मंच पर विराजमान भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष, हम सबके मार्गदर्शक आदरणीय राजनाथ सिंह जी, गुजरात प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष श्रीमान आर. सी. फलदू जी, श्रीमान रूपाला जी, श्री वी. सतीश जी, कैप्टन अभिमन्यु जी, अमितभाई शाह, स्मृति बहन, मंत्री परिषद के मेरे सभी साथी, संसद सदस्य श्री, पार्टी के सभी वरिष्ठ साथी और गुजरात के कोने-कोने से आए हुए पार्टी के सभी कार्यकर्ता भाइयों और बहनों..!

ज 6 अप्रैल है। भारतीय जनता पार्टी के रुप में हमारी विकास यात्रा के 32 वर्ष पूर्ण हो करके 33 वें वर्ष में हम लोग प्रयाण कर रहे हैं। भाइयों-बहनों, 33 वर्ष की यात्रा पूरे हिन्दुस्तान के अंदर एक नई आशा को जन्म देने वाली यात्रा है। भारतीय जनता पार्टी का जन्म उस समय हुआ था जब कुछ निजी स्वार्थ वाले तत्व अपने निहित स्वार्थ के खातिर नए नए सवाल उठा कर के देश में कोई आल्टरनेट पनपे नहीं उस षडयंत्र के शिकार हुए थे। एक सौ से ज्यादा सदस्य वाले सदन में आए दिन भारतीय जनता पार्टी को अपमानित करने का प्रयास होता था। लोकतंत्र की मर्यादाओं को तोड़ा जाता था और उस पीड़ा में से, उस दर्द में से सत्ता के मार्ग को छोड कर के जनता के बीच जाने का फैसला भारतीय जनता पार्टी ने लिया था और तब से हमारे वरिष्ठ नेताओं के नेतृत्व में, कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम से इस पार्टी ने जनसामान्य की आशा-आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए प्रयास प्रारंभ किया था। भारतीय जनता पार्टी का जन्म सत्ता भूख में से नहीं हुआ है, भारतीय जनता पार्टी का जन्म सत्ता के दलालों की भलाई करने के लिए नहीं हुआ है। इस पार्टी का जन्म देश के कोटी-कोटी नागरिकों के भाग्य को बदलने के लिए हुआ है, कल्याण के लिए हुआ है। और जब कोई अच्छा काम करता है तो रूकावटें भी कम नहीं आती है। भाइयों-बहनों, कभी मैं केरल की तरफ देखता हूँ। क्या कारण है कि साम्यवादियों के लगातार हमलों के बावजूद भी, हमारे सैंकड़ों कार्यकर्ताओं को मौत के घाट उतारने के बावजूद भी, चाहे केरल हो या बंगाल हो भारतीय जनता पार्टी का कार्यकर्ता जीत मिले या ना मिले, जिंदगी खपा देने में कभी कमी नहीं रखता..! क्या कारण है कि सत्ता के गलियारों से दूर-दूर का नाता नहीं होने के बावजूद भी, एक भारत माता की जय के लिए अपना जीवन न्यौछावर करने वाले लक्षावती लोग आज भारतीय जनता पार्टी का कमल का झंडा उठा कर के चल रहे हैं..!

मैं दिल्ली में बैठे हुए शासकों को चेतावनी देता हूँ कि अगर आप सोचते हैं कि आपकी सी.बी.आई. के हमले भारतीय जनता पार्टी को निराश करेंगे, तो आप सोचने में गलती कर रहे हैं। आपको लगता है कि अपने गर्वनरों के माध्यम से आप भारतीय जनता पार्टी की सरकारों को परेशान करोगे, तो आप लिख कर रखिए, जहाँ भाजपा की सरकारें हैं, वहाँ की जनता दिल्ली सरकार के और काँग्रेस पार्टी के इस रवैये का चुन-चुन के जवाब देती है और देती रहेगी..! सारी संवैधानिक संस्थाओं को भारतीय जनता पार्टी की सरकारो को परेशान करना, भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं को परेशान करना, भारतीय जनता पार्टी के दल को परेशानियों में डालना, इसी के लिए उपयोग में लाया जाता है। कांग्रेस के मित्रों, ये दिल्ली में आपकी सत्ता का नशा लंबे दिनों तक रहने वाला नहीं है..!

भाइयों-बहनों, कांग्रेस में और भारतीय जनता पार्टी में बहुत बड़ा अंतर है। भारतीय जनता पार्टी की सोच और कांग्रेस पार्टी की सोच के बीच कभी कोई मेल नहीं हो सकता। भाजपा के चरित्र और कांग्रेस के चरित्र की कभी कोई तुलना नहीं कर सकता। भाइयो-बहनों, कांग्रेस जिन पर आस लगा कर बैठी है, जिनके शब्द कांग्रेस की नीति माने जाते हैं, ऐसे एक नेता का मैंने दो दिन पूर्व मैंने एक भाषण सुना। मित्रों, मुझे बहुत गहरा धक्का लगा, मन को एक पीड़ा हुई के क्या ये लोग देश के विषय में ऐसा सोचते हैं..? भाइयों-बहनों, कांग्रेस के एक नेता कह रहे हैं और कांग्रेस पार्टी की सोच को प्रकट कर रहे हैं कि ये भारत देश मधुमक्खियों का छत्ता है। मेरे कांग्रेस के मित्रों, आपके लिये ये देश मधुमक्खी का छाता हो सकता है, हमारे लिए ये देश हमारी माँ है..! ये भारत हमारी माता है, इसके सौ करोड देशवासी हमारे भाई-बहन हैं..! ये पवित्र भूमि है, ये ऋषि-मुनियों की भूमी है। अटल बिहारी वाजपेयी कहा करते थे कि यहाँ का कंकर-कंकर हमारे लिए शंकर है। अटल बिहारी बाजपेयी कहा करते थे कि गंगा जी में बहती हुई हमारी हड्डी को कान में लाकर सुनोगे तो उस हड्डी में से भी आवाज आएगी, भारत माता की जय..! ये हमारे संस्कार है। हमारे लिए ये माँ है माँ..! इस माँ की पीड़ा हम देख नहीं सकते हैं। ये हमारी माँ है, जिसके संतानों का दु:ख-दर्द हमारी चिंता का कारण है। आपके लिए ये मधुमक्खी का छाता हो सकता है, हमारे लिए तो हमारी माँ है..! और मेहरबानी करके कांग्रेस के मित्रों, हमारी भारत माता का अपमान मत करो..! आपको अगर हिन्दुस्तान के लोगों की भाषा समज नहीं आती है तो कहीं से सीखा करो, लेकिन आपके अज्ञान के कारण मेरे देश की संस्कृति और परंपरा को बर्बाद करने का पाप मत करो..! भाइयो और बहनों, मैं कभी किसी नेता के भाषण पर समय बर्बाद नहीं करता, क्योंकि वो ध्यान देने योग्य होते भी नहीं हैं। लेकिन जब हमारी भावनाओं पर चोट पहुंचाई जाती है तब इस माँ के कल्याण के लिए जीवन खपाने वाले लक्षावती कार्यकर्ता को पीड़ा होनी बहुत स्वाभाविक है।

