थी, लेकिन अक्सर संसाधन और सरकारी सहयोग की कमी हर बार आड़े आ जाती थी। अब हमारे खिलाड़ियों की इस चुनौती का भी समाधान किया जा रहा है। मैं आपको इस जयपुर महाखेल का ही उदाहरण दूंगा। जयपुर में ये आयोजन बीते 5-6 वर्षों से चल रहा है। ऐसे ही देश के कोने-कोने में भारतीय जनता पार्टी के सांसद अपने-अपने क्षेत्रों में खेल महाकुंभों का आयोजन करवा रहे हैं। इन सैकड़ों खेल महाकुंभों में हजारों युवा, हजारों प्रतिभावान खिलाड़ी अलग-अलग खेलों में भाग ले रहे हैं। सांसद खेल महाकुंभ की वजह से देश की हजारों नई प्रतिभाएं उभरकर सामने आ रही हैं।

साथियों,

ये सब इसलिए मुमकिन हो पा रहा है क्योंकि केंद्र सरकार अब जिला स्तर और स्थानीय स्तर तक स्पोर्ट्स फैसिलिटीज़ बना रही है। अब तक देश के सैकड़ों जिलों में लाखों युवाओं के लिए स्पोर्ट्स इनफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया गया है। राजस्थान में भी केंद्र सरकार द्वारा अनेक शहरों में स्पोर्ट्स इंफ्रा का निर्माण हो रहा है। आज देश में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटीज़ भी बन रहीं हैं, और खेल महाकुंभ जैसे बड़े आयोजन भी प्रोफेशनल तरीके से हो रहे हैं।

इस बार नेशनल स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी को भी अधिकतम बजट प्रदान किया गया है। हमारा प्रयास है कि स्पोर्ट्स मैनेजमेंट और स्पोर्ट्स टेक्नोलॉजी से जुड़ी हर विद्या को सीखने का माहौल बने। जिससे युवाओं को इस क्षेत्र में करियर बनाने का अवसर मिलेगा।

साथियों,

पैसे की कमी के कारण कोई युवा पीछे न रह जाए, इस पर भी हमारी सरकार का ध्यान है। बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को केंद्र सरकार अब सालाना 5 लाख रुपए तक की मदद करती है। प्रमुख खेल पुरस्कारों में दी जाने वाली राशि भी तीन गुना तक बढ़ा दी गई है। ओलंपिक जैसी बड़ी वैश्विक प्रतियोगिताओं में भी अब सरकार पूरी शक्ति से अपने खिलाड़ियों के साथ खड़ी रहती है। टॉप्स TOPS टॉप्स जैसी स्कीम के जरिए वर्षों पहले से खिलाड़ी ओलंपिक की तैयारी कर रहे हैं।

साथियों,

खेल में आगे बढ़ने के लिए किसी भी खिलाड़ी के लिए सबसे जरूरी होता है- अपनी फ़िटनेस को मेनटेन रखना। आप फिट होंगे, तभी सुपरहिट होंगे। और, फ़िटनेस तो जितनी खेल के ही मैदान में जरूरी होती है, उतनी ही ज़िंदगी के मैदान में भी जरूरी होती है। इसीलिए, आज खेलो इंडिया के साथ-साथ देश के लिए फिट इंडिया भी एक बड़ा मिशन है। हमारी फ़िटनेस में बहुत बड़ी भूमिका हमारे खान-पान की, हमारे पोषण की भी होती है। इसलिए, मैं आप सबसे एक ऐसे अभियान की चर्चा भी करना चाहता हूँ, जिसकी शुरुआत तो भारत ने की, लेकिन अब वो एक ग्लोबल कैम्पेन बन गया है। आपने सुना होगा, भारत के प्रस्ताव पर यूनाइटेड नेशंस UN वर्ष 2023 को इंटरनेशनल मिलेट ईयर के तौर पर मना रहा है। और राजस्थान तो मिलेट्स यानी, मोटे अनाजों की एक बेहद समृद्ध परंपरा का घर है। और अब देशव्यापी उसकी पहचान बने इसलिए ये मोटे अनाज को श्री अन्न इस नाम से लोग जाने यह बहुत आवश्यक है। इस बार बजट में भी इस बात का उल्लेख किया गया है। ये सुपर फुड है, ये श्री अन्न है। और इसलिए राजस्थान का श्री अन्न- बाजरा, श्री अन्न- ज्वार, ऐसे अनेक मोटे अनाज ये श्री अन्न के नाम के साथ अब जुड़ गए हैं, उसकी पहचान है। और ये कौन नहीं जानता जो राजस्थान को जानता है। ये हमारे राजस्थान का बाजरे का खीचड़ा और चूरमा क्या कोई भूल सकता हैं क्या? मेरा आप सभी युवाओं से विशेष आवाहन होगा, आप अपने खाने में श्री अन्न, श्री अन्न यानी कि मोटे अनाजों को तो शामिल करें। इतना ही नहीं स्कूल, कॉलेज युवा पीढ़ी में खुद ही उसके ब्रांड एंबेसडर बन करके लग पड़िए ।

