गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में उत्कृष्ट कार्यकाल के दौरान, श्री नरेन्द्र मोदी को, पिछले एक दशक में गुजरात में जो शानदार विकास कार्य हुए है उनके लिए, विभिन्न पुरस्कार मिले हैं। श्री मोदीजी को खुद को मिले विभिन्न पुरस्कारों के अलावा, उनके प्रेरणात्मक नेतृत्व के परिणामस्वरूप गुजरात सरकार के विभिन्न विभाग भी उनकी किसी भी योजना या कार्यक्रम में सफल हुए हैं लिहाजा उन्होंने खुद भी कई पुरस्कार प्राप्त किये हैं।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय महिमा
यह बहुत खुशी की बात है कि लगातार पांच साल के लिए, श्री नरेन्द्र मोदी इंडिया टुडे के जनमत सर्वेक्षण के अनुसार सर्वश्रेष्ठ मुख्यमंत्री के रूप में उभरे हैं। जनमत सर्वेक्षण दर्शाता है कि श्री मोदीजी की लोकप्रियता जितनी गुजरात के अंदर है उतनी ही गुजरात के बाहर भी है। जिन लोगों ने मुख्यमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को गुजरात के विकास के लिए अथक रूप से काम करते हुए देखा है, वे जानते हैं कि कैसे उन्होंने कड़ी मेहनत से ‘सबका साथ, सबका विकास’ मंत्र के साथ सम्मिलित विकास का एजेंडा निर्धारित किया है।
श्री मोदीजी के काम ने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का भी ध्यान खींचा है। वर्ष २०१२ की शुरुआत में, वे ‘भारतीय कारोबार की संस्थापना में उत्कृष्ट योगदान’ के लिए सीएनबीसी टीवी-१८ पुरस्कार से सम्मानित किये गए थे। वाइब्रेंट गुजरात शिखर सम्मेलन, गुजरात में आर्थिक वातावरण और गुजरात में रिकॉर्ड निवेश की सफलता श्री नरेन्द्र मोदी को ऐसे पुरस्कारों के लिए सबसे उचित सार्वजनिक व्यक्ति के रूप में सिद्ध करती है।
नवम्बर २०११ में, कम्प्यूटर सोसायटी ऑफ इंडिया ने ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें पुरस्कार और ‘ई-रत्न’ खिताब द्वारा सम्मानित किया था। मुख्यमंत्री कार्यालय ने अपनी इन्फोर्मेशन ऍन्ड कम्युनिकेशन टॅक्नोलॉजी (आई.सी.टी.) आधारित पहल के लिए सी.एस.आई. निहिलेंट ई-गवर्नेन्स अवार्ड्स २०११ में ‘अवार्ड ऑफ एक्सी लेंस – डिपार्टमेंटल लेवल’ जीता। इसके अतिरिक्त, पिछले साल के अंत में मुख्य)मंत्री कार्यालय में ई-गवर्नेन्स की योजनाएँ और आई.सी.टी. आधारित पहल आयोजित हुई। ई-इंडिया समिट में ‘बेस्टे गवर्नमेंट टू सिटीजेन इनिशिएटिव ऑफ द यीअर अवार्ड’ भी प्रदान किया गया था। मुख्यमंत्री श्री मोदी टॅक्नोलॉजी की शक्ति में बहुत विश्वास रखते हैं लेकिन खास बात यह है, उन्होंने सरकार के कामकाज में भी आधुनिक टॅक्नोलॉजी को शामिल कर लिया है ताकि सेवा पहुँचाना आसान हो जाए।

ई-रत्न पुरस्कार स्वीकार करते हुए श्री नरेन्द्र मोदी
‘स्वागत’ (टॅक्नोलॉजी के उपयोग द्वारा राज्यव्यापी शिकायतों पर ध्यान देना) नामक शिकायत निवारण पहल की शानदार सफलता श्री नरेन्द्र मोदी के लिए एक महान सीमाचिह्न साबित हुई है, जिनकी दूरदर्शिता के कारण इस पहल का निर्माण और बाद में विस्तार हो सका। २००३ में शुरू हुई ‘स्वागत’ ने गुजरात में शिकायत निवारण सेवा में क्रांतिकारी परिवर्तन किया है, जिसने राज्य के लोगों को मुख्यमंत्री सहित, राज्य के सर्वोच्च अधिकारियों के साथ सीधे संपर्क करने के लिए सक्षम किया है। सार्वजनिक सेवाओं के प्रदान में अपनी भूमिका में परिवर्तन लाने के लिए ‘स्वागत’ ने प्रतिष्ठित ‘संयुक्त राष्ट्र लोकसेवा पुरस्कार’ जीता है। हाल ही में, उसने ‘सार्वजनिक सेवाओं में सुधार’ के लिए ‘सी.एक्स.ओ.-२०११’ पुरस्कार भी जीता है। भूतकाल में इसे राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिला है।

गौरवपूर्ण पुरस्कारों और उपलब्धियों की सूची यहाँ समाप्त नहीं हो रही है। स्वास्थ्य से लेकर बुनियादी सुविधाओं तक, पर्यटन से पंचायती राज तक गुजरात सरकार के सारे विभाग अदभुत काम कर रहे हैं, जिसके लिए उन्हें लगातार सम्मानित किया जाता है।
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