भाइयों-बहनों, मैं हैरान हूँ..! इस देश में पानी की समस्या है इसका देश के नेताओं को अता-पता भी नहीं है। आप पर हमें दया आती है..! हमारे गुजरात कांग्रेस के नेता पानी को लेकर के गुजरात के किसानों को, गुजरात के नागरिकों को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं। मैं कांग्रेस के मित्रों को प्रार्थना करता हूँ, आवाहन भी करता हूँ कि अगर आपको गुजरात के किसानों की इतनी चिंता है, अगर आपको गुजरात के गांव में पानी की चिंता है और सच्चे दिल से चिंता है तो आप समय बर्बाद किये बिना दिल्ली की आपकी सरकार पर दबाव डालो और सरदार सरोवर डेम की ऊंचाई का काम जो रुका हुआ है, उसको पहले पूरा करो..! मेरे पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं, गाँव-गाँव से आवाज उठनी चाहिए, नर्मदा डैम को पूर्ण करने के लिए अब हम ज्यादा इंतजार नहीं करेंगे..! हम दिल्ली के तख्त के साथ लड़ाई लड़ेंगे और कांग्रेस के लोगों को हर गली-मौहल्ले में जवाब देना पड़ेगा।

भाइयो-बहनों, कांग्रेस पार्टी से सुधरने की अपेक्षा मत करना, वो कभी नहीं सुधर सकते..! इस चुनाव में गुजरात की जनता ने जिस प्रकार से कांग्रेस पार्टी को सजा दी है, जिस प्रकार से उनके एक-एक दिग्गज नेताओं को गुजरात की जनता ने परास्त कर दिया है... जिस भाषा का पिछले पांच साल से वे प्रयोग कर रहे थे, जिस झूठ के सहारे गुजरात की जनता को गुमराह करने का रात-दिन प्रयास रहे थे, जिस गंदी गालियों का उपयोग किया जा रहा था... गुजरात की जनता ने उस भाषा को बोलने वालों को चुन-चुन कर साफ कर दिया। आशा थी कि वे समझेंगे, सुधरेंगे और लोकतंत्र की मार्यादाओं का पालन करेंगे, लेकिन भाइयों और बहनों, इस सरकार को अभी तो कल 101 दिन हुए हैं, लेकिन 100 दिन भी वे इंतजार करने को तैयार नहीं हैं, उनकी मन:स्थिति क्या होगी इसका आप अंदाजा लगा सकते हो..!

भाइयों-बहनों, भारतीय जनता पार्टी विकास के मंत्र को लेकर चली है। आज गुजरात की धरती पर हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष पधारे हैं तब मैं गुजरात की जनता की ओर से उनसे कहना चाहता हूँ कि आज चारों तरफ आपने इतना बड़ा दिल बताया है, सार्वजनिक जीवन में इतनी ऊंचाई का अनुभव करवाया है, मेरे जैसे छोटे कार्यकर्ता को आपने बहुत बड़ा बड़प्पन दिया है। भाइयों-बहनों, राजनीति में ये छोटी घटना नहीं होती है। अपने साथी को इस ऊंचाई तक ले जाने के लिए बहुत बड़ा दिल लगता है..! लेकिन मैं आज कहना चाहता हूँ कि आपने जो मुझ मान-सम्मान दिया है, आपने जो मेरी इज्जत की है, देश भर के कार्यकर्ताओं के दिलों में मेरी जगह बनाने के लिए आपने कोई कसर नहीं छोड़ी है, लेकिन ये यश भले ही मोदी को मिलता होगा, नाम भले ही मोदी का लिया जाता होगा, लेकिन इस यश के हकदार ये सारे मेरे भाई-बहन हैं, मेरे कार्यकर्ता हैं..! मेरे कार्यकर्ता भाइयों-बहनों, आपने परिश्रम ना किया होता, आपने विकास में विश्वास ना किया होता, आपने इस देश की भलाई के मंत्र को चरित्रार्थ ना किया होता, तो नरेन्द्र मोदी को कौन पहचानने वाला था..? ये पहचान आपके कारण बनी है, आपके पुरषार्थ के कारण बनी है, आपके त्याग और तपश्चर्या के कारण बनी है। और आज जब भारतीय जनता पार्टी का जन्म दिन है मैं आप सब का अभिनंदन करता हूँ, आप सबको वंदन करता हूँ..! मेरे कार्यकर्ता भाइयो-बहनों, मैंने पहले ही दिन जब से कार्य संभाला है, उस दिन से मैंने कहा है, आज मैं दोबारा दोहराता हूँ कि मैं परिश्रम में कोई कमी नहीं रखूँगा, मैं बद इरादे से कोई पाप नहीं करूंगा..! भाइयों-बहनों, जब मैं कहता हूँ कि इंडिया फर्स्ट, तो उस लक्ष्य से, उस मार्ग से भारतीय जनता पार्टी कभी चलित नहीं हो सकती। हमारे लिए दल से बड़ा देश है। हम देश के लिए जीने-मरने वाले लोग हैं। गली-मौहल्ले में भी काम करेंगे लेकिन भारत माता के लिए करेंगे। हम गुजरात की सेवा करते हैं लेकिन हमारा तो मंत्र है, ‘भारत के विकास के लिए गुजरात का विकास’..! हम सबको इस माँ भारती के कल्याण के लिए, निराशा की गर्त में डूबे हुए सामाज में एक नया विश्वास पैदा करने के लिए अपने इस कार्य को हमें करते रहना है।