साथियों,

आज का युवा केवल एक क्षेत्र में सिमटकर नहीं रहना चाहिए। वो multi-talented भी है, और multi-dimensional भी है। देश भी इसीलिए युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए काम कर रहा है। एक ओर युवाओं के लिए आधुनिक स्पोर्ट्स इनफ्रास्ट्रक्चर बन रहा है, तो साथ ही बच्चों और युवाओं के लिए नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी का भी प्रस्ताव इस बजट में किया गया है। नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी के जरिए विज्ञान, इतिहास, समाजशास्त्र, संस्कृत जैसी भाषाएं हर विषय की किताबें शहर से गाँव तक, हर स्तर पर डिजिटली उपलब्ध होंगी। ये आप सबके लर्निंग एक्सपिरियन्स को नई ऊंचाई देगा, सारे resources आपके कम्प्युटर और मोबाइल पर उपलब्ध करवाएंगे।

साथियों,

स्पोर्ट्स केवल एक विद्या ही नहीं है, स्पोर्ट्स एक बहुत बड़ी इंडस्ट्री भी है। स्पोर्ट्स से जुड़ी चीजें और संसाधान बनाने से बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार भी मिलता है। ये काम ज़्यादातर हमारे देश में लघुउद्योग MSMEs करती हैं। इस बार बजट में स्पोर्ट्स सेक्टर से जुड़ी MSMEs को मजबूत करने के लिए भी कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ हुईं हैं। मैं आपको एक और योजना के बारे में बताना चाहता हूं। ये योजना है- पीएम विश्वकर्मा कौशल सम्मान यानि पीएम विकास योजना। ऐसे लोग जो अपने हाथ के कौशल से, हाथ द्वारा चलाए जाने वाले औजारों से स्वरोजगार करते हैं, सृजन करते हैं, निर्माण करते हैं उन्हें ये योजना बहुत मदद करेगी। उन्हें आर्थिक सहयोग से लेकर उनके लिए नए बाजार बनाने तक, हर तरह की मदद, पीएम विश्वकर्मा योजना द्वारा दी जाएगी। हमारे युवाओं के लिए ये भी रोजगार के, स्वरोजगार के बड़े अवसर बनाएगी।

साथियों,

जहां प्रयास पूरे मन से होते हैं, वहाँ परिणाम भी सुनिश्चित होते हैं। देश ने प्रयास किए, परिणाम हमने टोक्यो ओलंपिक्स में देखा, कॉमनवेल्थ खेलों में देखा। जयपुर महाखेल में भी आप सबके प्रयास भविष्य में ऐसे ही शानदार परिणाम देंगे। आपसे ही देश के लिए अगले गोल्ड और सिल्वर मेडलिस्ट निकलने वाले हैं। आप अगर ठान लेंगे, तो ओलंपिक्स तक में तिरंगे की शान बढ़ाएँगे। आप जिस क्षेत्र में जाएंगे, वहाँ देश का नाम रोशन करेंगे। मुझे विश्वास है, हमारे युवा देश की कामयाबी को बहुत आगे तक लेकर के जाएंगे। इसी भावना के साथ, आप सभी का बहुत बहुत धन्यवाद। बहुत-बहुत शुभकामनाएं।