भाइयो-बहनों, भारतीय जनता पार्टी आज पूरे देश में एक आशा की किरण बनी हुई है। और ये बात पॉलिटिकल पंडित हैं वो जानें। पॉलिटिकल पार्टीयों का जन्म होने के बाद अस्सी-अस्सी साल तक उन्हें सत्ता स्थान पर पहुंचने का मौका नहीं मिला हो, ऐसे दुनिया में कई उदाहरण हैं। ये भारतीय जनता पार्टी है। इतना बड़ा देश, इतना बड़ा लोकतंत्र, लेकिन जन्म से जवानी की यात्रा पूरी होने से पहले तक पहुंचते-पहुंचते, इस देश की जनता ने अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में हमें सेवा करने का मौका दिया था। इंग्लैंड की लेबर पार्टी को अस्सी साल तक मौका नहीं मिला था। भारतीय जनता पार्टी को जन्म से जवानी की यात्रा पूरी होने से पहले देश की जनता ने उस पर अमी वर्षा कर दी थी। आप कल्पना कर सकते हो कि लोग कांग्रेस से कितने तंग आ गए हैं, लोग देश की तबाही से कितने तंग आ चुके हैं..! और तब जा करके भाइयो-बहनों, भारत माँ का भाग्य बदलना ये भारतीय जनता पार्टी के हर कार्यकर्ता का दायित्व है। स्वामी विवेकानंद जी की स्मृती में हम ये 150 वां वर्ष मना रहे हैं। विवेकानंद जी का सपना पूरा करने के लिए देशवासियों को बाहर से नई प्रेरणा की जरूरत नहीं है। विवेकानंद जी के शब्द काफी है, विवेकानंद जी का संदेश काफी है, विवेकानंद जी का जीवन काफी है..! उससे प्रेरणा लेकर के एक नए उमंग और विश्वास के साथ आगे बढ़ना है।

भाइयो-बहनों, आज भारतीय जनता पार्टी जहाँ भी पहुँची है, गुजरात में भारतीय जनता पार्टी ने जो स्थिति पैदा की है वो किसी एक व्यक्ति के कारण नहीं है। पीढ़ियाँ की पीढ़ियाँ बीत गई, परिवार के परिवार इस पार्टी के लिए खप गए हैं। एक जमाना था, अगर मंहगाई के लिए भाजपा के कार्यकर्ता जुलूस निकालते थे तो 21-21 दिन की सजा हुआ करती थी। पूरा परिवार 21-21 दिन तक गुजरात की जेलों में रहने के लिए मजबूर हुआ करता था। ऐसे अनेक कार्यकर्ताओं के परिश्रम के कारण ये पार्टी यहाँ पहुँची है। इस पार्टी को यहाँ तक पहुँचाने वाले, अपने परिवारों को खपा देने वाले, अपनी जवानी को खपा देने वाले उन लक्षावधी कार्यकर्ताओं का मैं आज पुण्य स्मरण करता हूँ, उनका अभिनंदन करता हूँ, उनको वंदन करता हूँ..!

भाइयो-बहनों, एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम आज हमको करना है। हम यहाँ से संकल्प लेकर के जाने वाले हैं। हमारे पार्टी के पूर्व अध्यक्ष श्रीमान् रूपाला जी हम सबको एक संकल्प दिलाने वाले हैं। लेकिन इस संकल्प की भी एक विशेषता है। हमारे हाथ में एक मोमबत्ती दी गई है, जो जलानी है। जब मोमबत्ती जलाएंगे तो ये सारी रोशनी बंद होने वाली है। भाइयों-बहनों, ये प्रकाश की ओर जाने का संदेश है और घर-घर, गाँव-गाँव कमल खिलाने का संदेश है। और जो लोग भारतीय जनता पार्टी को दिन-रात गाली देते हैं, नई-नई डिक्शनरी के शब्द निकालते हैं वे कान खोल कर के सुन लें, आप भारतीय जनता पार्टी पर जितना ज्यादा कीचड़ उछालोगे कमल उतना ही ज्यादा खिलने वाला है। उस कमल के संदेश को ले कर के आईये भाइयो-बहनों, आज अपनी पार्टी के 33 वर्ष की यात्रा का गौरव करते हुए एक नई यात्रा का शुभ संकल्प करके चलें। मेरी आप सब से प्रार्थना है कि आप सबको जो मोमबत्ती दी गई है उसको जलाया जाए और यहाँ की व्यवस्था वालों से मेरी प्रार्थना है कि स्टेडियम में और लाइटें बंद करके इस नजारे का अनुभव किया जाए और जब तक ये विधि पूरी नहीं होती है, हम अपना स्थान छोड़ेगें नहीं, हम जाएंगे नहीं। मेरे साथ बोलिए -

भारत माता की जय..!

भारत माता की जय..!

भारत माता की जय..!

Explore More
শ্রী রাম জন্মভূমি মন্দিরের ধ্বজারোহণ উৎসবে প্রধানমন্ত্রীর বক্তব্যের বাংলা অনুবাদ

জনপ্রিয় ভাষণ

শ্রী রাম জন্মভূমি মন্দিরের ধ্বজারোহণ উৎসবে প্রধানমন্ত্রীর বক্তব্যের বাংলা অনুবাদ
Chandrababu Naidu writes: 12 years on, leadership that endured, India that emerged

Media Coverage

Chandrababu Naidu writes: 12 years on, leadership that endured, India that emerged
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
দমনে বিভিন্ন প্রকল্পের ভিত্তিপ্রস্তর স্থাপন/উদ্বোধন অনুষ্ঠানে প্রধানমন্ত্রীর ভাষণের বঙ্গানুবাদ
June 05, 2026
The launch of projects across healthcare, aviation, tourism and infrastructure marks a new development push for Daman that will transform lives across the UT: PM
The data released today reflects the strength of India's economy, with growth of 7.7% in FY 2025–26 and 7.8% in the quarter ending March 31: PM
Even amid severe global challenges, the collective efforts of 1.4 billion Indians have ensured that India is not only sustaining itself but also staying ahead of the curve: PM
The National Family Health Survey clearly reflects the government's focus on healthcare. While most deliveries in India earlier took place outside hospitals, today over 90% of all deliveries occur in hospitals: PM
Thanks to Mission Indradhanush, child immunization coverage in India has risen from 60% before 2014 to nearly 90% today: PM

ভারত মাতা কি জয়!

ভারত মাতা কি জয়!

দাদরা ও নগর হাভেলি, দমন ও দিউ-এর প্রশাসক প্রফুল ভাই প্যাটেল, সংসদে আমার সহকর্মী কালাবেন দেলকর, দমন পৌর পরিষদের সভাপতি দীপিকা তান্ডেল জি, দমন জেলা পঞ্চায়েতের চেয়ারম্যান ধর্ম বাবু প্যাটেল, সিলভাসা পৌর পরিষদের চেয়ারম্যান সোমনাথ দেবরে জি, দাদরা নগর হাভেলি জেলা পঞ্চায়েতের চেয়ারপার্সন নিশা ভাবসার জি, দিউ পৌর পরিষদের চেয়ারম্যান হরিশ কাপাদিয়া জি, দিউ জেলা পঞ্চায়েতের চেয়ারপার্সন কোটিয়া রঞ্জিতাবেন, এবং এখানে এত বিপুল সংখ্যায় সমবেত আমার প্রিয় ভাই ও বোনেরা,
আপনারা যেমন এখানে সমবেত হয়েছেন, তেমনি লাক্ষাদ্বীপেরও বহু মানুষ ভিডিওর মাধ্যমে আমাদের সঙ্গে যুক্ত আছেন। আজ লাক্ষাদ্বীপে উন্নয়নের এক নতুন সূচনা হয়েছে। লাক্ষাদ্বীপের মানুষের জীবনে বৈপ্লবিক পরিবর্তন আনবে এমন একটি নতুন প্রকল্পেরও উদ্বোধন করা হয়েছে এবং কয়েকটি প্রকল্পের ভিত্তিপ্রস্তর স্থাপন করা হয়েছে।

বন্ধুগণ,

কয়েক বছর আগে, যখন আমি আপনাদের মধ্যে এসেছিলাম, তখন বলেছিলাম যে আমাদের দমন দ্রুত মিনি ইন্ডিয়া হয়ে উঠছে, আর আজ আমি দেখছি, বা-দিকে সমগ্র বাংলা এবং ডান দিকে সমগ্র আসাম। দমন মিনি ইন্ডিয়ার এক জীবন্ত উদাহরণ হয়ে উঠেছে। এখানকার বৈচিত্র্য, বিভিন্ন অঞ্চলের মানুষের বসবাস, আপনাদের মধ্যে সমগ্র ভারতের এক সুন্দর ঝলক তুলে ধরে। আপনারা সকলে এত বিপুল সংখ্যায় আমাদের আশীর্বাদ করতে এসেছেন, এর জন্য আমি আপনাদের সকলকে অনেক ধন্যবাদ জানাই।

ভাই ও বোনেরা,

আমার দমন ও দিউতে বহুবার আসার সুযোগ হয়েছে। আমি দাদরা ও নগর হাভেলিতেও নিয়মিত যাই। আমি যখন মুখ্যমন্ত্রী বা প্রধানমন্ত্রী ছিলাম না, তখনও এখানে বহুবার এসেছি। কিন্তু এখন যখন আমি এখানে এসে সুশাসনের মডেল দেখি, তখন খুব ভালো লাগে। প্রতিবারই আমার মনে হয় যে আগের বারের তুলনায় এই অঞ্চলটি উন্নয়নের পথে বহু মাইল এগিয়ে গেছে।

 

বন্ধুগণ,

দাদরা ও নগর হাভেলি, দমন ও দিউ কয়েক দশক ধরে উন্নয়নের স্বপ্ন দেখেছিল। আগের প্রজন্ম যারা স্বপ্ন দেখেছিলেন, তারা চলে গেছেন। কিন্তু বর্তমান প্রজন্ম নিজেদের চোখে দেখছে যে, তাদের বাবা-মা ও দাদু-ঠাকুমারা যে স্বপ্নগুলো দেখতেন, তা এখন তাদের চোখের সামনেই পূরণ হচ্ছে। আজও এখানে যোগাযোগ, স্বাস্থ্য, শিক্ষা, পর্যটন এবং নগর পরিকাঠামো সম্পর্কিত অনেক প্রকল্পের উদ্বোধন ও ভিত্তিপ্রস্তর স্থাপন করা হয়েছে। এই উন্নয়নমূলক কাজগুলো দমন এবং সমগ্র কেন্দ্রশাসিত অঞ্চলের মানুষের জীবনকে আরও সহজ করে তুলবে। এগুলো যুবকদের জন্য নতুন সুযোগ তৈরি করবে। এই কাজগুলোর পেছনে প্রফুল ভাই প্যাটেলের দূরদৃষ্টি এবং তাঁর ও তাঁর দলের কঠোর পরিশ্রম স্পষ্টভাবে দৃশ্যমান। এর জন্য আমিও প্রফুল ভাই এবং তাঁর পুরো দলকে সাধুবাদ জানাই। আমি লাক্ষাদ্বীপ এবং দাদরা-নগর হাভেলির জনগণকে অনেক অভিনন্দন ও শুভেচ্ছা জানাই।

বন্ধুগণ,

আজ আপনাদের মধ্যে আসার সময় একটি সুখবর পেলাম। আজ সকালেই আমি দিল্লি থেকে রওনা হয়েছিলা। এইমাত্র যে পরিসংখ্যান ও খবরটি এসেছে তা সত্যিই আনন্দদায়ক; আর আমি আপনাদের সঙ্গে এই আনন্দ ভাগ করে নিতে চাই। আজকের এই পরিসংখ্যান স্পষ্টভাবে প্রমাণ করে যে ভারতের অর্থনীতির ভিত্তি কতটা মজবুত। ২০২৫-২৬ সালে - অর্থাৎ যে অর্থবছরটি সদ্য শেষ হলো তাতে—ভারত ৭.৭ শতাংশ প্রবৃদ্ধির হার অর্জন করেছে। এমনকি ৩১শে মার্চ শেষ হওয়া সর্বশেষ ত্রৈমাসিকেও ভারতের প্রবৃদ্ধির হার ছিল ৭.৮ শতাংশ। এর ফলে ভারত বিশ্বের দ্রুততম উন্নয়নশীল বৃহৎ অর্থনীতিতে পরিণত হয়েছে। প্রত্যেক ভারতীয়রই এতে গর্ববোধ করা উচিত। এটাই আমাদের অগ্রগতির গতি। দেশ আজ 'রিফর্ম এক্সপ্রেস'-এর গতিতে এগিয়ে চলেছে। দেশ আজ বিশাল পরিকাঠামোগত উন্নয়ন এবং দরিদ্রদের কল্যাণে ব্যাপক কর্মযজ্ঞ প্রত্যক্ষ করছে। আর এসব প্রচেষ্টারই ফলস্বরূপ, দেশ আজ দ্রুততম  উন্নয়নশীল বৃহৎ অর্থনীতি হিসেবে এগিয়ে যাচ্ছে। আমরা সবাই জানি যে বিশ্ব আজ নানা সংকটে জর্জরিত এবং বিশ্বের বিভিন্ন দেশের অর্থনীতি অনিশ্চয়তার মুখে পড়েছে। কিন্তু বিশ্বব্যাপী এই চরম সংকটের সময়েও ১৪০ কোটি দেশবাসীর সম্মিলিত প্রচেষ্টায় ভারত কেবল নিজের অবস্থানই ধরে রাখেনি, বরং অন্যদের চেয়ে এগিয়েও রয়েছে। অর্থনৈতিক ক্ষেত্রে এই নতুন উচ্চতা অর্জনের জন্য আমি দেশবাসীকে অনেক অনেক অভিনন্দন জানাই। আমি আবারও দেশবাসীকে আশ্বস্ত করছি যে, বিশ্বজুড়ে বিদ্যমান নানা সংকট সত্ত্বেও দেশ দৃঢ় সংকল্প নিয়ে 'রিফর্ম, পারফর্ম এবং ট্রান্সফর্ম'-এর পথে দ্রুত গতিতে এগিয়ে যাবে। দেশবাসীর কাছে এটাই আমার নিশ্চয়তা।

বন্ধুগণ,

আমাদের কাছে এখন উন্নয়নের পাশাপাশি আমাদের উন্নয়ন মডেলটি যাতে টেকসই হয়, তা নিশ্চিত করাও সমান গুরুত্বপূর্ণ। বিশ্ব পরিবেশ দিবসে আজ আমাদের এই কেন্দ্রশাসিত অঞ্চলটি সেই সংকল্পই বাস্তবায়িত করছে। একদিকে যেমন এখানে হাজার হাজার কোটি টাকার উন্নয়ন প্রকল্পের উদ্বোধন ও ভিত্তিপ্রস্তর স্থাপন করা হয়েছে, তেমনই একই সঙ্গে 'মায়ের নামে একটি গাছ' কর্মসূচির আওতায় প্রায় এক লক্ষ চারাগাছও রোপণ করা হচ্ছে। আমি গর্বিত যে, এটি এমন একটি কেন্দ্রশাসিত অঞ্চল যা সরকারি ভবনগুলোতে সৌরশক্তির শতভাগ ব্যবহারের কৃতিত্ব অর্জন করেছে। আজ দিউ-তে দিনের বেলার বিদ্যুতের সম্পূর্ণ চাহিদা কেবল সৌরশক্তি দিয়েই মেটানো হচ্ছে এবং আমাদের এই উদ্যোগকে আরও এগিয়ে নিয়ে যেতে হবে। সৌরশক্তির মাধ্যমে বাড়িঘরেও বিদ্যুৎ পৌঁছানো উচিত। শুধু তাই নয়, উদ্বৃত্ত বিদ্যুৎ থেকে পরিবারগুলোর আয় করার ব্যবস্থাও থাকা প্রয়োজন। এ লক্ষ্যে বাড়ির ছাদে সৌরবিদ্যুৎ কেন্দ্র স্থাপনের উদ্যোগ শুরু হয়েছে। এসব সাফল্য অর্জনের জন্য আমি আপনাদের সবাইকে সাধুবাদ জানাই।

 

বন্ধুগণ,

আমি এটাও জেনেছি যে, আজকাল দমন-এর মানুষজন একটি পরিচ্ছন্নতা অভিযান চালাচ্ছেন। এটি প্রমাণ করে যে পরিচ্ছন্নতা কীভাবে দমন-এর জনজীবনের সংস্কৃতির একটি অবিচ্ছেদ্য অংশ হয়ে উঠেছে এবং সেই সংস্কৃতির প্রতিফলন তাদের পরিচ্ছন্নতা বিষয়ক প্রচেষ্টায় স্পষ্ট। এই ধরনের গণ-অংশীদারিত্বমূলক প্রচেষ্টার জন্য আমি দমন-এর জনগণকে অভিনন্দন জানাই।

বন্ধুগণ,

দাদরা ও নগর হাভেলি এবং দমন ও দিউ - কেন্দ্রশাসিত অঞ্চল হিসেবে ভারতীয় ঐতিহ্যের অংশ। তাই এদের উন্নয়নের জন্য আমাদের লক্ষ্য কোনো সাধারণ বিষয় নয়। আমার মনে আছে, গত বছর যখন আমি সিলভাসায় এসেছিলাম, তখন আপনাদের সিঙ্গাপুরের উদাহরণ দিয়েছিলাম। আমি বলেছিলাম যে, একসময় সিঙ্গাপুর ছিল একটি ছোট মৎস্যজীবী গ্রাম। কিন্তু সিঙ্গাপুরের মানুষ স্বপ্ন দেখেছিলেন, বড় লক্ষ্য স্থির করেছিলেন এবং আজ সেই সিঙ্গাপুরই বিশ্বের বৃহত্তম বাণিজ্যিক কেন্দ্রে পরিণত হয়েছে। আজ দাদরা ও নগর হাভেলি এবং দমন ও দিউ-ও ঠিক তেমনই স্বপ্ন দেখছে। ‘নমো বিমানবন্দর’, দমনগঙ্গা নদীর ওপর আইকনিক সেতু এবং ‘বিচ ফ্রন্ট’-এ কনভেনশন সেন্টারের মতো প্রকল্পের মাধ্যমে আমরা ভবিষ্যতের বড় বড় সংকল্প বাস্তবায়নের ভিত্তি স্থাপন করছি। এই প্রকল্পগুলোর ফলে আপনাদের যাতায়াত সহজ হবে। এখানে ব্যবসার নতুন নতুন সুযোগ সৃষ্টি হবে। দমন-এর উভয় প্রান্তেই উন্নয়নের গতি ত্বরান্বিত হবে।

বন্ধুগণ,

এখানে হসপিটালিটি বা আতিথেয়তা-কেন্দ্রিক অর্থনীতির সুযোগ বাড়বে এবং সেই সঙ্গে ‘ট্রান্সপোর্ট নগর’-এর মতো সুবিধাগুলো বাণিজ্য ও লজিস্টিকস ব্যবস্থায় নতুন গতি সঞ্চার করবে।

 

বন্ধুগণ,

এই অঞ্চলে ‘ব্লু ইকোনমি’বা সমুদ্র-অর্থনীতি নিয়ে আমরা যে রূপরেখা তৈরি করেছি, তা-ও অত্যাধুনিক পরিকাঠামোর শক্তির মাধ্যমেই বাস্তবায়িত হবে। আর তাই, আজই লাক্ষাদ্বীপের কালপেনি ও কাদমাত দ্বীপে আধুনিক বন্দরের ভিত্তিপ্রস্তর স্থাপন করা হচ্ছে। এই সমস্ত প্রচেষ্টা ‘ব্লু ইকোনমি’-র ক্ষেত্রে দেশের শক্তি বৃদ্ধি করবে এবং আমি আগেই বলেছি, এই উদ্যোগগুলি লাক্ষাদ্বীপের ভাগ্য বদলে দেবে।

বন্ধুগণ,

বিজেপি সরকার তথা আমাদের এনডিএ সরকারের কাছে উন্নয়নের প্রধান মাপকাঠি হলো - দরিদ্র, বঞ্চিত, আদিবাসী এবং মধ্যবিত্ত মানুষের জীবনে পরিবর্তন আনা! আর এ কারণেই স্বাস্থ্য  ক্ষেত্র আমাদের কাছে অত্যন্ত অগ্রাধিকারের বিষয়। বিগত বছরগুলোতে স্বাস্থ্যসেবার ক্ষেত্রে দেশ একটি সামগ্রিক দৃষ্টিভঙ্গি নিয়ে এগিয়ে চলেছে। চিকিৎসা সংক্রান্ত প্রতিটি সমস্যার সমাধান আমরা করেছি। আজ  দরিদ্রতম মানুষেরাও 'আয়ুষ্মান কার্ড'-এর সুবিধা পাচ্ছেন। ৫ লক্ষ টাকা পর্যন্ত বিনামূল্যে চিকিৎসার নিশ্চয়তা তাঁদের রয়েছে।  সময়মতো রোগনির্ণয় নিশ্চিত করতে 'প্রধানমন্ত্রী আয়ুষ্মান আরোগ্য মন্দির'-এর ব্যবস্থা করা হয়েছে। 'জন ঔষধি কেন্দ্র'-এর মাধ্যমে সাশ্রয়ী মূল্যে ওষুধও পাওয়া যাচ্ছে। এই পরিষেবাগুলিকে আরও উন্নত ও আধুনিক করে তুলতে, আজ 'আয়ুষ্মান ভারত ডিজিটাল মিশন'-এর মাধ্যমে স্বাস্থ্যসেবাকে প্রযুক্তির  সঙ্গে যুক্ত করা হচ্ছে।

বন্ধুগণ,

শুধুমাত্র আয়ুষ্মান কার্ড এবং জন-ঔষধি কেন্দ্রের সুবাদেই দরিদ্র ও মধ্যবিত্ত শ্রেণীর প্রায় ২.২৫ লক্ষ কোটি টাকা সাশ্রয় হয়েছে।

ভাই ও বোনেরা,

কেন্দ্রীয় সরকারের নীতির ফলে এই অঞ্চলের মানুষও ব্যাপকভাবে উপকৃত হয়েছেন। এক সময় এখানে উন্নত চিকিৎসার সুযোগ-সুবিধার অভাব ছিল। এমনকি এখানে কোনো মেডিকেল কলেজও ছিল না। কিন্তু এখন এখানে একটি মেডিকেল কলেজ রয়েছে এবং সেখানে স্নাতকোত্তর পড়াশোনাও শুরু হয়েছে। সিলভাসার ‘নমো হাসপাতাল’গত এক বছর ধরে হাজার হাজার মানুষের সেবা করে আসছে। আজ দমন-এও ‘নমো হাসপাতাল-এর উদ্বোধন করা হলো। এই অঞ্চলের মানুষ এখন আরও উন্নত স্বাস্থ্যসেবার সুবিধা পাবেন।

 

বন্ধুগণ,

স্বাস্থ্যক্ষেত্রকে আমাদের সরকার কতটা অগ্রাধিকার দিচ্ছে, তা ‘জাতীয় পরিবার স্বাস্থ্য সমীক্ষা’-র ফলাফলেও স্পষ্ট। এক সময় ভারতে অধিকাংশ সন্তান প্রসব হাসপাতালে হতো না। আজ দেশে ৯০ শতাংশেরও বেশি প্রসব হাসপাতালে হচ্ছে। এর ফলে মাতৃমৃত্যু ও শিশুমৃত্যুর হার উল্লেখযোগ্যভাবে কমেছে। ‘মিশন ইন্দ্রধনুষ’-এর কারণে শিশু টিকাকরণের ক্ষেত্রেও ভারত ভালো সাফল্য অর্জন করেছে। ২০১৪ সালের আগে মাত্র ৬০ শতাংশ শিশু সম্পূর্ণ টিকা পেয়েছিল। আজ এই সংখ্যা বেড়ে প্রায় ৯০ শতাংশে পৌঁছেছে। স্বাস্থ্য সুরক্ষার ক্ষেত্রেও বড় পরিবর্তন এসেছে। ২০১৪ সালের আগে ৩০ শতাংশেরও কম পরিবার স্বাস্থ্য বিমা প্রকল্পের আওতাভুক্ত ছিল। আজ ‘আয়ুষ্মান ভারত’সেই পরিসংখ্যানও বদলে দিয়েছে। এখন ৬০ শতাংশেরও বেশি পরিবার এই সুরক্ষার সুবিধা পাচ্ছে।

বন্ধুগণ,

স্বাস্থ্যক্ষেত্রে সরকারের এসব প্রচেষ্টার ফলে যদি কেউ সবচেয়ে বেশি উপকৃত হয়েছেন আমার দেশের মহিলারা।

বন্ধুগণ,

আগে এই অঞ্চলের তরুণ-তরুণীদের উচ্চশিক্ষার জন্য বাইরে যেতে হতো। কিন্তু আজ এখানে একটি নয়, বরং জাতীয় পর্যায়ের অনেক প্রতিষ্ঠান গড়ে উঠেছে। সাম্প্রতিক বছরগুলোতে এখানে নতুন স্কুল ভবন নির্মিত হয়েছে এবং স্কুলগুলোতে ‘স্মার্ট ক্লাসরুম’ও তৈরি করা হয়েছে। ৪০ হাজারেরও বেশি শিক্ষার্থী এর সুফল পাচ্ছে। আমি আনন্দিত যে, এই কেন্দ্রশাসিত অঞ্চলটি শিক্ষার ক্ষেত্রে ক্রমশ এগিয়ে চলেছে। এখানে ‘স্বামী বিবেকানন্দ এডুকেশন হাব’-এর মতো অনেক নির্মাণকাজ হচ্ছে। 

 

ভাই ও বোনেরা,

শিক্ষার এই বিপ্লবে যেন আমাদের মেয়েরা পিছিয়ে না থাকে আমরা সেজন্য দৃঢ় সংকল্প । এ লক্ষ্যে বড় ধরনের অনেক প্রচেষ্টা চালানো হচ্ছে। ‘সরস্বতী সাইকেল যোজনা’ এবং ‘সরস্বতী বিদ্যা যোজনা’-র মতো কর্মসূচিগুলো এখানকার মেয়েদের ব্যাপকভাবে সহায়তা করছে।

বন্ধুগণ,

ভারত আজ এমন এক প্রচেষ্টা চালাচ্ছে যাতে দেশের যুবসমাজ কেবল ডিগ্রির পাশাপাশি সঠিক দিকনির্দেশনাও পায়। তাদের এমন অভিজ্ঞতা ও সুযোগের  সঙ্গে পরিচিত করা প্রয়োজন, যা স্থানীয় প্রতিভাকে বিশ্বমানের সুযোগ-সুবিধার সঙ্গে যুক্ত করতে পারে। ডিজাইন, আইন, প্রকৌশল, চিকিৎসা শিক্ষা, তথ্যপ্রযুক্তি ,ড্রোন এবং নবীকরনযোগ্য শক্তির মতো ক্ষেত্রগুলোতে আমাদের বর্তমান প্রস্তুতি ভারতের কর্মীবাহিনীকে আরও শক্তিশালী করে তুলবে। তাই পেশাগত শিক্ষা প্রতিষ্ঠানের সম্প্রসারণ অত্যন্ত গুরুত্বপূর্ণ।

বন্ধুগণ,

আজ এনআইএফটি-এর অষ্টাদশ ক্যাম্পাসের ভিত্তিপ্রস্তর স্থাপন করা হলো। এই প্রতিষ্ঠানটি এখানকার যুবসমাজকে বিশ্বমানের অভিজ্ঞতার সাথে যুক্ত করবে। আইটিআই দমন-এ ড্রোন টেকনিশিয়ানের মতো নতুন কোর্সও চালু হয়েছে। ‘পিএম বিশ্বকর্মা এবং ‘পিএম সূর্য ঘর বিনামূল্যে বিদ্যুৎ যোজনা’-র মতো প্রশিক্ষণ কর্মসূচিগুলোও যুবসমাজকে উপকৃত করছে।

বন্ধুগণ,

নতুন চিন্তাধারার মাধ্যমে দেশের ক্রীড়াক্ষেত্রকেও এগিয়ে নেওয়া হয়েছে। আমাদের খেলাধুলা এখন আর কেবল বড় শহর বা বড় স্টেডিয়ামের মধ্যে সীমাবদ্ধ নেই। ‘খেলো ইন্ডিয়া’-র মতো উদ্যোগ যুবসমাজকে তাদের প্রতিভা প্রদর্শনের এক নতুন মঞ্চ দিয়েছে। এর ফলে ছোট অঞ্চলের ছেলেমেয়েরাও খেলাধুলার ক্ষেত্রে জাতীয় পর্যায়ে উঠে আসছে এবং এই অঞ্চলটিও এর সুফল পেয়েছে। দিউ আজ বিচ স্পোর্টস বা সমুদ্রতট-কেন্দ্রিক খেলাধুলার একটি বড় কেন্দ্র হিসেবে গড়ে উঠেছে। ঘোগলা বিচে আয়োজিত ‘বিচ গেমস’ও দেশের দৃষ্টি এই অঞ্চলের দিকে আকর্ষণ করেছে। আজ এখানে ক্রমাগত আধুনিক ক্রীড়া পরিকাঠামো গড়ে তোলা হচ্ছে। খানভেল-এর ফুটবল সেন্টার এবং দমন-এর ভলিবল প্রশিক্ষণ কেন্দ্র এখানকার ক্রীড়া সংস্কৃতিকে আরও শক্তিশালী করে তুলছে।

 

বন্ধুগণ,

আজ দেশের বিশেষ মনোযোগ রয়েছে পর্যটন ক্ষেত্রের ওপরও। আমাদের লক্ষ্য হলো পর্যটনের মাধ্যমে স্থানীয় শিল্প ও সংস্কৃতির প্রসার ঘটানো। ছোট ছোট জায়গাকেও বড় বড় সুযোগ-সুবিধার সঙ্গে যুক্ত করা। ‘দেখো আপনা দেশ’-এর মতো উদ্যোগ মানুষকে দেশের বৈচিত্র্য সম্পর্কে জানতে অনুপ্রাণিত করেছে। আজ ভারতে হেরিটেজ ট্যুরিজম, বিচ ট্যুরিজম, ইকো-ট্যুরিজম এবং অ্যাডভেঞ্চার ট্যুরিজম নতুন প্রাণশক্তি পাচ্ছে।

বন্ধুগণ,

দাদরা ও নগর হাভেলি এবং দমন ও দিউ-তেও পর্যটন এক বিপুল সম্ভাবনাময় ক্ষেত্র। এই অঞ্চলটি প্রাকৃতিক সৌন্দর্যে সমৃদ্ধ। তাই পর্যটন নিয়ে দেশ যে নীতিগুলো গ্রহণ করেছে, তার ফলে দাদরা ও নগর হাভেলি এবং দমন ও দিউ ব্যাপকভাবে উপকৃত হয়েছে। ২০২১ সালে এখানে প্রায় ৬ লক্ষ পর্যটক এসেছিলেন। ২০২৫ সালে এই সংখ্যা বেড়ে প্রায় ৫০ লক্ষে পৌঁছেছে। অর্থাৎ, মাত্র কয়েক বছরের মধ্যেই পর্যটকদের সংখ্যা প্রায় দশগুণ বেড়েছে। উন্নত পরিকাঠামো, ভালো সুযোগ-সুবিধা এবং পরিচ্ছন্ন সমুদ্রতটের কারণেই এটি সম্ভব হয়েছে। দমন নাইট মার্কেট, রামসেতু সি-ফ্রন্ট, নামোপথ সি-ফ্রন্ট, নানি দমন দুর্গ, গঙ্গেশ্বর মন্দির চত্বর - এমন অসংখ্য স্থান আজ এই পুরো অঞ্চলের নতুন পরিচয় হয়ে উঠছে।

বন্ধুগণ,

দাদরা ও নগর হাভেলি এবং দমন ও দিউ-এর স্বপ্ন পূরণের জন্য আমাদের এখানকার শিল্প-সামর্থ্যও বৃদ্ধি করতে হবে। এটি অত্যন্ত গর্বের বিষয় যে, এই কেন্দ্রশাসিত অঞ্চলটি কৃত্রিম তন্তু বা 'ম্যান-মেড ফাইবার'-এর ক্ষেত্রে নিজের এক স্বতন্ত্র পরিচিতি গড়ে তুলেছে। দাদরা ও নগর হাভেলি আজ 'জাতীয় ম্যান-মেড ফাইবার রাজধানী' হিসেবে স্বীকৃতি পেয়েছে। প্লাস্টিক পণ্য রপ্তানির ক্ষেত্রেও এই অঞ্চলটি ক্রমাগত এগিয়ে চলেছে। এখানকার শিল্প ও এমএসএমই-গুলোকে সহায়তা করার জন্য সরকার নিরন্তর প্রচেষ্টা চালিয়ে যাচ্ছে। এখানকার এমএসএমই এবং অন্যান্য শিল্পকে কোটি কোটি টাকার আর্থিক সহায়তা প্রদান করা হয়েছে। এই কেন্দ্রশাসিত অঞ্চলের ক্ষুদ্র ও কুটির শিল্পের জন্য নতুন নতুন সুযোগ সৃষ্টি হচ্ছে। আমি নিশ্চিত যে, আগামী দিনে এই অঞ্চলটি উৎপাদন শিল্পের এক বিশাল কেন্দ্রে পরিণত হবে।

বন্ধুগণ,

যখন সংবেদনশীল শাসনব্যবস্থার সঙ্গে উন্নয়নের দূরদর্শী চিন্তাধারার মেলবন্ধন ঘটে, তখন বাস্তবে দ্রুত রূপান্তর হয়। দাদরা ও নগর হাভেলি এবং দমন ও দিউ-তে আমাদের প্রচেষ্টার সুফল দেখে আমি অত্যন্ত সন্তোষ বোধ করছি। এ অঞ্চলের মানুষের ওপর আমার পূর্ণ আস্থা রয়েছে। এখানকার যুবসমাজ, মা ও বোনেরা, কৃষক, কারিগর, শ্রমিক এবং উদ্যোক্তারা আগামী বছরগুলোতে উন্নয়নের এই যাত্রাকে আরও এগিয়ে নিয়ে যাবেন। আমি আপনাদের নিশ্চিত করছি যে, আপনাদের স্বপ্ন পূরণে কেন্দ্রীয় সরকার সর্বদা আপনাদের পাশে থাকবে। এই বিশ্বাস নিয়ে, উন্নয়নমূলক প্রকল্পগুলোর জন্য আমি আপনাদের আবারও অনেক অনেক অভিনন্দন জানাচ্ছি। আমার সঙ্গে বলুন - ভারত মাতা কি জয়! ভারত মাতা কি জয়! ভারত মাতা কি জয়!
আপনাদের অনেক ধন্যবাদ।